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Saturday, December 27, 2025

Evolving Information Landscape: Making Libraries Future-ReadyOrganizer: Indian Institute of Management (IIM) Kashipur, India, Dates:16-18 April, 2026


The International Conference of Asian Libraries (ICAL) 2026 addresses the pivotal transformation required for libraries in the 21st century. As artificial intelligence, immersive technologies, and digital evolution reshape the information ecosystem, libraries must transition from being static repositories to dynamic, participatory hubs of connection and creation.

Hosted by IIM Kashipur, this conference moves beyond theory to provide actionable strategies for library leaders, professionals, technologists, and policymakers. It aims to explore the unique challenges and opportunities within Asia's diverse socio-digital landscape, fostering localized solutions to global trends.

The program is structured around critical, interlinked sub-themes essential for future readiness, redefining the library's mission from collections to community connections.

ICAL 2026 is a vital call to action. We invite you to join this crucial conversation and co-create the blueprint for the future-ready library, ensuring it leads in building a more informed, connected, and equitable society.

Title: Evolving Information Landscape: Making Libraries Future-Ready
Organizer: Indian Institute of Management (IIM) Kashipur, India
Dates:16-18 April, 2026


Link for *online registration:* https://forms.gle/2A7GNVT2MLFvF2dq6

Friday, December 26, 2025

स्कूलों में क्लास VI से IX और XI के लिए नॉर्मल क्लास फिर से शुरू .....

 नेशनल कैपिटल रीजन और आस-पास के इलाकों में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने अपने ऑर्डर नंबर 120017/27/GRAP/2021/CAQM-1523 DT तारीख 24.12.2025 (कॉपी साथ में) में GRAP के स्टेज IV (‘गंभीर+ एयर क्वालिटी >450) के तहत कार्रवाई रद्द करने का फैसला किया है। ऊपर दिए गए ऑर्डर का पालन करते हुए, DOE, NDMC, MCD और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के सभी सरकारी, सरकारी मदद वाले, बिना मदद वाले मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों के हेड को निर्देश दिया जाता है कि वे क्लास VI से IX और XI के स्टूडेंट्स के लिए स्कूलों में नॉर्मल (फिजिकल मोड में) क्लास चलाएं। 

क्लास V तक के स्टूडेंट्स के लिए क्लास हाइब्रिड मोड में चलाई जाएंगी, यानी फिजिकल और ऑनलाइन दोनों मोड में (जहां भी ऑनलाइन मोड मुमकिन हो) अगले ऑर्डर तक तुरंत प्रभाव से। 

यह बताना ज़रूरी है कि क्लास X और XII के स्टूडेंट्स के लिए क्लास फिजिकल मोड में चल रही हैं और फिजिकल मोड में ही चलती रहेंगी। इसके अलावा, सभी स्कूल हेड्स को यह जानकारी तुरंत स्टूडेंट्स के पेरेंट्स और गार्जियन तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।






Friday, December 19, 2025

CLAT 2026 का रिजल्ट घोषित, परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट https://result1.consortiumofnlus.ac.in/ पर जाकर देख सकते हैं।

 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के संघ (Consortium of National Law Universities) ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2026 का रिजल्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट https://result1.consortiumofnlus.ac.in/ पर जाकर देख सकते हैं।

CLAT 2026 परीक्षा के लिए कुल करीब 92,000 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से UG कोर्स के लिए 75,009 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए

जबकि पीजी कोर्स के लिए 17,335 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी।

जानकारी के अनुसार, परीक्षा के बाद प्राप्त अंकों की 14 और 15 दिसंबर 2025 को गणना और सत्यापन किया गया। इसके बाद तैयार किए गए परिणाम को 16 दिसंबर 2025 को CNLUs के गवर्निंग बॉडी के सामने मंजूरी के लिए रखा गया। मंजूरी मिलने के बाद रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया गया।

क्लैट 2026 की UG परीक्षा में कुल 5 सेक्शन थे, जिनमें 120 प्रश्न पूछे गए थे। हालांकि, इनमें से एक प्रश्न को हटा दिया गया, जिसके बाद अंतिम मूल्यांकन 119 अंकों के आधार पर किया गया।

वहीं, PG परीक्षा में भी कुल 120 प्रश्न शामिल थे। अंतिम आंसर की में कुछ छोटे बदलाव किए गए और पीजी परीक्षा का मूल्यांकन भी 119 अंकों के आधार पर ही किया गया।


CLAT परीक्षा में सबसे ज्यादा अंक कितने रहे?

क्लैट 2026 में यूजी कैटेगरी में सबसे अधिक अंक 112.75 रहे, 

जबकि PG कैटेगरी में उच्चतम स्कोर 104.25 अंक दर्ज किया गया

कंसोर्टियम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार परीक्षा में कुल करीब 96 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई, जो उम्मीदवारों की मजबूत भागीदारी को दर्शाती है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों में लगभग 57 प्रतिशत महिलाएं थीं, जबकि 43 प्रतिशत पुरुष उम्मीदवार रहे।

इसके अलावा, ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों ने भी क्लैट 2026 परीक्षा में भाग लिया। आधिकारिक दस्तावेज में जेंडर और परीक्षा शहर के अनुसार प्रदर्शन का विवरण भी साझा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार नई दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से उम्मीदवारों का प्रदर्शन खासा अच्छा रहा।


Tuesday, December 16, 2025

GGSIPU BBA-LLB 2nd, 4th, 6th & 8th Semester Previous Year End Term Examination Question Papers (2019 - 2025)

 

GGSIPU

BBA-LLB

2nd Semester

End Term Examination

2019 - 2025






GGSIPU

BBA-LLB

4th Semester

End Term Examination

2019 - 2025


GGSIPU

BBA-LLB

6th Semester

End Term Examination

2019 - 2025


GGSIPU

BBA-LLB

8th Semester

End Term Examination

2019 - 2025







GGSIPU BA-LLB 2nd, 4th, 6th & 8th Semester Previous Year End Term Examination Question Papers (2019 - 2025)

 

GGSIPU

BA-LLB

2nd Semester

End Term Examination

2019 - 2025



GGSIPU

BA-LLB

4th Semester

End Term Examination

2019 - 2025



GGSIPU

BA-LLB

6th Semester

End Term Examination

2019 - 2025





GGSIPU

BA-LLB

8th Semester

End Term Examination

2019 - 2025






CUET PG 2026 एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 14 दिसंबर से शुरू हो रही है


देशभर की विभिन्न यूनिवर्सिटी/ संस्थानों में पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की सोच रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( NTA) की ओर से CUET PG 2026 एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 14 दिसंबर से शुरू हो रही है। इच्छुक छात्र जो अगले सत्र में पीजी कोर्स करने जा रहे हैं वे ऑनलाइन माध्यम से NTA की ऑफिशियल वेबसाइट https://exams.nta.nic.in/cuet-pg/ पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।

 ऑनलाइन फॉर्म भरने की लास्ट डेट 14 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।


कौन कर सकता है अप्लाई?


सीयूईटी पीजी 2026 एग्जाम में भाग लेने के लिए छात्र का स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके अलावा जो छात्र ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष/ सेमेस्टर में अध्ययनरत हैं वे भी इस परीक्षा के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस एग्जाम में भाग लेने के लिए किसी भी प्रकार की आयु सीमा का बंधन नहीं है।
































































Monday, December 15, 2025

GGSIPU BBA-LLB 1st, 3rd, 5th, 7th & 9th Semester Previous Year End Term Examination Question Papers (2019 - 2024)

 


GGSIPU

BBA-LLB

1st Semester

End Term Examination

2019 - 2024




GGSIPU

BBA-LLB

3rd Semester

End Term Examination

2019 - 2024







GGSIPU

BBA-LLB

5th Semester

End Term Examination

2019 - 2024



GGSIPU

BBA-LLB

7th Semester

End Term Examination

2019 - 2024



GGSIPU

BBA-LLB

9th Semester

End Term Examination

2019 - 2024




Saturday, December 13, 2025

GGSIPU BA-LLB 1st, 3rd, 5th, 7th & 9th Semester Previous Year End Term Examination Question Papers (2019 - 2024)




GGSIPU

BA-LLB

1st Semester

End Term Examination

2019 - 2024







GGSIPU

BA-LLB

3rd Semester

End Term Examination

2019 - 2024



GGSIPU

BA-LLB

5th Semester

End Term Examination

2019 - 2024


GGSIPU

BA-LLB

7th Semester

End Term Examination

2019 - 2024



GGSIPU

BA-LLB

9th Semester

End Term Examination

2019 - 2024








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Friday, November 28, 2025

दिल्ली सरकार ने नर्सरी, केजी और पहली क्लास में एडमिशन का शेड्यूल जारी किया, 4 दिसंबर से शुरू होंगे आवेदन

दिल्ली सरकार ने एकेडमिक ईयर 2026-27 के लिए नर्सरी, केजी और पहली कक्षा में एडमिशन का शेड्यूल जारी कर दिया है। दिल्ली के करीब 1700 से अधिक प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल के एडमिशन 4 दिसंबर 2025 से शुरू होंगे। शिक्षा निदेशालय ने साफ कहा है कि ड्रॉ चाहे कंप्यूटर से हो या पर्चियों से पेरेंट्स की मौजूदगी में ट्रांसपेरेंट ढंग से किया जाएगा।

दिल्ली नर्सरी एडमिशन के फॉर्म कब तक भरे जाएंगे?

एकेडमिक ईयर 2026-27 के लिए जारी शेड्यूल के अनुसार, पेरेंट्स शिक्षा निदेशालय, दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट https://edudel.nic.in/ पर जाकर एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं। पेरेंट्स 4 दिसंबर से 27 दिसंबर 2025 तक एप्लीकेशन फॉर्म जमा कर सकेंगे।

दिल्ली नर्सरी एडमिशन 2026 आयु मानदंड 

क्लास                       आयु सीमा

नर्सरी (प्री-स्कूल) 3-4 साल (31 मार्च 2026 तक)

केजी (प्री-प्राइमरी) 4-5 साल

कक्षा 1                 5-6 साल

आयु सीमा में छूट स्कूल हेड अपनी मर्जी से एक महीने तक आयु सीमा में छूट दे सकते हैं।


दिल्ली नर्सरी एडमिशन का शेड्यूल


कार्यक्रम                                                                           तारीख

दिल्ली एंट्री लेवल स्कूल एडमिशन के रजिस्ट्रेशन शुरू       4 दिसंबर 2025

आवेदन जमा करने की लास्ट डेट                               27 दिसंबर 2025
चुने गए स्टूडेंट्स की पहली लिस्ट (वेटिंग लिस्ट के साथ)   23 जनवरी 2026
पॉइंट्स बांटने के बारे में सवाल पूछने का मौका               24 जनवरी से 3 फरवरी 2026

दूसरी सेलेक्शन लिस्ट                                                  9 फरवरी 2026

लिस्ट को लेकर पेरेंट्स की समस्या का समाधान              10 से 16 फरवरी 2026

खाली सीटों के आधार पर कोई अन्य लिस्ट                     5 मार्च

प्रवेश प्रक्रिया का समापन                                            19 मार्च 2026


आवेदन कैसे करें?

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://edudel.nic.in/ पर जाएं।
  • इसके बाद नर्सरी प्रवेश के लिंक पर क्लिक करें।
  • निर्धारित जगह पर जरूरी जानकारी को दर्ज करके आवेदन फॉर्म भर दें।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट्स, जैसे पते का प्रमाण और जन्म प्रमाण पत्र अपलोड करके 25 रुपये की आवेदन फीस अदा करें।
  • फॉर्म जमा करें और संदर्भ के लिए एक प्रति डाउनलोड करें।


ड्रॉ ऑफ लॉट पेरेंट्स की मौजूदगी में किया जाना चाहिए और वीडियो रिकॉर्ड किया जाना चाहिए

फेयर एडमिशन पर अपना रुख दोहराते हुए, DoE ने स्कूलों को पहले के क्राइटेरिया से बचने का निर्देश दिया है। डिपार्टमेंट ने इसे खत्म कर दिया था और दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे बरकरार रखा था। इसने इंस्टीट्यूशन्स को एडमिशन क्राइटेरिया बनाते समय राइट्स ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज एक्ट का पालन करने की भी याद दिलाई है।

स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर सभी क्राइटेरिया के पॉइंट्स का ब्रेकडाउन पब्लिकली दिखाना होगा और ओपन सीट्स के तहत एडमिशन पाने वाले बच्चों की डिटेल्स अपलोड करनी होंगी, जिसमें अलॉट किए गए पॉइंट्स भी शामिल हैं। ट्रांसपेरेंसी पक्की करने के लिए, सर्कुलर में कहा गया है कि कोई भी ड्रॉ ऑफ लॉट पेरेंट्स की मौजूदगी में किया जाना चाहिए और वीडियो रिकॉर्ड किया जाना चाहिए।

सर्कुलर में दोहराया गया है कि कैपिटेशन फीस लेना या माता-पिता को स्कूल का प्रॉस्पेक्टस खरीदने के लिए मजबूर करना पूरी तरह से मना है। स्कूल रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर सिर्फ 25 रुपये ले सकते हैं, जो वापस नहीं होंगे। एक डिस्ट्रिक्ट-लेवल मॉनिटरिंग सेल सभी स्कूलों में नियमों के पालन पर नज़र रखेगा और एडमिशन साइकिल के दौरान माता-पिता की किसी भी शिकायत को दूर करेगा।







एमिटी यूनिवर्सिटी की लापरवाही पर सवाल, एक स्टूडेंट अपनी परेशानी के लिए तमाम मिन्नतें करती रही, लेकिन एमिटी यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने उसकी एक ना सुनी, लिहाजा वो इंसाफ मांगने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची और उसने यूनिवर्सिटी की करतूत का काला-चिट्ठा खोला।सुप्रीम कोर्ट ने दिया सख्त आदेश, जांच के घेरे में देश की सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज

सर्वोच्च अदालत ने प्राइवेट और डीम्ड विश्वविद्यालयों को लेकर अब तक की सबसे सख्त और बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है, सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में चल रहे सभी प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज का नेशनवाइड ऑडिट (राष्ट्रीय स्तर पर जांच) कराने का आदेश दिया है। यह फैसला एक छात्रा की शिकायत से शुरू होकर अब पूरे उच्च शिक्षा तंत्र की गहन जांच में बदल गया है। अदालत ने केंद्र सरकार, सभी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और यूजीसी (UGC) को निर्देश दिया है कि वे हलफनामा (Affidavit) देकर बताएं कि ये विश्वविद्यालय कैसे बने, कौन इन्हें चलाता है, इनके पास कौन-कौन से रेगुलेटरी परमिशन हैं और क्या ये सच में नॉन-प्रॉफिट (लाभ के लिए नहीं) के रूप में काम कर रहे हैं। 

एक याचिका से देश के सभी प्राइवेट और डीम्ड विश्वविद्यालय लपेटे में

मामला एमिटी यूनिवर्सिटी की छात्रा आयशा जैन की याचिका से शुरू हुआ। आयशा ने आरोप लगाया कि उन्होंने कानूनी रूप से अपना नाम बदला था, लेकिन इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया और कक्षाओं में जाने से रोक दिया। यह सिर्फ एक छात्रा का मामला था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे पूरे प्राइवेट यूनिवर्सिटी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का आधार बना लिया। अदालत अब यह जांचना चाहती है कि क्या देश की प्राइवेट यूनिवर्सिटीज सही नियमों के तहत काम कर रही हैं या नहीं। 

विश्वविद्यालय के जमीन लेने से लेकर UGC की जिम्मेदारियों तक सबकी होगी जांच

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि अब यह देखा जाएगा कि ये विश्वविद्यालय जमीन कैसे लेते हैं, कुलपति और अन्य अधिकारी कैसे नियुक्त होते हैं, वित्तीय लेन-देन कैसे होता है और छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए क्या पारदर्शी व्यवस्था है या नहीं। अदालत का खास ध्यान इस बात पर भी है कि UGC और अन्य नियामक संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से निभा रही हैं या नहीं। 

पहले भी कोर्ट उठा चुका ऐसे कदम

यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट ने इस सेक्टर पर सख्ती दिखाई हो, साल 2005 में कोर्ट ने छत्तीसगढ़ का प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट रद्द कर दिया था, जिसके तहत बिना सही इंफ्रास्ट्रक्चर के 100 से ज्यादा फर्जी विश्वविद्यालय चल रहे थे। वहीं, 2009 में केंद्र सरकार की जांच में 44 डीम्ड विश्वविद्यालयों को अयोग्य पाया गया था। इसके अलावा, 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने अवैध Distance Learning के जरिए दी गई इंजीनियरिंग डिग्रियों को रद्द कर दिया था और डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ को बिना अनुमति ऐसे कोर्स चलाने से रोक दिया था। 

लंबे समय से नहीं हो रहा नियमों का पालन

इस बार अदालत के तेवर और भी कड़े हैं, कोर्ट ने केंद्र और राज्यों के मुख्य सचिवों से लेकर UGC चेयरमैन तक से व्यक्तिगत जवाबदेही मांगी है। UGC अधिकारी के मुताबिक “लंबे समय से नियमों के पालन में कमियां रही हैं। यह जनता का भरोसा फिर से बनाने का मौका है”। अधिकारी ने यह भी बताया कि आयशा जैन के मामले में UGC ने यूनिवर्सिटी को नाम बदलने के अनुरोध पर विचार करने की सिफारिश की थी। 

इस फैसले से प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में खलबली मच गई है। एक नामी स्टेट प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कुलपति ने कहा, “हम पारदर्शिता के पक्ष में हैं, लेकिन कुछ गलत संस्थानों की वजह से सभी को एक ही नजर से देखे जाने का डर है”। 

बेहद अहम समय पर लिया गया यह फैसला

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फैसले का समय भी बहुत अहम है। केंद्र सरकार जल्द ही संसद में Higher Education Commission of India (HECI) Bill लाने की तैयारी में है, जिसके तहत UGC, AICTE और अन्य नियामक संस्थाओं को मिलाकर एक नई संस्था बनाई जाएगी। एक एजुकेशन पॉलिसी एक्सपर्ट के मुताबिक पहले भी 2017 में ओडिशा लिफ्ट केस में कुछ विश्वविद्यालयों का मामला सभी डीम्ड यूनिवर्सिटीज पर भारी पड़ गया था। अब उम्मीद है कि यह मामला HECI बिल के जरिए परमानेंट पॉलिसी समाधान तक पहुंचेगा। 

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश भारत के प्राइवेट हायर एजुकेशन सेक्टर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। अब यह तय होगा कि देश की प्राइवेट यूनिवर्सिटीज वाकई छात्रों के हित में काम कर रही हैं या सिर्फ बिजनेस बनकर रह गई हैं। 




Wednesday, November 19, 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार दिनांक 17 नवंबर को बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय, लखनऊ के दीक्षांत समारोह में युवाओं को ‘शिक्षक’ के रूप में रास्ता दिखाया। उन्होंने युवाओं को हमेशा प्रयास करते रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि प्रयास करने से सब कुछ हो सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार दिनांक 17 नवंबर को बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय, लखनऊ के दीक्षांत समारोह में युवाओं को ‘शिक्षक’ के रूप में रास्ता दिखाया। उन्होंने युवाओं को हमेशा प्रयास करते रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि प्रयास करने से सब कुछ हो सकता है, जीवन में सफलता के दो ही मार्ग हैं। समाधान की तरफ जाएंगे तो सफलता प्राप्त होगी। समस्या को बार-बार गिनाते रहेंगे तो सफल नहीं हो सकते। समस्या की बजाय समाधान पर ध्यान दीजिए। सभी लोग मिलकर जब सामूहिक रूप से प्रयास करेंगे तो समाधान मिलेगा। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में सदा नया सीखने का अवसर प्राप्त होता है। अलग-अलग क्षेत्र हमें नए अवसरों को ढूंढने का प्रयास करना चाहिए। कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं है, बल्कि योग्य योजक चाहिए। संस्थान, बॉस, आचार्य, अभिभावक और व्यक्ति भावी पीढ़ी के लिए योजक बन सकते हैं। जीवन में धैर्य, संतुलन खोए बिना अडिग होकर बढ़ेंगे तो सफलता कदम चूमेगी। 

योगी आदित्यनाथ जी ने दीक्षांत समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास, विश्वविद्यालय के रचनाकार पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास गुप्ता को भी याद किया। सीएम योगी ने 2011 में विश्वविद्यालय बनने के बाद से यहां के एकेडमिक एक्टिविटीज व खेल की तारीफ की। 

जब हमने दुनिया का अनुसरण शुरू किया तो हमारी ताकत भी कम होती गई। सीएम योगी ने कहा कि यह केवल दीक्षांत समारोह नहीं है बल्कि इंडियाज ट्रांसफॉर्मिंग जनरेशन का एक उदाहरण भी है। जो विद्यार्थी उपाधि प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में उनके विजनरी लीडरशिप में देश-प्रदेश नई गति प्राप्त करेगा। सीएम योगी ने भारत की प्राचीन गुरुकुल प्रणाली के समावर्तन समारोह और उसके परिवर्तित रूप दीक्षांत समारोह की भी व्याख्या की। उन्होंने कहा कि हम जो करते थे, दुनिया उसका अनुसरण करती थी। जब हमने दुनिया का अनुसरण शुरू किया तो हमारी ताकत भी कम होती गई।

सीएम योगी ने कहा कि बाबू बनारसी दास के संघर्षों, आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में उनके योगदान और स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश कैसा बनना चाहिए, इस पर उनके प्रयास की भी चर्चा की। सीएम ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में हम जिन भी वर्तमान कार्ययोजनाओं को बढ़ाने में सफल होते हैं, उनमें कहीं न कहीं भाव इन्हीं विभूतियों के छिपे होते हैं। जो इन्होंने उस समय यूपी के बारे में सोचा था, हमें उत्तर प्रदेश में उन्हें मूर्त रूप प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। कृतज्ञता का भाव सदैव मन में होना चाहिए। 

पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने लगाई लंबी छलांग 

सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने लंबी छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया खेलो के माध्यम से 2014 में एक अभियान चलाया। फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद प्रतिस्पर्धा के माध्यम से खेलकूद के प्रति भाव पैदा करने की नई प्रेरणा प्रदान की। आज खेल दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है। किसी एकेडमिक संस्था में खेल भी महत्वपूर्ण हिस्सा हो और उसके पास भव्य स्टेडियम, बैडमिंटन एकेडमी हो, यह बीबीडी की बड़ी उपलब्धि है।

10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया अनुगमन करेगी

सीएम योगी ने कहा कि यह केवल रूटीन की डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं है, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के नए हब के रूप में बीबीडी को स्थापित करने के लिए नया प्रयास प्रारंभ हुआ है। दुनिया तकनीक को तेजी से अपना रही है। दुनिया जहां जा रही है, हम उससे 10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया हमारा अनुगमन करने को मजबूर होगी।

11 वर्ष में भारत की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि इसे देख दुनिया भी उसके पीछे चलने के लिए खुद को मजबूर करती है। सीएम योगी ने 2014 के पहले व बाद में देश के प्रति आई धारणा का जिक्र किया। लोगों की हताशा व निराशा को आशा व उत्साह में भरने का कार्य 2014 के बाद देखने को मिला।

पीएम मोदी ने स्केल को स्किल में बदलने का कार्य किया
सीएम योगी ने कहा कि भारत ने हर क्षेत्र में नई छलांग लगाई है। छोटे-छोटे प्रयोग कर भारत ने बताया कि इसके परिणाम क्या हो सकते हैं। मोदी जी ने कहा कि हर गरीब का बैंक अकाउंट होना चाहिए तो नकारात्मक लोग नकारात्मक स्वर बोलने लगे। जिन्हें कुछ नहीं करना होता है, वे सकारात्मक कदम का विरोध करते हैं। कोई चिंता किए बिना मोदी जी ने जीरो बैलेंस पर गरीबों के बैंक अकाउंट खुलवाए, जिससे डीबीटी के माध्यम से बिना किसी कट के शासन की योजनाओं की राशि सीधे गरीबों के खाते में जा रही है। 

इससे देश में 50 करोड़ परिवार जुड़ता दिखाई दे रहा है। यह भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार है। सब कुछ डिजिटल पेमेंट के साथ जुड़ गया है। कभी राजीव गांधी ने कहा था कि हम एक रुपये भेजते हैं, गरीब के पास 15 पैसे जाते हैं पर आज डिजिटल इंडिया मिशन है। 

जब दुनिया की सुपर पावर भी कोरोना के साए में थी, तब भारत कोविड प्रबंधन के साथ ही 2020 में नेशनल एजूकेशन पॉलिसी को लांच कर रहा था। सीएम ने कई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवा की आकांक्षाओं को पंख लगाने की दृष्टि से मोदी जी ने स्केल को स्किल में बदलने का कार्य किया।

बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वय

सीएम योगी ने कहा कि भारत सबसे युवा राष्ट्र है। यहां 56 फीसदी आबादी कामकाजी है। उनके सपनों को उड़ान देने के लिए संस्थानों को तैयार होना है। लखनऊ में बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वय दिखता है। हमें उस दिशा में आगे कार्य करना होगा। 

सीएम ने हर क्षेत्र में AI की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि यह आज की आवश्यकता है, लेकिन वह आपके द्वारा संचालित हो, आप उसके द्वारा न संचालित हो। रोबोटिक में भारत ने लंबी छलांग लगाई है। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कार्य हो रहा, इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट को भी इस दिशा में नए प्रयास को आगे बढ़ाना होगा। युवाओं, किसानों, श्रमिकों समेत अलग-अलग सेक्टर से जुड़े लोगों की उपयोगिता पर बल दिया। 



Monday, November 10, 2025

NIRF (National Institutional Ranking Framework) invites applications for India Rankings 2026

The National Institutional Ranking Framework (NIRF) was launched in 2015 to rank higher educational institutions in the country based on objective criteria to promote competitive excellence in higher educational institutions. NIRF now invites applications for India Rankings 2026, the eleventh edition of this annual exercise.

All the institutions that have participated in the previous India Rankings exercise have been pre-registered. An email in this regard has already been sent to the Heads of the respective institutions to confirm institution details for the India Rankings 2026.

In case your institution is not pre-registered in the above manner and wishes to participate in India Rankings 2026, you are requested to visit our website, i.e., www.nirfindia.org and register your institution by clicking the registration button. 
In case of any query, contact National Board of Accreditation at 

helpdesk@nirfindia.org 

or call at 

011-40159583/87/89.

Registrations will open from 10th November 2025.

Thursday, November 6, 2025

Guru Govind Singh Indraprastha University, Dwarka, Delhi Application are invited for Admissions to PhD. D. Programmes

Guru Govind Singh Indraprastha University, Dwarka, Delhi Application are invited for Admissions to PhD. D. Programme in following discipline of:

Information Technology 
Computer science and Engineering 
Artifical Intelligence - Data Science, Artificial Intelligence - Machine Learning 
Industrial Internet of Things 
Automation and Robotics 
Mechanical & Automation Engineering 
Management 
Chemical Technology 
Biotechnology 
Environmental Science 
Medical Sciences
Mathematics, Chemistry, Physics 
Law and Legal Studies 
Mass Communication, Education, 
Architecture and Planning 
English, Disaster Management, 
Pharmacy and Design 



Wednesday, November 5, 2025

Saturday, November 1, 2025

CLAT 2026: कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 7 नवंबर तक बढ़ा दी है...

लॉ में एडमिशन के इच्छुक छात्र जो अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए हैं उनके लिए खुशखबरी है। कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (CNLU) ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की डेट 7 नवंबर तक बढ़ा दी है। जो उम्मीदवार अभी तक क्लैट 2026 का फॉर्म नहीं भर पाए थे, उन्हें एक और मौका दिया गया है। 

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2025 को बंद होने वाली थी।

कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) भारत के 25 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान किए जाने वाले स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) विधि कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। 

CLAT 2026, 7 दिसंबर, 2025 को आयोजित किया जाएगा। परीक्षा एक ही पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित की जाएगी। 

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

देवउठनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं


देवउठनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं 

Friday, October 31, 2025

CBSE की 10 वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। बोर्ड ने परीक्षा से 110 दिन पहले गुरुवार को डेटशीट जारी कर दी।

दसवीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 मार्च तक और 12वीं की 17 फरवरी से 9 अप्रैल तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षाएं विषयों के अनुसार सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे और दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित की जाएंगी।

सीबीएसई ने कहा कि डेटशीट तैयार करते हुए खास बात का ध्यान रखा गया है कि दोनों कक्षाओं में विद्यार्थियों द्वारा सामान्य लिए जाने वाले दो विषयों के बीच पर्याप्त अंतराल हो। साथ ही 12वीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षाओं की तिथियों को भी ध्यान में रखा गया है।

CBSE के अनुसार, बोर्ड की परीक्षाएं इन प्रवेश परीक्षाओं से काफी पहले ही समाप्त करने का प्रयास किया गया है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट https://www.cbse.gov.in/ पर ली जा सकती है।




Wednesday, October 29, 2025

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिया है कि शिक्षक भर्ती (प्राथमिक) की चल रही प्रक्रिया में अधिक आयु के अभ्यर्थियों को भी आवेदन करने की अनुमति दी जाए। साथ ही यह पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरह से किया जाए

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिया है कि शिक्षक भर्ती (प्राथमिक) की चल रही प्रक्रिया में अधिक आयु के अभ्यर्थियों को भी आवेदन करने की अनुमति दी जाए। साथ ही यह पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरह से किया जाए।

45 याचिकाकर्ताओं ने अधिकतम आयु सीमा को लेकर 10 सितंबर को डीईओएसएसएसबी की विज्ञापन को इस आधार पर चुनौती दी थी कि उम्र सीमा बढ़ाई नहीं गई, जबकि भर्ती प्रक्रिया अप्रैल 2021 में शुरू होनी थी, लेकिन कोविड के कारण देर से शुरू हुई।

डीईओएसएसएसबी ने इस विज्ञापन को मई 2021 में निकाला, इसलिए अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया समय पर होती, तो वे अधिकतम आयु सीमा में आते।

अब केट ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक विलंब का खामियाजा अभ्यर्थियों को नहीं भुगतना चाहिए।

सैकड़ों युवाओं को फायदा
यह फैसला भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे सैकड़ों उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। केट ने यह स्पष्ट किया कि प्रशासनिक देरी के कारण अभ्यर्थियों को बाहर नहीं किया जाना चाहिए।

नई दिल्ली के अन्य शिक्षा संस्थानों में लंबित आयु-सीमा मामलों पर भी प्रभाव डाल सकता है।

अभ्यर्थियों के लिए प्रक्रिया सुगम बनाएं
केट ने डीईओएसएसएसबी व शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिया है कि वे आवेदन की प्रक्रिया अभ्यर्थियों के लिए आसान बनाएं। ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन की अनुमति दें।

मामले की अगली सुनवाई नवंबर में होगी। तब तक आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।


Tuesday, October 28, 2025

Online Applications / Proposal are invited for Grant of Provisional Affiliation / Revalidation of Continuation of Provisional Affiliation for the Academic Year 2026-27 as per existing policy guidelines of Govt. Of NCT of Delhi.

Online Applications / Proposal are invited for Grant of Provisional Affiliation / Revalidation of Continuation of Provisional Affiliation for the Academic Year 2026-27 as per existing policy guidelines of Govt. Of NCT of Delhi. 


The online portal for submitting application / proposal shall be open from 3rd November 2025. 

  • Last Date for online submission for Medical, Para Medical & Nursing Programmes - 17th November 2025 
  • Last Date for Physical Submission - 20th November 2025 

  • Last Date for online submission for Other Programes - 28th November 2025 
  • Last Date for Physical Submission - 2nd December 2025 



Tuesday, October 21, 2025

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।  दीपोत्सव आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए, आप सभी स्वस्थ रहें।

Tuesday, October 14, 2025

साउथ एशियन यूनिवर्सिटी, दिल्ली की एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले ने विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मचा

नई दिल्ली स्थित दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (South Asian University) की एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले ने विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी एक चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। 

घटना 12 अक्टूबर रविवार को विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम के पास हुई जिसको लेकर जानकारी के मुताबिक मैदानगढ़ी थाने में दोपहर करीब 3 बजे पीसीआर को जानकारी कॉल के माध्यम से दी गई। यह कॉल छात्रा के एक परिचित व्यक्ति ने की थी। दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) अंकित चौहान मौके पर पहुचे। 

 यूनिवर्सिटी के सूत्रों के मुताबिक फिलहाल छात्रा को काउंसलिंग के लिए भेजा गया है और उसका मेडिकल परीक्षण भी करवाया गया है। साथ ही छात्रा ने देर शाम तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया था। 

यूनिवर्सिटी प्रशासन का जांच में सहयोग का दावा

विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह पुलिस जांच में सहयोग कर रहा है और इस मामले में पारदर्शिता रखी जाएगी। इसके तहत विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए  एक चार सदस्यीय समिति बनाई है। इस समिति की अध्यक्षता प्रोफेसर संजय चतुर्वेदी कर रहे हैं।कल्पना उज्जैनवाला को समिति की सचिव बनाया गया है, जबकि रितु गौड़ और कविता खन्ना इसके सदस्य हैं। समिति को 10 दिनों  के अंदर डिटेल रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। 

घटना को लेकर यूनिवर्सिटी छात्रों में रोष

इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद सोमवार शाम करीब 6 बजे बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर में इकट्ठा हुए और प्रशासनिक भवन के बाहर धरना प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मामले में कार्रवाई में देरी की और विश्वविद्यालय की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग की है कि पीड़ित छात्रा को न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कार्रवाई की जाए। 

यूनिवर्सिटी प्रशासन का छात्रों की सुरक्षा का दावा

इस बीच, विश्वविद्यालय के पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर (PRO) ने बयान जारी करते हुए कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है। हम सभी छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। 

अभी इस मामले में जांच जारी है और छात्रा के बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय के परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर रही है। 




Monday, October 13, 2025

स्कूल फीस बढ़ोतरी पर सरकार का हस्तक्षेप सिर्फ मुनाफाखोरी या अवैध वसूली मामलों तक सीमित

दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ किया कि शिक्षा विभाग के पास गैर-सहायता प्राप्त (प्राइवेट) स्कूलों द्वारा ली जाने वाली फीस को रेगुलेट करने का अधिकार है। हालांकि, ऐसी पावर या अधिकार व्यवसायीकरण, मुनाफाखोरी और कैपिटेशन फीस वसूलने में शामिल होने से रोकने के उपायों से आगे नहीं बढ़ सकते। 

चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच के फैसले के मुताबिक, ऐसा नहीं है कि स्कूलों द्वारा ली जाने वाली फीस को सरकार रेगुलेट नहीं कर सकती।

कैपिटेशन फीस वसूलने में लिप्त न हों

रेगुलेट करने की इजाजत केवल यह सुनिश्चित करने के लिए है कि ऐसे स्कूल मुनाफाखोरी या शिक्षा के व्यवसायीकरण या कैपिटेशन फीस वसूलने में लिप्त न हों। कोर्ट ने कहा कि इसे रेगुलेट करने के लिए सरकार जो भी तरीके अपनाए, उसके जरिए यह तय करना होगा कि प्राइवेट स्कूल अपने लाभ सरप्लस का इस्तेमाल शैक्षणिक संस्थान के फायदे के अलावा किसी अन्य काम के लिए न करें। फीस स्ट्रक्चर वहां मौजूद बुनियादी ढांचे और अन्य सुविधाओं, टीचरों और कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन और संस्थान के विस्तार या बेहतरी से जुड़ी भावी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए तय किया जाना चाहिए।

स्कूल के खिलाफ की जा सकती है कार्रवाई

डिविजन बेंच ने संबंधित मुद्दे पर अपनी सिंगल बेंच के 7 फरवरी 2024 को सुनाए गए फैसले से पूरी सहमति जताई। उसे चुनौती देने वाली अपीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, हम सिंगल बेंच के फैसले से पूरी तरह सहमत है कि किसी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूल द्वारा ली जाने वाली फीस को तय करने में शिक्षा विभाग के दखल का दायरा उस मामले तक सीमित है, जिसमें स्कूल कैपिटेशन फीस वसूलने में या मुनाफाखोरी में शामिल है। ऐसे में, स्कूलों द्वारा दाखिल की जाने वाली फीस डिटेल की जांच करने पर शिक्षा विभाग को यह पाता चलता है कि स्कूलों द्वारा जमा राशि का खर्च डीएसईए, 1973 या उसके अंतर्गत बनाए गए प्रावधानों के अनुसार नहीं है, तो स्कूल के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सकती है।

फीस वापस करने का निर्देश देने का है अधिकार

मौजूदा मामले में ब्लूबेल्स स्कूल इंटरनेशनल के कुछ बच्चों के पैरंट्स और शिक्षा निदेशालय ने सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थीं। शिक्षा निदेशालय की एक अपील लीलावती मंदिर सीनियर सेकंडरी स्कूल से जुड़ी थी। डिविजन बेंच को यह तय करना था कि क्या शिक्षा विभाग के पास जरूरी अधिकार या पावर है कि वह निजी तौर पर संचालित और गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को डीएसईए, 1973 की धारा 17(3) और 18(4) में निहित प्रावधानों के अनुसार अपनी फीस बढ़ाने से रोक सके। अगर ऐसे किसी स्कूल ने पहले ही फीस बढ़ा दी हो, तो क्या शिक्षा विभाग को स्कूल को स्टूडेंट्स से ली जाने वाली अधिकतम फीस से ज्यादा ली गई फीस वापस करने का निर्देश देने का अधिकार है।




बच्चों को यौन शिक्षा 9 वीं कक्षा से नहीं, बल्कि छोटी उम्र से ही दी जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने जोर देकर कहा है कि बच्चों को यौन शिक्षा 9 वीं कक्षा से नहीं, बल्कि छोटी उम्र से ही दी जानी चाहिए। 

न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में यौन शिक्षा पाठ्यक्रम का हिस्सा होनी चाहिए, ताकि युवा किशोरों को यौवन के साथ आने वाले हार्मोनल परिवर्तनों के बारे में जागरूक किया जा सके। 

पीठ ने कहा, "हमारा मानना ​​है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही यौन शिक्षा दी जानी चाहिए, न कि 9 वीं कक्षा से। संबंधित अधिकारियों को अपने विवेक का प्रयोग करके सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए, ताकि बच्चों को यौवन के बाद होने वाले परिवर्तनों और उनसे संबंधित सावधानियों के बारे में जानकारी मिल सके।"


शीर्ष अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार) और 506 (आपराधिक धमकी) तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) के तहत अपराधों के आरोपी 15 वर्षीय किशोर को ज़मानत देते हुए ये टिप्पणियां की है। 


शीर्ष अदालत ने इससे पहले किशोर न्याय बोर्ड द्वारा तय की जाने वाली शर्तों के अधीन उसे ज़मानत पर रिहा करने का निर्देश दिया था, यह देखते हुए कि वह नाबालिग है। 

गौर करें तो सेक्स एजुकेशन को लेकर हमेशा से ही डिबेट होता रहा है। हालांकि यह एक ऐसा सब्जेक्ट है जिसको लेकर समाज में लंबे समय से विवाद होता रहा है, इतना ही नहीं ये उपेक्षित भी रहा है। 


यौन शिक्षा बच्चों और युवाओं के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए बेहद जरूरी है। यह शिक्षा न केवल बच्चों को उनके शरीर और संबंधों के बारे में जागरूक बनाती है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और हेल्दी जीवन जीने में मदद करती है। एक्सपर्ट से जानिए सेक्स एजुकेशन क्यों जरूरी और बच्चों को कब से देनी चाहिए?


बता दें कि पॉक्सो एक्ट तब लागू होता है कि जब कोई नाबालिग के साथ यौन शोषण होता है। इस घटना तत्काल एफआईआर दर्ज होती है। इतना ही नहीं आरोपी को बिना डिटेल इंकवॉरी के गिरफ्तार कर लिया जाता है। 

इस कानून में जमानत मिलना बड़ा ही मुश्किल होता है। ऐसे में यदि आरोप झूठा हो, तो आरोपी की सामाजिक प्रतिष्ठा खाक में मिल जाती है। उसकी मानसिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

कई बार ये पाया गया है कि पारिवारिक दुश्मनी, प्रेम संबंधों में असहमति में भी इस तरह के केस सामने आते हैं। जमीन-जायदाद के विवाद में भी पॉक्सो एक्ट का बदले की भावना के तहत इस्तेमाल किया जाता है। इससे कानून की गरिमा पर असर पड़ता है, इसके साथ ही न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता में भी कमी आती है। 

बता दें कि POCSO Act (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेन्स एक्ट) को हिंदी में बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम कहा जाता है। इस कानून को साल 2012 में नाबालिग बच्चे-बच्चियों की के लिए लाया गया था। पॉक्सो एक्ट के तहत दोषियों के खिलाफ कड़े सजा का प्रावधान है। अपराधियों को बमुश्किल जमानत मिल पाती है। 




Friday, October 10, 2025

देश की सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को अपनी वेबसाइट इस तरह से बनानी होगी, जिससे छात्र और अभिभावकों को सभी ज़रूरी जानकारियां आसानी से एक ही जगह पर मिल सकें: UGC

देश की सभी यूनिवर्सिटी, इंस्टीट्यूट और कॉलेजों को अपनी वेबसाइट इस तरह से बनानी होगी, जिससे छात्र और अभिभावकों को सभी ज़रूरी जानकारियां आसानी से एक ही जगह पर मिल सकें। यूनिवर्सिटी, कॉलेज की वेबसाइट स्टूडेंट फ्रेंडली होनी चाहिए।

 UGC ने जारी किया आदेश। UGC ने कहा है कि यूनिवर्सिटी की वेबसाइट के होम पेज पर सिंगल डॉक्युमेंट के ज़रिए सभी महत्वपूर्ण जानकारियां मिल जानी चाहिए।

UGC ने 2024 में इस संबंध में गाइडलाइंस जारी की थीं, लेकिन कई यूनिवर्सिटीज़ ने इन दिशानिर्देशों के अनुसार वेबसाइट तैयार नहीं की।

अब UGC ने एक बार फिर पुनः नया आदेश जारी कर कहा है कि प्रत्येक यूनिवर्सिटी की वेबसाइट के होम पेज पर ही सभी जरूरी जानकारी होनी चाहिए — जैसे कि:

ऑफर किए जाने वाले कोर्सेज़
फीस स्ट्रक्चर
रैंकिंग
टीचर्स की डिटेल्स
एडमिशन प्रक्रिया

सारी जानकारी एक ही पेज पर मिलनी चाहिए ताकि छात्र आसानी से हर जानकारी पा सकें।

कई यूनिवर्सिटीज़ की वेबसाइट पर पाई गई कमियाँ:

UGC के सामने कई यूनिवर्सिटीज़ की वेबसाइट की कमियाँ सामने आईं, जिसके बाद UGC को यह आदेश दोबारा जारी करना पड़ा।

UGC ने कहा कि यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर एकेडमिक प्रोग्राम्स, एडमिशन गाइडलाइंस, टीचिंग स्टाफ, स्टूडेंट सपोर्ट सर्विसेज़ (जैसे हॉस्टल, स्कॉलरशिप, ई-संपर्क पोर्टल आदि) की जानकारी स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए।

UGC ने 3 अक्टूबर को जारी अपने आदेश में कहा है कि यूनिवर्सिटी के NAAC स्टेटस, मान्यता और रैंकिंग की जानकारी भी वेबसाइट पर उपलब्ध होनी चाहिए।























Friday, October 3, 2025

NIRF रैंकिंग में अब जल्दी ही निगेटिव मार्किंग भी शामिल की जाएगी

नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में जल्द बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक केवल पॉजिटिव वेटेज के आधार पर रैंकिंग दी जाती थी, लेकिन जल्दी ही निगेटिव मार्किंग भी शामिल की जाएगी। 

यह व्यवस्था विशेष रूप से उन संस्थानों पर लागू होगी जिनके रिसर्च पेपर रिट्रैक्ट किए गए हैं या जिनके कार्य में भ्रामक उद्धरण और डेटा की गड़बड़ी पाई गई है।

शीघ्र सार्वजनिक किए जाएंगे ड्राफ्ट नियम

No No लब है कि NIRF रैंकिंग के दसवें संस्करण की रैंकिंग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जारी की थी। संस्थान के इतिहास में इससे पहले निगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं रहा है। 

नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन (NBA) के चेयरमैन अनिल सहस्रबुद्धे ने बताया कि पहली बार एनआईआरएफ अपने मूल्यांकन में दंडात्मक प्रावधान शामिल करने जा रहा है। उनके अनुसार, "रिसर्च में कदाचार और डेटा में हेरफेर रोकने के लिए यह कदम जरूरी है। ड्राफ्ट नियम जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे।"

अभी इन पांच मानकों के आधार पर मिलती है रैंकिंग

एनआईआरएफ अभी संस्थानों को पांच प्रमुख मानकों पर परखता है -

टीचिंग और लर्निंग
ग्रेजुएशन आउटकम
रिसर्च
आउटरीच
परसेप्शन

2024 साइकिल में इसमें 8,700 से अधिक संस्थानों ने भाग लिया था। इन नतीजों को छात्र, भर्ती एजेंसियां और नीति निर्माता एक अहम पैमाने के रूप में देखते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में कई संस्थानों से बड़ी संख्या में रिसर्च पेपर वापस लिए गए हैं। इस कारण उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। अब तक, रिट्रैक्टेड पेपरों का असर रैंकिंग पर नहीं पड़ता था, जिससे कुछ संस्थान उच्च रैंक हासिल कर लेते थे।

इस मुद्दे को हाल ही में मद्रास हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (PIL) में भी उठाया गया था। याचिका मे आरोप लगाया गया था कि NIRF रैंकिंग केवल संस्थानों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित होती है बिना किसी स्वतंत्र सत्यापन या ऑडिट के

हालांकि केंद्र सरकार ने दखल देकर कोर्ट को आश्वस्त किया कि NIRF वैज्ञानिक तरीके से रैंकिंग जारी करता है, जिसके बाद रोक हटा दी गई।


Thursday, October 2, 2025

विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं

बुराई पर अच्छाई की जीत, असत्य पर सत्य की जीत, अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं

Tuesday, September 30, 2025

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की 2026 की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो सकती हैं

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की 2026 की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो सकती हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि बोर्ड परीक्षाएं लगभग 10 हफ्तों तक चलेंगी। बोर्ड की ओर से जारी संभावित डेटशीट के अनुसार, परीक्षाएं 17 फरवरी से 15 मई तक हो सकती हैं।

इस बार पहली बार 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए दो बार बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएंगी। पहली परीक्षा 17 फरवरी से और दूसरी परीक्षा 15 मई से शुरू होने की संभावना है।

बोर्ड ने जारी की संभावित डेटशीट, बाद में आएगी फाइनल
CBSE ने सभी स्कूलों को सूचना दी है कि 17 फरवरी 2026 से 15 जुलाई 2026 के बीच विभिन्न परीक्षाएं आयोजित होंगी। इन परीक्षाओं में मुख्य परीक्षा के अलावा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं भी शामिल हैं।

परीक्षा की प्रक्रिया को 2 टर्म में बांटा जाएगा:

पहली बोर्ड परीक्षा: 17 फरवरी से

दूसरी बोर्ड परीक्षा: 15 मई से

कुल 204 विषयों में परीक्षाएं होंगी।

NEP के अनुसार होगा बदलाव
नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुसार, 2026 से बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार होंगी। इससे छात्रों को बेहतर प्रदर्शन करने का दूसरा मौका मिलेगा।


देश के सभी शिक्षा बोर्ड के 10वीं और 12वीं के सर्टिफिकेट को समान मान्यता

भारत सरकार ने NCERT को देश के विभिन्न स्कूल शिक्षा बोर्ड के 10वीं और 12वीं के सर्टिफिकेट को समान मान्यता देने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह जिम्मेदारी छात्रों के उच्च शिक्षा संस्थानों में एडमिशन के अलावा केंद्र सरकार व राज्य सरकारों के अधीन रोजगार के उद्देश्यों के लिए निभाई जाएगी।

शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने ई-गजट में एक नोटिस जारी किया। ये नोटिस 15 नवम्बर 2021 के पूर्व नोटिस के जगह लेगी, जिसमें एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) को यह दायित्व सौंपा गया था। नई व्यवस्था के तहत NCERT राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र के जरिए अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।

यह सुनिश्चित करेगा कि समतुल्यता निर्धारण की प्रक्रिया मजबूत, शैक्षणिक रूप से बेहतर और उत्तम शैक्षणिक मानकों के अनुरूप हो।


Tuesday, September 23, 2025

DU में 9 हजार सीटों के लिए आज से मॉपअप राउंड एडमिशन शुरू

दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक दाखिले के लिए बची लगभग 9 हजार सीटों के लिए 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ऑन द स्पॉट मॉपअप राउंड मंगलवार दिनांक 23 सितंबर से शुरू होने जा रहा है।

इस राउंड में प्रवेश मेरिटोरिटी के आधार पर नहीं बल्कि केवल कक्षा 12वीं (या समकक्ष) की मेरिट के आधार पर दाखिला होगा।

विश्वविद्यालय उन कॉलेजों और कार्यक्रमों की खाली सीटें अपनी प्रवेश वेबसाइट पर पर जारी कर चुका है। 



DU के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार यह दाखिला प्रक्रिया 23 सितंबर से 29 सितंबर तक चलेगा। 
इसमें पहले पीडब्ल्यूडी, एससी, एसटी सहित अन्य लोगों को बुलाया गया है। डीयू के स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स स्थित बहुउद्देश्यीय हॉल में आयोजित इस दाखिला प्रक्रिया में सभी कॉलेजों के प्रतिनिधि भी होंगे।

Friday, September 19, 2025

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों में ABVP का अध्यक्ष सहित 3 पदों पर कब्जा, NSUI ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों में ABVP का अध्यक्ष सहित 3 पदों पर कब्जा, NSUI ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उम्मीदवार आर्यन मान को आज 19 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) अध्यक्ष के रूप में विजयी घोषित किया गया है। लगभग 21 राउंड की गिनती के बाद एबीवीपी ने जीत हासिल की।

जहां आर्यन मान ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की, वहीं NSUI के राहुल झांसला ने उपाध्यक्ष, एबीवीपी के कुणाल चौधरी सचिव और एबीवीपी की दीपिका झा ने संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की।

मतपत्र संख्या 3 से चुनाव लड़ रहे मान ने अपना अभियान छात्र कल्याण और परिसर विकास पर केंद्रित किया। उनके प्रमुख वादों में रियायती मेट्रो पास, परिसर में मुफ़्त वाई-फ़ाई, सुगम्यता ऑडिट, बेहतर खेल सुविधाएँ और अंतिम वर्ष के शोध छात्रों के लिए वित्तीय सहायता शामिल थी।

इस वर्ष, 52 केंद्रों के 195 बूथों पर मतदान हुआ, जिसमें दिन और शाम के छात्रों के लिए सुबह और शाम के सत्र थे। 39.45% मतदान हुआ, जो अच्छी भागीदारी दर्शाता है।







Wednesday, September 17, 2025

दिल्ली विश्वविद्यालय में मॉपअप राउंड से दाखिला 23 से, स्टूडेंट्स को उपस्थित होना अनिवार्य

दिल्ली विश्वविद्यालय स्नातक दाखिले के लिए बची लगभग सात हजार रिक्त सीटों के लिए एक और अवसर प्रदान कर रहा है। इन सीटों के लिए 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ऑन द स्पॉट मॉपअप राउंड पहली बार फिजिकल मोड में करने का निर्णय लिया गया है।

आवंटन और प्रवेश (फिजिकल मोड में) 23 सितंबर से शुरू होगा। इस राउंड में प्रवेश CUET के आधार पर नहीं बल्कि कक्षा 12वीं (या समकक्ष) की मेरिट के आधार पर होगा।

ईमेल से उम्मीदवारों को दी जाएगी तारीख की जानकारी
शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को ईमेल से आमंत्रण पत्र भेजा जाएगा, जिसमें रिपोर्ट करने की तारीख और समय लिखा होगा। 

उम्मीदवार को स्वयं उपस्थित होना होगा। प्रतिनिधि को अनुमति नहीं होगी। मल्टीपरपज हॉल में प्रवेश केवल विश्वविद्यालय द्वारा भेजे गए आमंत्रण पत्र पर मिलेगा। आवेदन, एक बार हो जाने के बाद अंतिम होगा। न अपडेट मिलेगा, और न ही वापस लेने का विकल्प। जिसे भी सीट दी जाएगी, उसे तुरंत ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी।

कॉलेजों और कार्यक्रमों की खाली सीटें अपनी प्रवेश वेबसाइट 

पर जल्द ही जारी करेगा। डीयू ने कहा है कि जो उम्मीदवार पहले से पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें
 

पर आवेदन कर 1000 रुपये का नॉन-रिफंडेबल शुल्क देना होगा। 

जो उम्मीदवार पहले से किसी भी कॉलेज/प्रोग्राम में एडमिट हो चुके हैं, वे इस राउंड में भाग नहीं ले सकते।

दिल्ली विश्वविद्यालय ने NCWEB की पहली कट-ऑफ सूची जारी, 28 जुलाई से शुरू होगी ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नॉन-कॉलेजिएट विमेन एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) के अंतर्गत संचालित बी.ए. (प्रोग्राम) ...

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Latest News दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉन-कॉलेजिएट विमेन्स एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक प्रवेश का कार्यक्रम जारी कर दिया है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 8 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगी...