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Tuesday, September 30, 2025

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की 2026 की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो सकती हैं

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की 2026 की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो सकती हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि बोर्ड परीक्षाएं लगभग 10 हफ्तों तक चलेंगी। बोर्ड की ओर से जारी संभावित डेटशीट के अनुसार, परीक्षाएं 17 फरवरी से 15 मई तक हो सकती हैं।

इस बार पहली बार 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए दो बार बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएंगी। पहली परीक्षा 17 फरवरी से और दूसरी परीक्षा 15 मई से शुरू होने की संभावना है।

बोर्ड ने जारी की संभावित डेटशीट, बाद में आएगी फाइनल
CBSE ने सभी स्कूलों को सूचना दी है कि 17 फरवरी 2026 से 15 जुलाई 2026 के बीच विभिन्न परीक्षाएं आयोजित होंगी। इन परीक्षाओं में मुख्य परीक्षा के अलावा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं भी शामिल हैं।

परीक्षा की प्रक्रिया को 2 टर्म में बांटा जाएगा:

पहली बोर्ड परीक्षा: 17 फरवरी से

दूसरी बोर्ड परीक्षा: 15 मई से

कुल 204 विषयों में परीक्षाएं होंगी।

NEP के अनुसार होगा बदलाव
नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुसार, 2026 से बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार होंगी। इससे छात्रों को बेहतर प्रदर्शन करने का दूसरा मौका मिलेगा।


देश के सभी शिक्षा बोर्ड के 10वीं और 12वीं के सर्टिफिकेट को समान मान्यता

भारत सरकार ने NCERT को देश के विभिन्न स्कूल शिक्षा बोर्ड के 10वीं और 12वीं के सर्टिफिकेट को समान मान्यता देने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह जिम्मेदारी छात्रों के उच्च शिक्षा संस्थानों में एडमिशन के अलावा केंद्र सरकार व राज्य सरकारों के अधीन रोजगार के उद्देश्यों के लिए निभाई जाएगी।

शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने ई-गजट में एक नोटिस जारी किया। ये नोटिस 15 नवम्बर 2021 के पूर्व नोटिस के जगह लेगी, जिसमें एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) को यह दायित्व सौंपा गया था। नई व्यवस्था के तहत NCERT राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र के जरिए अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।

यह सुनिश्चित करेगा कि समतुल्यता निर्धारण की प्रक्रिया मजबूत, शैक्षणिक रूप से बेहतर और उत्तम शैक्षणिक मानकों के अनुरूप हो।


Tuesday, September 23, 2025

DU में 9 हजार सीटों के लिए आज से मॉपअप राउंड एडमिशन शुरू

दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक दाखिले के लिए बची लगभग 9 हजार सीटों के लिए 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ऑन द स्पॉट मॉपअप राउंड मंगलवार दिनांक 23 सितंबर से शुरू होने जा रहा है।

इस राउंड में प्रवेश मेरिटोरिटी के आधार पर नहीं बल्कि केवल कक्षा 12वीं (या समकक्ष) की मेरिट के आधार पर दाखिला होगा।

विश्वविद्यालय उन कॉलेजों और कार्यक्रमों की खाली सीटें अपनी प्रवेश वेबसाइट पर पर जारी कर चुका है। 



DU के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार यह दाखिला प्रक्रिया 23 सितंबर से 29 सितंबर तक चलेगा। 
इसमें पहले पीडब्ल्यूडी, एससी, एसटी सहित अन्य लोगों को बुलाया गया है। डीयू के स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स स्थित बहुउद्देश्यीय हॉल में आयोजित इस दाखिला प्रक्रिया में सभी कॉलेजों के प्रतिनिधि भी होंगे।

Friday, September 19, 2025

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों में ABVP का अध्यक्ष सहित 3 पदों पर कब्जा, NSUI ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों में ABVP का अध्यक्ष सहित 3 पदों पर कब्जा, NSUI ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उम्मीदवार आर्यन मान को आज 19 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) अध्यक्ष के रूप में विजयी घोषित किया गया है। लगभग 21 राउंड की गिनती के बाद एबीवीपी ने जीत हासिल की।

जहां आर्यन मान ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की, वहीं NSUI के राहुल झांसला ने उपाध्यक्ष, एबीवीपी के कुणाल चौधरी सचिव और एबीवीपी की दीपिका झा ने संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की।

मतपत्र संख्या 3 से चुनाव लड़ रहे मान ने अपना अभियान छात्र कल्याण और परिसर विकास पर केंद्रित किया। उनके प्रमुख वादों में रियायती मेट्रो पास, परिसर में मुफ़्त वाई-फ़ाई, सुगम्यता ऑडिट, बेहतर खेल सुविधाएँ और अंतिम वर्ष के शोध छात्रों के लिए वित्तीय सहायता शामिल थी।

इस वर्ष, 52 केंद्रों के 195 बूथों पर मतदान हुआ, जिसमें दिन और शाम के छात्रों के लिए सुबह और शाम के सत्र थे। 39.45% मतदान हुआ, जो अच्छी भागीदारी दर्शाता है।







Wednesday, September 17, 2025

दिल्ली विश्वविद्यालय में मॉपअप राउंड से दाखिला 23 से, स्टूडेंट्स को उपस्थित होना अनिवार्य

दिल्ली विश्वविद्यालय स्नातक दाखिले के लिए बची लगभग सात हजार रिक्त सीटों के लिए एक और अवसर प्रदान कर रहा है। इन सीटों के लिए 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ऑन द स्पॉट मॉपअप राउंड पहली बार फिजिकल मोड में करने का निर्णय लिया गया है।

आवंटन और प्रवेश (फिजिकल मोड में) 23 सितंबर से शुरू होगा। इस राउंड में प्रवेश CUET के आधार पर नहीं बल्कि कक्षा 12वीं (या समकक्ष) की मेरिट के आधार पर होगा।

ईमेल से उम्मीदवारों को दी जाएगी तारीख की जानकारी
शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को ईमेल से आमंत्रण पत्र भेजा जाएगा, जिसमें रिपोर्ट करने की तारीख और समय लिखा होगा। 

उम्मीदवार को स्वयं उपस्थित होना होगा। प्रतिनिधि को अनुमति नहीं होगी। मल्टीपरपज हॉल में प्रवेश केवल विश्वविद्यालय द्वारा भेजे गए आमंत्रण पत्र पर मिलेगा। आवेदन, एक बार हो जाने के बाद अंतिम होगा। न अपडेट मिलेगा, और न ही वापस लेने का विकल्प। जिसे भी सीट दी जाएगी, उसे तुरंत ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी।

कॉलेजों और कार्यक्रमों की खाली सीटें अपनी प्रवेश वेबसाइट 

पर जल्द ही जारी करेगा। डीयू ने कहा है कि जो उम्मीदवार पहले से पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें
 

पर आवेदन कर 1000 रुपये का नॉन-रिफंडेबल शुल्क देना होगा। 

जो उम्मीदवार पहले से किसी भी कॉलेज/प्रोग्राम में एडमिट हो चुके हैं, वे इस राउंड में भाग नहीं ले सकते।

Sunday, September 14, 2025

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्जाम (CGL) में लगातार दूसरे दिन भी कैंडिडेट्स को कुछ सेंटर्स पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 12 सितंबर को पहले दिन देश के 6 सेंटर्स पर एग्जाम रद्द करना पड़ा था, वहीं दूसरे दिन यानी गुरुवार को 5 और नए सेंटर्स को एग्जाम के लिए सस्पेंड किया गया।

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्जाम (CGL) में लगातार दूसरे दिन भी कैंडिडेट्स को कुछ सेंटर्स पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 12 सितंबर को पहले दिन देश के 6 सेंटर्स पर एग्जाम रद्द करना पड़ा था, वहीं दूसरे दिन यानी गुरुवार को 5 और नए सेंटर्स को एग्जाम के लिए सस्पेंड किया गया। इन सेंटर्स पर एग्जाम नहीं हो पाया। इससे करीब 24-26 हजार कैंडिडेट्स प्रभावित हुए हैं।

जानकारी के मुताबिक SSC की वेबसाइट पर सस्पेंड किए गए सेंटर्स की पूरी जानकारी दे दी गई है। साथ ही कैंडिडेट्स को नए एग्जाम डेट के बारे में भी सूचना दी जाएगी।

SSC के अधिकारियों का कहना है कि कुछ प्राइवेट इंस्टीट्यूट्स के सेंटर्स पर तकनीकी कारणों के चलते यह परेशानी आई। इनमें नेटवर्क फेलियर, सिस्टम एरर, पावर कट आदि शामिल हैं।

प्रभावित छात्रों के लिए परीक्षा की नई डेट जारी की जाएगी।

SSC टियर 2 का मेन एग्जाम सितंबर में प्रस्तावित, जो लेपटॉप बेस्ड होगा।

दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु के कुछ सेंटर्स पर एग्जाम नहीं हो सका।
SSC ने यह फैसला लिया है कि आने वाले समय में CGL टियर 2 का एग्जाम लैपटॉप बेस्ड करवाया जाएगा।

SSC के अनुसार अगर किसी सेंटर पर एग्जाम में कोई दिक्कत आती है, तो ज्यादा से ज्यादा सेंटर्स पर एग्जाम करवाया जाए। गुरुवार को दिल्ली के भी कई सेंटर्स प्रभावित रहे।

SSC एक नया प्रयास करने जा रहा है, जिससे एग्जाम कंप्यूटर पर नहीं, बल्कि कैंडिडेट्स के अपने लैपटॉप पर होंगे।

इससे नेटवर्क फेलियर और सिस्टम क्रैश की स्थिति से बचा जा सकेगा। कैंडिडेट्स को साइट से लॉगइन कर एग्जाम देना होगा।

इसमें तकनीकी खामियों की गुंजाइश कम होगी: SSC

उत्तर प्रदेश में सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता व प्रवेश प्रक्रिया की गहन जांच की जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह आदेश दिए हैं

उत्तर प्रदेश में सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता व प्रवेश प्रक्रिया की गहन जांच की जाएगी। CM योगी आदित्यनाथ ने यह आदेश दिए हैं। बाराबंकी जिले के श्री रामस्वरूप विश्विद्यालय में फर्जी डिग्री को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठी चार्ज के बाद सीएम ने यह बड़ा फैसला लिया है।   

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद सभी मण्डलायुक्त अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले जनपदों में विशेष जांच टीम का गठन करेंगे। टीम में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एक पुलिस विभाग का अधिकारी और एक शिक्षा विभाग का अधिकारी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। यह टीम जमीनी स्तर पर जांच करके संस्थानों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की हकीकत परखेगी।

संस्थानों को मान्यता-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा

जांच के दौरान प्रत्येक शैक्षणिक संस्था से शपथ पत्र लिया जाएगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि संस्थान केवल उन्हीं कोर्सों का संचालन कर रहा है, जिन्हें नियामक निकाय, विश्वविद्यालय या बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। इसके साथ ही, संचालित सभी कोर्स की सूची और उनके मान्यता-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। किसी भी छात्र का दाखिला बिना मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में नहीं होना चाहिए।


अनियमितता पर होगी कठोर कार्रवाई

यदि जांच में किसी संस्थान में अवैध प्रवेश या बिना मान्यता के कोर्स संचालित पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं संस्थान को छात्रों का पूरा शुल्क ब्याज सहित वापस करना होगा। सरकार छात्रों के भविष्य के साथ कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।


15 दिन में शासन को भेजनी होगी रिपोर्ट

टीम जांच करके 15 दिन के अंदर शासन को रिपोर्ट भेजेगी। सीएम योगी ने कहा कि यह कार्यवाही सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। जांच की पूरी प्रक्रिया पर मंडलायुक्त प्रत्यक्ष निगरानी रखेंगे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

Sunday, September 7, 2025

UGC ने मौजूदा शिक्षक वर्ष के लिए 25 लाख NSS वॉलिंटियर्स को जोड़ने का लक्ष्य रखा। विश्वविद्यालय आयोग ने सभी यूनिवर्सिटीज के वाइस चांस और कॉलेज के प्रिंसिपल को इस बारे में पत्र लिखकर योजना को आगे बढ़ाने में सहयोग देने की अपील की है।

केंद्र सरकार ने यूनिवर्सिटी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। 1969 में शुरू की गई भारत सरकार की यह केंद्रीय योजना छात्रों को सामुदायिक सेवा यानी कम्युनिटी सर्विस के माध्यम से उनके व्यक्तित्व और चरित्र के विकास का अवसर प्रदान करती है। सरकार ने 2025-26 में इस योजना के साथ 25 लाख छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए उच्च शिक्षा संस्थानों को जरूरी दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। विश्वविद्यालय आयोग ने सभी यूनिवर्सिटीज के वाइस चांस और कॉलेज के प्रिंसिपल को इस बारे में पत्र लिखकर योजना को आगे बढ़ाने में सहयोग देने की अपील की है। यूजीसी में सभी यूनिवर्सिटीज कॉलेज में NSS यूनिट्स बढ़ाने को कहा गया है। अभी देश में 594 यूनिवर्सिटी को उच्च शिक्षण संस्थानों में NSS यूनिट्स हैं और 39 लाख छात्र वॉलिंटियर्स के तौर पर रजिस्टर है। यूजीसी ने कहा है कि मौजूदा शिक्षक वर्ष के लिए 25 लाख वॉलिंटियर्स को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। यूजीसी का कहना है कि इस योजना का मकसद सेवा के माध्यम से शिक्षा है जहां पर छात्र वॉलिंटियर्स के रूप में समाज सेवा के काम करते हैं। साक्षरता, स्वास्थ्य, पर्यावरण सुरक्षा, आपातकालीन सहायता में युवाओं की अहम भूमिका सामने आ पाती है। छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का विकास होता है।


NIRF रैंकिंग 2025 जारी, IIT मद्रास एक बार फिर से नंबर 1

केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) के तहत दी जाने वाली 'इंडिया रैंकिंग्स 2025' का 10वां एडिशन जारी कर दिया है। 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास ने ओवरऑल कैटिगरी में लगातार सातवें वर्ष 2019 से लेकर 2025 तक देश का बेस्ट उच्च शिक्षा संस्थान होने का गौरव हासिल किया है।

देश के टॉप आईआईटी की लिस्ट

1.IIT मद्रास: इस बार फिर नंबर-1 पर काबिज रहा है। 

2.IIT दिल्ली:आईआईटी दिल्‍ली का नाम दूसरे स्थान पर है। जो अपनी शानदार पढ़ाई और रिसर्च के लिए जाना जाता है। 

3.IIT बॉम्बे: तीसरे नंबर पर है जो हमेशा टॉप रैंकिंग में शामिल रहता है। 

4.IIT कानपुर: एनआईआरएफ रैंकिंग में आईआईटी कानपुर चौथे स्थान पर है। 

5.IIT खड़गपुर: आईआईटी खड़गपुर पांचवें नंबर पर है. यह संस्‍थान रिसर्च और इनोवेशन में आगे है। 

6.IIT रुड़की: आईआईटी रुड़की छठे स्थान पर है यह टेक्‍निकल एजुकेशन के लिए मशहूर है। 

7.IIT हैदराबाद: एनआईआरएफ रैंकिंग में आईआईटी हैदराबाद सातवें नंबर पर है। 

8.IIT गुवाहाटी: आईआईटी गुवाहाटी आठवें स्थान पर है। 

9.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) तिरुचिरापल्ली: एनआईआरएफ रैंकिंग में नौवें नंबर पर है जो गैर-IIT संस्थानों में टॉप पर है। 

10. IIT बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU): आईआईटी बीएचयू दसवें स्थान पर है जो इंजीनियरिंग के साथ-साथ अपनी विरासत के लिए भी जाना जाता है।

NIRF में एक बार फिर एम्स दिल्ली को पहला स्थान मिला है। एम्स ने मेडिकल कैटेगरी में पहली रैंक हासिल की है। एम्स को देश के टॉप मेडिकल एजुकेशन और हेल्थ सेंटर के रूप में जाना जाता है और लगातार पिछले 10 सालों से टॉप पर बना हुआ है। इस साल एम्स ने डेंटल साइंसेज में भी पहली रैंक प्राप्त की है।
इस बारे में एम्स के डायरेक्टर डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि यह पुरस्कार इस्टीट्यूट की मेडिकल एजुकेशन, रिसर्च और मरीजों के प्रति प्रतिबद्धता की प्रतीक
है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्हें भारत के हेल्थ सेक्टर में योगदान देने और युवा मेडिकल प्रफेशनल्स को बड़े स्तर पर मरीज की देखभाल के लिए सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करती है। एम्स मीडिया सेल की प्रमुख डॉ. रीमा दादा ने कहा कि NIRF रैकिंग छात्रों, माता-पिता
और नीति निर्माताओं के लिए सही निर्णय लेने का मार्गदर्शन देती है। उन्होंने कहा कि 2015 से 2025 तक एम्स दिल्ली लगातार 10 सालों से मेडिकल शिक्षा में
शीर्ष स्थान बनाए हुए है। इस उपलब्धि के साथ एम्स दिल्ली देश में मेडिकल एजुकेशन और मरीज देखभाल का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। वहीं, दिल्ली सरकार के
मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को डेंटल एजुकेशन के क्षेत्र में पूरे देश में तीसरा स्थान मिला है, पिछले साल भी इस संस्थान को तीसरा स्थान
मिला था। फार्मेसी की पढ़ाई के मामले में जामिया हमदर्द को पूरे देश में अव्वल चुना गया है। पिछले साल भी यह संस्थान टॉप पर रहा था।



Thursday, September 4, 2025

Delhi Skill and Entrepreneurship University Walk-In Admissions 2025 | UG - PG - B.TECH Programs

Delhi Skill and Entrepreneurship University Walk-In Admissions 2025 | UG - PG - B.TECH Programs

Open for Registered and Un Registered Students

- 4th September 2025

- 8th September 2025

- 9th September 2025

Reporting Time is 10:00 AM to 4:00 PM

Admission is Subject to Availability of Seats, for more information visit:


DU मॉप-अप ऐडमिशन राउंड की घोषणा, इसमें प्रवेश CET स्कोर पर नहीं बल्कि कक्षा 12वीं के अंकों के आधारित होगा


का दिल्ली में शैक्षणिक क्षेत्र 2025 26 में स्नातक पाठ्यक्रमों की रिक्त सीटों को भरने के लिए मॉप-अप ऐडमिशन राउंड की घोषणा की है। इसमें खास बात यह है कि, इसमें प्रवेश CET स्कोर पर नहीं बल्कि कक्षा 12वीं के अंकों के आधारित होगा। 
आवेदन प्रक्रिया 4 सितंबर से शुरू होगी और इसी दिन शाम 5:00 बजे रिक्त सीटों की सूची जारी कर दी जाएगी। मॉप-अप राउंड उन्हीं सीटों पर लागू होगा जो अब तक खाली गई है। 
आवेदन शुल्क सामान्य और  OBC वर्ग के लिए ₹250  रुपए, ST, SC और PWD वर्ग के लिए ₹100 तय किया गया है।


Wednesday, September 3, 2025

TET अनिवार्य, अगर कोई शिक्षक TET पास नहीं करता और उसकी सेवा लंबी बाकी है, तो उसे या तो नौकरी छोड़नी होगी या फिर रिटायरमेंट लेकर सेवा लाभ लेना होगा। जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल से कम बचे हैं, वे बिना TET पास किए भी पढ़ा सकते हैं, लेकिन उन्हें प्रमोशन नहीं मिलेगा : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जस्टिस दिपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह ने 1 सितंबर को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल  से कम बचे हैं, वे बिना TET पास किए भी पढ़ा सकते हैं, लेकिन उन्हें प्रमोशन नहीं मिलेगा। 

अगर कोई शिक्षक TET पास नहीं करता और उसकी सेवा लंबी बाकी है, तो उसे या तो नौकरी छोड़नी होगी या फिर रिटायरमेंट लेकर सेवा लाभ लेना होगा।  

सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि यह फैसला शिक्षा में गुणवत्ता और जिम्मेदारी बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश तमिलनाडु और महाराष्ट्र सहित सहित कई राज्यों से आई याचिकाओं पर दिया गया है। 

TET की आवश्यकता क्यों है? 

साल 2010 में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने नियम बनाया था कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने के लिए शिक्षक को TET पास करना जरूरी होगा। तब से TET को एक ऐसी परीक्षा माना जाता है जो यह तय करती है कि शिक्षक पढ़ाने के लिए योग्य है अथवा नहीं।

इस परीक्षा का मकसद कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों की गुणवत्ता और क्षमता  सुनिश्चित करना है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा – “20 साल से बिना TET पढ़ा रहे शिक्षक भी शिकायतों के बिना पढ़ाते रहे हैं, लेकिन अब शिक्षा में समानता और गुणवत्ता के लिए एक मानक ज़रूरी है।” 

सुप्रीम कोर्ट का फैसला:

TET (Teacher Eligibility Test) को अनिवार्य कर दिया गया है ताकि स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति एक समान गुणवत्ता मानक पर हो। 

यह फैसला सरकारी और प्राइवेट स्कूलों दोनों पर असर डालेगा। लेकिन अल्पसंख्यक संस्थानों से जुड़े अधिकार और RTE (Right to Education) के बीच टकराव की वजह से मामला बड़ी बेंच के पास भेजा गया है।   



Tuesday, September 2, 2025

AICTE Post Graduate PG scholarship Scheme 2025-26 for ME/M. TECH/ M. Des students.

AICTE Post Graduate PG scholarship Scheme 2025-26 for ME/M. TECH/ M. Des students. 

Online proposal are invited from AICTE Approved Institution/Programs for the post graduate scholarship through DBT to the student admitted in AICTE Approved Institute/ Programs and within approved intake of ME/M. TECH/ M. Des. for the first year students of the academic year 2025-26 having gained qualifying marks with valid GATE/CEED score.

Detailed Advertisement having guidelines /Instructions /FAQs and procedure for the online registration and eligibility of the students is available at link:


Portal will be opened on 1st September 2025 

Last Date 15th December 2025


#bharatadmissionportal #aicte #education #scholarship 


नए लॉ कॉलेज खोलने पर BCI ने 3 साल की रोक लगाई

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने कानूनी शिक्षा नियमावली – मोरेटोरियम (तीन वर्ष का स्थगन), 2025 तैयार की है, जिसके तहत भारत में किसी भी नए कानूनी शिक्षा केंद्र (Center of Legal Education) की स्थापना या उसे अनुमोदन देने पर प्रभावी रूप से रोक लगा दी गई है। 

यह विनियमन, जो तीन वर्ष तक प्रभावी रहेगा, बिना BCI की पूर्व लिखित और स्पष्ट अनुमति के किसी भी नए सेक्शन, कोर्स या बैच की शुरुआत पर भी रोक लगाता है। ऐसे सभी प्रस्ताव, यदि विचार किए भी गए, तो कठोर जांच और सतत अनुपालन समीक्षा के अधीन होंगे।

BCI ने विश्वविद्यालयों, राज्य सरकारों, केंद्र सरकार के निकायों और अन्य संस्थानों को सलाह दी है कि मोरेटोरियम के दौरान नए कानूनी शिक्षा केंद्र की स्थापना के लिए कोई भी प्रस्ताव न दें और न ही अग्रेषित करें। मोरेटोरियम का उद्देश्य है— “कानूनी शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्ता में गिरावट को रोकना, जो कि घटिया संस्थानों के अनियंत्रित रूप से फैलने, राज्य सरकारों द्वारा नियमित रूप से NOC जारी करने और विश्वविद्यालयों द्वारा बिना उचित निरीक्षण के संबद्धता देने, कानूनी शिक्षा के व्यावसायीकरण, व्यापक शैक्षणिक कदाचार, और योग्य संकाय की निरंतर कमी से प्रमाणित है।”

मोरेटोरियम के दौरान, BCI मौजूदा कानूनी शिक्षा केंद्रों पर गहन निरीक्षण और अनुपालन ऑडिट करेगी। यदि कोई संस्था निर्धारित मानकों को बनाए रखने में विफल रहती है, तो बीसीआई उसके बंद करने या मान्यता रद्द करने का आदेश दे सकती है। 

उल्लंघन की स्थिति में परिणामस्वरूप BCI अनुमोदन की वापसी, नियमों के उल्लंघन में जारी डिग्रियों की मान्यता समाप्त करना, 1961 के अधिवक्ता अधिनियम की धारा 24 के तहत स्नातकों की नामांकन के लिए अयोग्यता, और दोषी संस्थानों एवं अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक, दीवानी और आपराधिक कार्यवाही शामिल होगी।

इन प्रस्तावों को सख्त शर्तों का पालन करना होगा, जिनमें वैध NOC, पूर्व विश्वविद्यालय संबद्धता, बुनियादी ढांचा और संकाय क्षमता का प्रदर्शन, और Rules of Legal Education के तहत आवश्यकता-आधारित स्थापना शामिल है। विनियमन में संक्रमणकालीन सुरक्षा प्रावधान भी होंगे— ऐसे केंद्र जिन्हें विनियमन लागू होने से पहले सशर्त अनुमोदन मिला है, वे तब तक संचालन शुरू नहीं कर सकते जब तक वे Rules of Legal Education के मानदंडों को पूरा नहीं करते और BCI से स्पष्ट स्वीकृति प्राप्त नहीं कर लेते। 

जो लंबित आवेदन निर्धारित चरणों के अनुसार पहले से संसाधित हो चुके हैं, वे विचार के योग्य बने रहेंगे। ब

BCI ने आगे स्पष्ट किया— “अनुमोदन ढांचा तीन-स्तरीय प्रक्रिया को दोहराता है। पहला—राज्य सरकार या संबंधित मंत्रालय से आवश्यकता-आधारित No Objection Certificate प्राप्त करना, जिसमें क्षेत्रीय आवश्यकता का वस्तुनिष्ठ आकलन हो। दूसरा—संबद्ध विश्वविद्यालय को Rules of Legal Education, 2008 के तहत न्यूनतम मानकों जैसे शासन संरचना, बुनियादी ढांचा, संकाय भर्ती, पुस्तकालय संसाधन, पूंजी निधि और अन्य अनिवार्य मानदंडों के कड़े अनुपालन को सुनिश्चित करना होगा। तीसरा—इन दोनों चरणों के बाद ही बीसीआई अपना व्यापक निरीक्षण करेगी और अनुमोदन पर निर्णय लेगी।” साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि यह विनियमन कानूनी शिक्षा से संबंधित BCI या किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा जारी किसी भी परस्पर विरोधी प्रस्ताव, परिपत्र, अधिसूचना या पूर्व निर्णय को अधिरोहित करेगा।



दिल्ली विश्वविद्यालय ने NCWEB की पहली कट-ऑफ सूची जारी, 28 जुलाई से शुरू होगी ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नॉन-कॉलेजिएट विमेन एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) के अंतर्गत संचालित बी.ए. (प्रोग्राम) ...

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Latest News दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉन-कॉलेजिएट विमेन्स एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक प्रवेश का कार्यक्रम जारी कर दिया है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 8 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगी...