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Friday, November 28, 2025

दिल्ली सरकार ने नर्सरी, केजी और पहली क्लास में एडमिशन का शेड्यूल जारी किया, 4 दिसंबर से शुरू होंगे आवेदन

दिल्ली सरकार ने एकेडमिक ईयर 2026-27 के लिए नर्सरी, केजी और पहली कक्षा में एडमिशन का शेड्यूल जारी कर दिया है। दिल्ली के करीब 1700 से अधिक प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल के एडमिशन 4 दिसंबर 2025 से शुरू होंगे। शिक्षा निदेशालय ने साफ कहा है कि ड्रॉ चाहे कंप्यूटर से हो या पर्चियों से पेरेंट्स की मौजूदगी में ट्रांसपेरेंट ढंग से किया जाएगा।

दिल्ली नर्सरी एडमिशन के फॉर्म कब तक भरे जाएंगे?

एकेडमिक ईयर 2026-27 के लिए जारी शेड्यूल के अनुसार, पेरेंट्स शिक्षा निदेशालय, दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट https://edudel.nic.in/ पर जाकर एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं। पेरेंट्स 4 दिसंबर से 27 दिसंबर 2025 तक एप्लीकेशन फॉर्म जमा कर सकेंगे।

दिल्ली नर्सरी एडमिशन 2026 आयु मानदंड 

क्लास                       आयु सीमा

नर्सरी (प्री-स्कूल) 3-4 साल (31 मार्च 2026 तक)

केजी (प्री-प्राइमरी) 4-5 साल

कक्षा 1                 5-6 साल

आयु सीमा में छूट स्कूल हेड अपनी मर्जी से एक महीने तक आयु सीमा में छूट दे सकते हैं।


दिल्ली नर्सरी एडमिशन का शेड्यूल


कार्यक्रम                                                                           तारीख

दिल्ली एंट्री लेवल स्कूल एडमिशन के रजिस्ट्रेशन शुरू       4 दिसंबर 2025

आवेदन जमा करने की लास्ट डेट                               27 दिसंबर 2025
चुने गए स्टूडेंट्स की पहली लिस्ट (वेटिंग लिस्ट के साथ)   23 जनवरी 2026
पॉइंट्स बांटने के बारे में सवाल पूछने का मौका               24 जनवरी से 3 फरवरी 2026

दूसरी सेलेक्शन लिस्ट                                                  9 फरवरी 2026

लिस्ट को लेकर पेरेंट्स की समस्या का समाधान              10 से 16 फरवरी 2026

खाली सीटों के आधार पर कोई अन्य लिस्ट                     5 मार्च

प्रवेश प्रक्रिया का समापन                                            19 मार्च 2026


आवेदन कैसे करें?

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://edudel.nic.in/ पर जाएं।
  • इसके बाद नर्सरी प्रवेश के लिंक पर क्लिक करें।
  • निर्धारित जगह पर जरूरी जानकारी को दर्ज करके आवेदन फॉर्म भर दें।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट्स, जैसे पते का प्रमाण और जन्म प्रमाण पत्र अपलोड करके 25 रुपये की आवेदन फीस अदा करें।
  • फॉर्म जमा करें और संदर्भ के लिए एक प्रति डाउनलोड करें।


ड्रॉ ऑफ लॉट पेरेंट्स की मौजूदगी में किया जाना चाहिए और वीडियो रिकॉर्ड किया जाना चाहिए

फेयर एडमिशन पर अपना रुख दोहराते हुए, DoE ने स्कूलों को पहले के क्राइटेरिया से बचने का निर्देश दिया है। डिपार्टमेंट ने इसे खत्म कर दिया था और दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे बरकरार रखा था। इसने इंस्टीट्यूशन्स को एडमिशन क्राइटेरिया बनाते समय राइट्स ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज एक्ट का पालन करने की भी याद दिलाई है।

स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर सभी क्राइटेरिया के पॉइंट्स का ब्रेकडाउन पब्लिकली दिखाना होगा और ओपन सीट्स के तहत एडमिशन पाने वाले बच्चों की डिटेल्स अपलोड करनी होंगी, जिसमें अलॉट किए गए पॉइंट्स भी शामिल हैं। ट्रांसपेरेंसी पक्की करने के लिए, सर्कुलर में कहा गया है कि कोई भी ड्रॉ ऑफ लॉट पेरेंट्स की मौजूदगी में किया जाना चाहिए और वीडियो रिकॉर्ड किया जाना चाहिए।

सर्कुलर में दोहराया गया है कि कैपिटेशन फीस लेना या माता-पिता को स्कूल का प्रॉस्पेक्टस खरीदने के लिए मजबूर करना पूरी तरह से मना है। स्कूल रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर सिर्फ 25 रुपये ले सकते हैं, जो वापस नहीं होंगे। एक डिस्ट्रिक्ट-लेवल मॉनिटरिंग सेल सभी स्कूलों में नियमों के पालन पर नज़र रखेगा और एडमिशन साइकिल के दौरान माता-पिता की किसी भी शिकायत को दूर करेगा।







एमिटी यूनिवर्सिटी की लापरवाही पर सवाल, एक स्टूडेंट अपनी परेशानी के लिए तमाम मिन्नतें करती रही, लेकिन एमिटी यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने उसकी एक ना सुनी, लिहाजा वो इंसाफ मांगने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची और उसने यूनिवर्सिटी की करतूत का काला-चिट्ठा खोला।सुप्रीम कोर्ट ने दिया सख्त आदेश, जांच के घेरे में देश की सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज

सर्वोच्च अदालत ने प्राइवेट और डीम्ड विश्वविद्यालयों को लेकर अब तक की सबसे सख्त और बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है, सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में चल रहे सभी प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज का नेशनवाइड ऑडिट (राष्ट्रीय स्तर पर जांच) कराने का आदेश दिया है। यह फैसला एक छात्रा की शिकायत से शुरू होकर अब पूरे उच्च शिक्षा तंत्र की गहन जांच में बदल गया है। अदालत ने केंद्र सरकार, सभी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और यूजीसी (UGC) को निर्देश दिया है कि वे हलफनामा (Affidavit) देकर बताएं कि ये विश्वविद्यालय कैसे बने, कौन इन्हें चलाता है, इनके पास कौन-कौन से रेगुलेटरी परमिशन हैं और क्या ये सच में नॉन-प्रॉफिट (लाभ के लिए नहीं) के रूप में काम कर रहे हैं। 

एक याचिका से देश के सभी प्राइवेट और डीम्ड विश्वविद्यालय लपेटे में

मामला एमिटी यूनिवर्सिटी की छात्रा आयशा जैन की याचिका से शुरू हुआ। आयशा ने आरोप लगाया कि उन्होंने कानूनी रूप से अपना नाम बदला था, लेकिन इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया और कक्षाओं में जाने से रोक दिया। यह सिर्फ एक छात्रा का मामला था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे पूरे प्राइवेट यूनिवर्सिटी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का आधार बना लिया। अदालत अब यह जांचना चाहती है कि क्या देश की प्राइवेट यूनिवर्सिटीज सही नियमों के तहत काम कर रही हैं या नहीं। 

विश्वविद्यालय के जमीन लेने से लेकर UGC की जिम्मेदारियों तक सबकी होगी जांच

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि अब यह देखा जाएगा कि ये विश्वविद्यालय जमीन कैसे लेते हैं, कुलपति और अन्य अधिकारी कैसे नियुक्त होते हैं, वित्तीय लेन-देन कैसे होता है और छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए क्या पारदर्शी व्यवस्था है या नहीं। अदालत का खास ध्यान इस बात पर भी है कि UGC और अन्य नियामक संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से निभा रही हैं या नहीं। 

पहले भी कोर्ट उठा चुका ऐसे कदम

यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट ने इस सेक्टर पर सख्ती दिखाई हो, साल 2005 में कोर्ट ने छत्तीसगढ़ का प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट रद्द कर दिया था, जिसके तहत बिना सही इंफ्रास्ट्रक्चर के 100 से ज्यादा फर्जी विश्वविद्यालय चल रहे थे। वहीं, 2009 में केंद्र सरकार की जांच में 44 डीम्ड विश्वविद्यालयों को अयोग्य पाया गया था। इसके अलावा, 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने अवैध Distance Learning के जरिए दी गई इंजीनियरिंग डिग्रियों को रद्द कर दिया था और डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ को बिना अनुमति ऐसे कोर्स चलाने से रोक दिया था। 

लंबे समय से नहीं हो रहा नियमों का पालन

इस बार अदालत के तेवर और भी कड़े हैं, कोर्ट ने केंद्र और राज्यों के मुख्य सचिवों से लेकर UGC चेयरमैन तक से व्यक्तिगत जवाबदेही मांगी है। UGC अधिकारी के मुताबिक “लंबे समय से नियमों के पालन में कमियां रही हैं। यह जनता का भरोसा फिर से बनाने का मौका है”। अधिकारी ने यह भी बताया कि आयशा जैन के मामले में UGC ने यूनिवर्सिटी को नाम बदलने के अनुरोध पर विचार करने की सिफारिश की थी। 

इस फैसले से प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में खलबली मच गई है। एक नामी स्टेट प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कुलपति ने कहा, “हम पारदर्शिता के पक्ष में हैं, लेकिन कुछ गलत संस्थानों की वजह से सभी को एक ही नजर से देखे जाने का डर है”। 

बेहद अहम समय पर लिया गया यह फैसला

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फैसले का समय भी बहुत अहम है। केंद्र सरकार जल्द ही संसद में Higher Education Commission of India (HECI) Bill लाने की तैयारी में है, जिसके तहत UGC, AICTE और अन्य नियामक संस्थाओं को मिलाकर एक नई संस्था बनाई जाएगी। एक एजुकेशन पॉलिसी एक्सपर्ट के मुताबिक पहले भी 2017 में ओडिशा लिफ्ट केस में कुछ विश्वविद्यालयों का मामला सभी डीम्ड यूनिवर्सिटीज पर भारी पड़ गया था। अब उम्मीद है कि यह मामला HECI बिल के जरिए परमानेंट पॉलिसी समाधान तक पहुंचेगा। 

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश भारत के प्राइवेट हायर एजुकेशन सेक्टर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। अब यह तय होगा कि देश की प्राइवेट यूनिवर्सिटीज वाकई छात्रों के हित में काम कर रही हैं या सिर्फ बिजनेस बनकर रह गई हैं। 




Wednesday, November 19, 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार दिनांक 17 नवंबर को बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय, लखनऊ के दीक्षांत समारोह में युवाओं को ‘शिक्षक’ के रूप में रास्ता दिखाया। उन्होंने युवाओं को हमेशा प्रयास करते रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि प्रयास करने से सब कुछ हो सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार दिनांक 17 नवंबर को बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय, लखनऊ के दीक्षांत समारोह में युवाओं को ‘शिक्षक’ के रूप में रास्ता दिखाया। उन्होंने युवाओं को हमेशा प्रयास करते रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि प्रयास करने से सब कुछ हो सकता है, जीवन में सफलता के दो ही मार्ग हैं। समाधान की तरफ जाएंगे तो सफलता प्राप्त होगी। समस्या को बार-बार गिनाते रहेंगे तो सफल नहीं हो सकते। समस्या की बजाय समाधान पर ध्यान दीजिए। सभी लोग मिलकर जब सामूहिक रूप से प्रयास करेंगे तो समाधान मिलेगा। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में सदा नया सीखने का अवसर प्राप्त होता है। अलग-अलग क्षेत्र हमें नए अवसरों को ढूंढने का प्रयास करना चाहिए। कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं है, बल्कि योग्य योजक चाहिए। संस्थान, बॉस, आचार्य, अभिभावक और व्यक्ति भावी पीढ़ी के लिए योजक बन सकते हैं। जीवन में धैर्य, संतुलन खोए बिना अडिग होकर बढ़ेंगे तो सफलता कदम चूमेगी। 

योगी आदित्यनाथ जी ने दीक्षांत समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास, विश्वविद्यालय के रचनाकार पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास गुप्ता को भी याद किया। सीएम योगी ने 2011 में विश्वविद्यालय बनने के बाद से यहां के एकेडमिक एक्टिविटीज व खेल की तारीफ की। 

जब हमने दुनिया का अनुसरण शुरू किया तो हमारी ताकत भी कम होती गई। सीएम योगी ने कहा कि यह केवल दीक्षांत समारोह नहीं है बल्कि इंडियाज ट्रांसफॉर्मिंग जनरेशन का एक उदाहरण भी है। जो विद्यार्थी उपाधि प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में उनके विजनरी लीडरशिप में देश-प्रदेश नई गति प्राप्त करेगा। सीएम योगी ने भारत की प्राचीन गुरुकुल प्रणाली के समावर्तन समारोह और उसके परिवर्तित रूप दीक्षांत समारोह की भी व्याख्या की। उन्होंने कहा कि हम जो करते थे, दुनिया उसका अनुसरण करती थी। जब हमने दुनिया का अनुसरण शुरू किया तो हमारी ताकत भी कम होती गई।

सीएम योगी ने कहा कि बाबू बनारसी दास के संघर्षों, आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में उनके योगदान और स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश कैसा बनना चाहिए, इस पर उनके प्रयास की भी चर्चा की। सीएम ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में हम जिन भी वर्तमान कार्ययोजनाओं को बढ़ाने में सफल होते हैं, उनमें कहीं न कहीं भाव इन्हीं विभूतियों के छिपे होते हैं। जो इन्होंने उस समय यूपी के बारे में सोचा था, हमें उत्तर प्रदेश में उन्हें मूर्त रूप प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। कृतज्ञता का भाव सदैव मन में होना चाहिए। 

पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने लगाई लंबी छलांग 

सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने लंबी छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया खेलो के माध्यम से 2014 में एक अभियान चलाया। फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद प्रतिस्पर्धा के माध्यम से खेलकूद के प्रति भाव पैदा करने की नई प्रेरणा प्रदान की। आज खेल दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है। किसी एकेडमिक संस्था में खेल भी महत्वपूर्ण हिस्सा हो और उसके पास भव्य स्टेडियम, बैडमिंटन एकेडमी हो, यह बीबीडी की बड़ी उपलब्धि है।

10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया अनुगमन करेगी

सीएम योगी ने कहा कि यह केवल रूटीन की डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं है, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के नए हब के रूप में बीबीडी को स्थापित करने के लिए नया प्रयास प्रारंभ हुआ है। दुनिया तकनीक को तेजी से अपना रही है। दुनिया जहां जा रही है, हम उससे 10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया हमारा अनुगमन करने को मजबूर होगी।

11 वर्ष में भारत की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि इसे देख दुनिया भी उसके पीछे चलने के लिए खुद को मजबूर करती है। सीएम योगी ने 2014 के पहले व बाद में देश के प्रति आई धारणा का जिक्र किया। लोगों की हताशा व निराशा को आशा व उत्साह में भरने का कार्य 2014 के बाद देखने को मिला।

पीएम मोदी ने स्केल को स्किल में बदलने का कार्य किया
सीएम योगी ने कहा कि भारत ने हर क्षेत्र में नई छलांग लगाई है। छोटे-छोटे प्रयोग कर भारत ने बताया कि इसके परिणाम क्या हो सकते हैं। मोदी जी ने कहा कि हर गरीब का बैंक अकाउंट होना चाहिए तो नकारात्मक लोग नकारात्मक स्वर बोलने लगे। जिन्हें कुछ नहीं करना होता है, वे सकारात्मक कदम का विरोध करते हैं। कोई चिंता किए बिना मोदी जी ने जीरो बैलेंस पर गरीबों के बैंक अकाउंट खुलवाए, जिससे डीबीटी के माध्यम से बिना किसी कट के शासन की योजनाओं की राशि सीधे गरीबों के खाते में जा रही है। 

इससे देश में 50 करोड़ परिवार जुड़ता दिखाई दे रहा है। यह भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार है। सब कुछ डिजिटल पेमेंट के साथ जुड़ गया है। कभी राजीव गांधी ने कहा था कि हम एक रुपये भेजते हैं, गरीब के पास 15 पैसे जाते हैं पर आज डिजिटल इंडिया मिशन है। 

जब दुनिया की सुपर पावर भी कोरोना के साए में थी, तब भारत कोविड प्रबंधन के साथ ही 2020 में नेशनल एजूकेशन पॉलिसी को लांच कर रहा था। सीएम ने कई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवा की आकांक्षाओं को पंख लगाने की दृष्टि से मोदी जी ने स्केल को स्किल में बदलने का कार्य किया।

बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वय

सीएम योगी ने कहा कि भारत सबसे युवा राष्ट्र है। यहां 56 फीसदी आबादी कामकाजी है। उनके सपनों को उड़ान देने के लिए संस्थानों को तैयार होना है। लखनऊ में बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वय दिखता है। हमें उस दिशा में आगे कार्य करना होगा। 

सीएम ने हर क्षेत्र में AI की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि यह आज की आवश्यकता है, लेकिन वह आपके द्वारा संचालित हो, आप उसके द्वारा न संचालित हो। रोबोटिक में भारत ने लंबी छलांग लगाई है। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कार्य हो रहा, इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट को भी इस दिशा में नए प्रयास को आगे बढ़ाना होगा। युवाओं, किसानों, श्रमिकों समेत अलग-अलग सेक्टर से जुड़े लोगों की उपयोगिता पर बल दिया। 



Monday, November 10, 2025

NIRF (National Institutional Ranking Framework) invites applications for India Rankings 2026

The National Institutional Ranking Framework (NIRF) was launched in 2015 to rank higher educational institutions in the country based on objective criteria to promote competitive excellence in higher educational institutions. NIRF now invites applications for India Rankings 2026, the eleventh edition of this annual exercise.

All the institutions that have participated in the previous India Rankings exercise have been pre-registered. An email in this regard has already been sent to the Heads of the respective institutions to confirm institution details for the India Rankings 2026.

In case your institution is not pre-registered in the above manner and wishes to participate in India Rankings 2026, you are requested to visit our website, i.e., www.nirfindia.org and register your institution by clicking the registration button. 
In case of any query, contact National Board of Accreditation at 

helpdesk@nirfindia.org 

or call at 

011-40159583/87/89.

Registrations will open from 10th November 2025.

Thursday, November 6, 2025

Guru Govind Singh Indraprastha University, Dwarka, Delhi Application are invited for Admissions to PhD. D. Programmes

Guru Govind Singh Indraprastha University, Dwarka, Delhi Application are invited for Admissions to PhD. D. Programme in following discipline of:

Information Technology 
Computer science and Engineering 
Artifical Intelligence - Data Science, Artificial Intelligence - Machine Learning 
Industrial Internet of Things 
Automation and Robotics 
Mechanical & Automation Engineering 
Management 
Chemical Technology 
Biotechnology 
Environmental Science 
Medical Sciences
Mathematics, Chemistry, Physics 
Law and Legal Studies 
Mass Communication, Education, 
Architecture and Planning 
English, Disaster Management, 
Pharmacy and Design 



Wednesday, November 5, 2025

Saturday, November 1, 2025

CLAT 2026: कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 7 नवंबर तक बढ़ा दी है...

लॉ में एडमिशन के इच्छुक छात्र जो अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए हैं उनके लिए खुशखबरी है। कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (CNLU) ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की डेट 7 नवंबर तक बढ़ा दी है। जो उम्मीदवार अभी तक क्लैट 2026 का फॉर्म नहीं भर पाए थे, उन्हें एक और मौका दिया गया है। 

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2025 को बंद होने वाली थी।

कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) भारत के 25 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान किए जाने वाले स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) विधि कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। 

CLAT 2026, 7 दिसंबर, 2025 को आयोजित किया जाएगा। परीक्षा एक ही पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित की जाएगी। 

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

देवउठनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं


देवउठनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं 

दिल्ली विश्वविद्यालय ने NCWEB की पहली कट-ऑफ सूची जारी, 28 जुलाई से शुरू होगी ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नॉन-कॉलेजिएट विमेन एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) के अंतर्गत संचालित बी.ए. (प्रोग्राम) ...

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Latest News दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉन-कॉलेजिएट विमेन्स एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक प्रवेश का कार्यक्रम जारी कर दिया है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 8 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगी...