Breaking
Loading latest news...
>

Tuesday, July 28, 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय ने NCWEB की पहली कट-ऑफ सूची जारी, 28 जुलाई से शुरू होगी ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नॉन-कॉलेजिएट विमेन एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) के अंतर्गत संचालित बी.ए. (प्रोग्राम) और बी.कॉम पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु पहली कट-ऑफ सूची जारी कर दी है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पहली कट-ऑफ सूची सोमवार, 27 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। इसके आधार पर छात्राएँ विभिन्न NCWEB शिक्षण केंद्रों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगी।

विश्वविद्यालय ने जानकारी दी है कि ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया मंगलवार, 28 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगी। प्रवेश पूरी तरह कट-ऑफ और पात्रता के आधार पर किए जाएंगे। विभिन्न शिक्षण केंद्रों के लिए अलग-अलग कट-ऑफ निर्धारित की गई है, इसलिए अभ्यर्थियों को अपने इच्छित केंद्र और पाठ्यक्रम की कट-ऑफ का सावधानीपूर्वक अवलोकन करने की सलाह दी गई है।

प्रवेश प्रक्रिया के दौरान छात्राओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन तथा प्रवेश शुल्क जमा करने जैसी सभी औपचारिकताएँ पूरी करनी होंगी। समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर संबंधित सीट पर दावा समाप्त हो सकता है।

NCWEB दिल्ली विश्वविद्यालय की एक विशेष शैक्षणिक व्यवस्था है, जिसके माध्यम से नियमित कॉलेज में अध्ययन नहीं कर पाने वाली छात्राओं को स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इसके अंतर्गत कक्षाओं का संचालन सामान्यतः सप्ताहांत अथवा निर्धारित अवकाश के दिनों में किया जाता है, जिससे छात्राएँ अपनी अन्य जिम्मेदारियों के साथ उच्च शिक्षा भी जारी रख सकें।

विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी सभी नवीनतम सूचनाओं, कट-ऑफ सूची, आवश्यक दिशा-निर्देशों तथा आगामी प्रवेश चरणों की जानकारी केवल विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें। पहली कट-ऑफ के बाद रिक्त सीटों के आधार पर आगामी कट-ऑफ सूचियाँ भी जारी की जाएंगी।

यह समाचार पूरी तरह मौलिक शैली में तैयार किया गया है और केवल प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध सार्वजनिक तथ्यों के आधार पर लिखा गया है, इसलिए इसे समाचार प्रकाशन के लिए सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सकता है।






Friday, July 24, 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश शुरू, स्नातक से लेकर विदेशी भाषा पाठ्यक्रमों तक आवेदन आमंत्रित

दिल्ली विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ डिस्टेंस एंड कंटीन्यूइंग एजुकेशन (DDCE), स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL), कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग (COL) ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, कौशल एवं विदेशी भाषा पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत कई नए और बहुविकल्पीय पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है। साथ ही विद्यार्थियों को ड्यूल डिग्री का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है।

स्नातक (UG) पाठ्यक्रम

प्रवेश के लिए उपलब्ध प्रमुख पाठ्यक्रमों में बी.एससी. (ऑनर्स) कंप्यूटर साइंस (नया), बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA-FIA), बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (BMS), बी.कॉम., बी.कॉम. (ऑनर्स), बी.ए. (ऑनर्स) अर्थशास्त्र, अंग्रेजी एवं राजनीति विज्ञान तथा बी.ए. प्रोग्राम शामिल हैं। बी.ए. प्रोग्राम में कंप्यूटर एप्लीकेशन, अर्थशास्त्र, शिक्षा, अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास, गणित, राजनीति विज्ञान, संस्कृत और उर्दू जैसे विषयों का चयन किया जा सकता है।

स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम

पीजी स्तर पर एमबीए, एमबीए (एग्जीक्यूटिव) हेल्थ केयर एडमिनिस्ट्रेशन (नया), एम.ए. (हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, संस्कृत), एम.कॉम., बीएलआईएससी, एमएलआईएससी तथा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ऑटोमेटेड एंड डिजिटल लाइब्रेरी मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश शुरू हो चुके हैं।

कौशल विकास एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम

ओपन लर्निंग डेवलपमेंट सेंटर (OLDC) के माध्यम से स्टेनोग्राफी, पाइथन प्रोग्रामिंग, एनिमेशन, ग्राफिक डिजाइन, मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन, डिजिटल एवं सोशल मीडिया मार्केटिंग, रोबोटिक्स, मीडिया स्टडीज, बेकरी, ब्यूटी एवं हेयर, कंप्यूटर नेटवर्क, अंग्रेजी भाषा, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, मोटर ड्राइविंग, जीएसटी अकाउंटिंग सहित कई 6 माह एवं 1 वर्ष के प्रमाणपत्र और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

विदेशी भाषा पाठ्यक्रम

सर्टिफिकेट और डिप्लोमा स्तर पर चीनी, जापानी, कोरियाई, इतालवी, स्पेनिश, फ्रेंच, जर्मन और पुर्तगाली भाषाओं के पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं। इनकी परीक्षाएं एवं प्रमाणन दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा।

महत्वपूर्ण जानकारी (Highlight)

📅 शैक्षणिक सत्र: 2026–27

📌 प्रवेश प्रक्रिया: प्रवेश प्रारंभ (Admissions Open)

🔗 मुख्य वेबसाइट: https://sol.du.ac.in/

🔗 स्किल कोर्स वेबसाइट: https://skill.oldcdu.ac.in/site/login/

🔗 भाषा पाठ्यक्रम वेबसाइट: https://cifl.oldcdu.ac.in/

📍 कार्यालय: स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग, 5 कैवेलरी लाइंस, यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली, दिल्ली–110007

☎️ संपर्क: 011-65213030, 011-35663474



Tuesday, July 21, 2026

APAAR ID पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सहमति फॉर्म में 'ऑप्ट-आउट' विकल्प जोड़ने का निर्देश

 सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को संकेत दिया कि वह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को APAAR (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी के लिए उपयोग किए जाने वाले सहमति (कंसेंट) फॉर्म में ऐसा प्रावधान शामिल करने का निर्देश देगा, जिससे अभिभावकों को योजना में शामिल न होने (ऑप्ट-आउट) का स्पष्ट विकल्प मिल सके।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ APAAR योजना की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में दावा किया गया है कि व्यवहारिक रूप से यह योजना छात्रों को आधार से जोड़ने के लिए प्रेरित करती है और इससे बच्चों की निजता तथा व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंताएं उत्पन्न होती हैं।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने अदालत में कहा कि सरकार इस योजना को स्वैच्छिक बताती है, लेकिन कई शिक्षण संस्थानों में APAAR आईडी को परीक्षा जैसी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक बताया जा रहा है। उनका तर्क था कि शिक्षा एक संवैधानिक अधिकार है और इसे आधार या APAAR आईडी से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सहमति फॉर्म में शुरुआत से ही योजना को अस्वीकार करने का स्पष्ट विकल्प उपलब्ध नहीं है।

जयसिंह ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम, 2023 का उल्लेख करते हुए कहा कि अभिभावकों को पूरी जानकारी के आधार पर सहमति देने, उसे वापस लेने और बच्चों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार मिलना चाहिए।

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि प्रत्येक छात्र के लिए एक विशिष्ट अकादमिक पहचान संख्या शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने, शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और प्रशासनिक निगरानी में सहायक हो सकती है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि हर सरकारी पहल को संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए।

इस दौरान याचिकाकर्ताओं ने ओडिशा हाईकोर्ट के दिसंबर 2025 के फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें केंद्र सरकार को APAAR के मॉडल सहमति फॉर्म में 'सहमति से इनकार' और 'ऑप्ट-आउट' का स्पष्ट विकल्प जोड़ने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया कि इस व्यवस्था को पूरे देश में लागू किया जाए।

पीठ ने पूछा कि क्या ओडिशा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ कोई अपील दायर की गई है। जब बताया गया कि ऐसा नहीं हुआ है, तो अदालत ने कहा कि वह CBSE को उस व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का निर्देश देगी। साथ ही, अदालत ने यह भी कहा कि निजता और डेटा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

क्या है APAAR योजना?

केंद्र सरकार ने 29 जुलाई 2023 को 'वन स्टूडेंट, वन यूनिक आईडी' पहल के तहत APAAR योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य प्रत्येक छात्र को एक स्थायी डिजिटल अकादमिक पहचान उपलब्ध कराना है, जिससे उसके शैक्षणिक रिकॉर्ड और उपलब्धियों का डिजिटल रूप से दीर्घकालिक संरक्षण किया जा सके।

हालांकि, याचिका में कहा गया है कि आधार से जुड़ी इस व्यवस्था और उससे संबंधित डेटा प्रोसेसिंग छात्रों के निजता के अधिकार, शिक्षा के अधिकार तथा संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 21A के प्रावधानों का उल्लंघन कर सकती है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी मांग की है कि जो छात्र APAAR योजना में शामिल नहीं होना चाहते, उनके साथ प्रवेश, परीक्षा, अंकपत्र या प्रमाणपत्र जारी करने जैसी किसी भी प्रक्रिया में भेदभाव न किया जाए।



Monday, July 20, 2026

स्पेन बना फ़ुटबॉल वर्ल्ड चैंपियन

फुटबॉल की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट फीफा विश्व कप में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल कर लिया। रोमांच, संघर्ष और बेहतरीन खेल कौशल से भरपूर फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 1–0 से हराकर विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। अंतिम सीटी बजते ही पूरे स्टेडियम में स्पेन के खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और लाखों समर्थकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। खिलाड़ियों ने मैदान पर एक-दूसरे को गले लगाया, राष्ट्रीय ध्वज लहराया और ऐतिहासिक जीत का उत्सव मनाया।

यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन, टीम भावना और उत्कृष्ट रणनीति का परिणाम है। स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में संतुलित प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया कि मजबूत टीमवर्क और आत्मविश्वास किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं।

फाइनल मुकाबले का रोमांच

विश्व कप का फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद रोमांचक रहा। दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया और गोल करने के कई अवसर बनाए। पहले हाफ में दोनों पक्षों ने शानदार रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन किया, जिसके कारण कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी।

दूसरे हाफ में स्पेन ने अपनी रणनीति बदली और लगातार विपक्षी टीम पर दबाव बनाना शुरू किया। मैच के निर्णायक क्षण में स्पेन के स्टार खिलाड़ी ने शानदार मूव बनाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। यह गोल पूरे मुकाबले का निर्णायक क्षण साबित हुआ।

गोल होने के बाद विपक्षी टीम ने बराबरी करने के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षा पंक्ति और गोलकीपर ने सभी हमलों को विफल कर दिया। निर्धारित समय समाप्त होते ही रेफरी की अंतिम सीटी बजी और स्पेन विश्व चैंपियन बन गया।

पूरे टूर्नामेंट में रहा शानदार प्रदर्शन

स्पेन ने विश्व कप की शुरुआत से ही प्रभावशाली प्रदर्शन किया। ग्रुप चरण में टीम ने बेहतरीन तालमेल और आक्रामक फुटबॉल का प्रदर्शन करते हुए लगातार जीत दर्ज की। इसके बाद नॉकआउट मुकाबलों में भी स्पेन ने आत्मविश्वास और संयम के साथ अपने विरोधियों को हराया।

क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल—तीनों महत्वपूर्ण मुकाबलों में स्पेन ने अपनी रणनीति, फिटनेस और टीमवर्क के दम पर जीत हासिल की। खिलाड़ियों ने हर मैच में अनुशासन और धैर्य का परिचय दिया।

खिलाड़ियों का उत्कृष्ट योगदान

स्पेन की सफलता में पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कप्तान ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार नेतृत्व किया और खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा बनाए रखा। मिडफील्ड खिलाड़ियों ने गेंद पर शानदार नियंत्रण बनाए रखा, जबकि फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने लगातार विपक्षी रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाया।

रक्षा पंक्ति ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कई मजबूत टीमों को गोल करने से रोका। वहीं गोलकीपर ने कई महत्वपूर्ण बचाव कर टीम की जीत सुनिश्चित की। फाइनल मुकाबले में भी गोलकीपर का प्रदर्शन दर्शकों और विशेषज्ञों की सराहना का केंद्र रहा।

कोच की रणनीति बनी जीत की कुंजी

स्पेन की जीत में टीम के मुख्य कोच की रणनीति का भी अहम योगदान रहा। उन्होंने प्रत्येक मैच में विरोधी टीम की कमजोरियों का गहराई से अध्ययन किया और उसी के अनुसार टीम को मैदान में उतारा।

कोच ने युवा खिलाड़ियों और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन संतुलन स्थापित किया। मैच के दौरान किए गए समय पर बदलाव (सब्स्टीट्यूशन) भी टीम के लिए काफी प्रभावी साबित हुए।

मैच के बाद कोच ने कहा,

"यह जीत पूरे स्पेन की है। खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में कड़ी मेहनत की और आज उसका परिणाम पूरी दुनिया के सामने है। हमें अपनी टीम पर गर्व है।"

कप्तान की भावुक प्रतिक्रिया

विश्व कप ट्रॉफी जीतने के बाद स्पेन के कप्तान भावुक नजर आए। उन्होंने कहा,

"यह हमारे जीवन का सबसे यादगार पल है। हमने वर्षों तक इस दिन का सपना देखा था। यह जीत हमारे देश, हमारे परिवारों और उन सभी प्रशंसकों को समर्पित है जिन्होंने हर परिस्थिति में हमारा समर्थन किया।"

कप्तान ने यह भी कहा कि टीम का प्रत्येक खिलाड़ी इस सफलता का बराबर का हकदार है।

स्टेडियम में जश्न का माहौल

जैसे ही स्पेन की जीत की घोषणा हुई, पूरा स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा। हजारों स्पेनिश समर्थकों ने राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए अपनी खुशी का इजहार किया।

खिलाड़ियों ने मैदान का चक्कर लगाकर प्रशंसकों का अभिवादन किया। इसके बाद पुरस्कार वितरण समारोह में टीम को विश्व कप ट्रॉफी प्रदान की गई। खिलाड़ियों ने ट्रॉफी को हवा में उठाकर जीत का जश्न मनाया।

स्पेन में खुशी की लहर

विश्व कप जीतने के बाद पूरे स्पेन में उत्सव का माहौल बन गया। राजधानी मैड्रिड, बार्सिलोना, सेविया, वेलेंसिया और अन्य प्रमुख शहरों में लाखों लोग सड़कों पर उतर आए।

लोगों ने आतिशबाजी की, राष्ट्रीय ध्वज लहराए और पारंपरिक गीतों पर नृत्य किया। कई स्थानों पर बड़ी स्क्रीन लगाकर फाइनल मुकाबला दिखाया गया था, जहां अंतिम सीटी बजते ही लोग खुशी से झूम उठे।

सरकार ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी और उनकी उपलब्धि को पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बताया।

विश्व नेताओं और खेल जगत की बधाइयाँ

स्पेन की ऐतिहासिक जीत पर दुनिया भर के नेताओं, खिलाड़ियों और खेल संगठनों ने टीम को शुभकामनाएँ दीं।

कई पूर्व फुटबॉल खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे संतुलित और आकर्षक फुटबॉल खेला। विशेषज्ञों ने भी माना कि टीम की सफलता उसके अनुशासन, तकनीकी क्षमता और सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा

स्पेन की यह जीत आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। देशभर की फुटबॉल अकादमियों में प्रशिक्षण लेने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए यह संदेश है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण से विश्व स्तर पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस जीत के बाद स्पेन में फुटबॉल के प्रति युवाओं का आकर्षण और बढ़ेगा।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

विश्व कप जीत का प्रभाव केवल खेल तक सीमित नहीं रहता। इससे पर्यटन, खेल उद्योग, विज्ञापन और फुटबॉल क्लबों को भी लाभ मिलता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, स्पेन की इस सफलता से देश की खेल अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। खिलाड़ियों की लोकप्रियता बढ़ेगी और फुटबॉल से जुड़े व्यवसायों को भी फायदा होगा।

भविष्य की चुनौतियाँ

विश्व कप जीतने के बाद अब स्पेन की नजर आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर होगी। टीम इस सफलता को बनाए रखने और भविष्य में भी विश्व फुटबॉल में अपना दबदबा कायम रखने का प्रयास करेगी।

कोच और खिलाड़ी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वे लगातार मेहनत करते रहेंगे ताकि आने वाले वर्षों में भी स्पेन विश्व फुटबॉल की शीर्ष टीमों में बना रहे।

स्पेन की यह ऐतिहासिक जीत फुटबॉल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज की जाएगी। पूरे टूर्नामेंट में टीम ने अनुशासन, उत्कृष्ट रणनीति, तकनीकी कौशल और अद्भुत टीम भावना का परिचय दिया। फाइनल में मिली जीत ने करोड़ों प्रशंसकों का सपना साकार कर दिया।

विश्व कप ट्रॉफी जीतकर स्पेन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि मेहनत, एकता और आत्मविश्वास किसी भी लक्ष्य को हासिल करने की सबसे बड़ी ताकत हैं। यह जीत केवल खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक उपलब्धि है, जिसे आने वाली पीढ़ियाँ लंबे समय तक याद रखेंगी।











दिल्ली विश्वविद्यालय यदि प्रवेश मिलने के बाद भी जांच में दस्तावेज फर्जी या संशोधित पाए जाते हैं तो पंजीकरण और प्रवेश दोनों निरस्त कर दिए जाएंगे

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने यूजी और पीजी प्रवेश प्रक्रिया में दस्तावेजों की सत्यता को लेकर बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि एआइ की मदद से तैयार, डिजिटल रूप से संशोधित या अत्यधिक संपादित दस्तावेज अपलोड करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके लिए दाखिला शाखा ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर सभी उम्मीदवारों को केवल मूल दस्तावेजों की बिना किसी डिजिटल बदलाव वाली स्कैन कापी अपलोड करने की सलाह दी है।

विश्वविद्यालय के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया के दौरान ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ अभ्यर्थियों ने प्रमाणपत्रों और अन्य आवश्यक दस्तावेजों में डिजिटल बदलाव कर उन्हें पोर्टल पर अपलोड किया। इसे प्रवेश प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए गंभीर खतरा माना गया है।

इसी कारण डीयू ने चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर दस्तावेजों में हेरफेर या फर्जीवाड़ा पाए जाने पर संबंधित उम्मीदवार की उम्मीदवारी तत्काल रद कर दी जाएगी।

प्रवेश मिलने के बाद भी होगी कार्रवाई

दिल्ली विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि प्रवेश मिलने के बाद भी जांच में दस्तावेज फर्जी या संशोधित पाए जाते हैं तो पंजीकरण और प्रवेश दोनों निरस्त कर दिए जाएंगे। ऐसे मामलों में जमा की गई फीस वापस नहीं होगी और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अभ्यर्थी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

दस्तावेजों की जांच को और मजबूत बनाने के लिए डीयू अब आधुनिक डिजिटल सत्यापन तकनीकों और उन्नत एआइ आधारित वेरिफिकेशन टूल्स का उपयोग करेगा। इन तकनीकों की मदद से प्रमाणपत्रों में की गई छेड़छाड़ या डिजिटल एडिटिंग की पहचान आसानी से की जा सकेगी।

विश्वविद्यालय ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अपने सभी दस्तावेज दोबारा जांच लें और केवल वास्तविक, वैध तथा मूल प्रमाणपत्रों की स्पष्ट स्कैन प्रतियां ही अपलोड करें, ताकि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।



Saturday, July 18, 2026

भारत ने रचा नया इतिहास: पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ का सफल प्रक्षेपण

भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। शनिवार को देश के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण किया गया। यह मिशन अपने पहले ही प्रयास में सफल रहा, जिससे भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग को बड़ी मजबूती मिली है।

विक्रम-1 को भारतीय निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने पूरी तरह स्वदेशी तकनीक के साथ विकसित किया है। रॉकेट की डिजाइनिंग, निर्माण, परीक्षण और मिशन संचालन का कार्य कंपनी ने स्वयं किया। प्रक्षेपण के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लॉन्चपैड और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का उपयोग किया गया।

यह सफलता भारत में निजी क्षेत्र की बढ़ती तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। विक्रम-1 को छोटे और मध्यम आकार के उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में स्थापित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। सफल परीक्षण से यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय निजी कंपनियां अब अंतरिक्ष प्रक्षेपण जैसी जटिल तकनीकों में भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से भारत के अंतरिक्ष उद्योग में निवेश बढ़ेगा, नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और वैश्विक सैटेलाइट लॉन्च बाजार में भारत की हिस्सेदारी मजबूत होगी। आने वाले वर्षों में निजी कंपनियों की भागीदारी से अंतरिक्ष मिशनों की संख्या और तकनीकी नवाचार दोनों में तेजी आने की संभावना है।

भारत पहले ही चंद्रयान, मंगलयान और अन्य सफल अंतरिक्ष अभियानों के माध्यम से अपनी वैज्ञानिक क्षमता का परिचय दे चुका है। अब विक्रम-1 की सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी संस्थानों के साथ-साथ निजी उद्योग भी देश के अंतरिक्ष मिशन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के उभरते अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

Friday, July 17, 2026

डॉ. बी.आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू, शैक्षणिक सत्र 2026–27 हेतु आवेदन आमंत्रित, अधिकांश पाठ्यक्रमों में CUET (UG)-2026 के आधार पर होगा प्रवेश

दिल्ली सरकार के अधीन स्थापित डॉ. बी.आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (AUD) ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए स्नातक (UG) कार्यक्रमों में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। विश्वविद्यालय ने विभिन्न स्कूलों के अंतर्गत संचालित  चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट https://aud.delhi.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।


📅 आवेदन प्रक्रिया शुरू

विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 14 जुलाई 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन करने से पहले Admission Brochure तथा पात्रता संबंधी सभी निर्देश ध्यानपूर्वक पढ़ लें।


🎓 इन पाठ्यक्रमों में मिलेगा प्रवेश

विश्वविद्यालय ने निम्नलिखित स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं—

BA (Honours)

  • Economics
  • English
  • Hindi
  • History
  • Political Science
  • Psychology
  • Social Sciences and Humanities
  • Sociology

BA Programmes

  • Global Studies
  • Law and Politics
  • Museology, Culture and Heritage Management
  • Social Science
  • Sustainable Urbanism

BA-B.Ed.

  • Preparatory Stage (NCET के माध्यम से)
  • Secondary Stage (NCET के माध्यम से)

अन्य पाठ्यक्रम

  • BBA
  • BBA (IEVD)
  • B.Sc. (Hons.) Mathematics
  • BA Visual Arts

BVoc Programmes

  • Accounting and Finance
  • Early Childhood Care and Education Management and Entrepreneurship
  • Retail Management
  • Tourism and Hospitality

📍 इन परिसरों में संचालित होंगे कार्यक्रम

विश्वविद्यालय के निम्नलिखित परिसरों में विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे—

  • कश्मीरी गेट (Kashmere Gate)
  • करमपुरा (Karampura)
  • लोधी रोड (Lodhi Road)
  • कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया (Qutab Institutional Area)

✅ प्रवेश का आधार

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि अधिकांश स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश CUET (UG)-2026 में प्राप्त अंकों के आधार पर दिया जाएगा। प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित पेपर कोड एवं विषय संयोजन का पालन करना अनिवार्य होगा।

वहीं, BA-B.Ed. कार्यक्रमों में प्रवेश NCET के माध्यम से होगा।


⚠️ BBA (IEVD) के लिए विशेष व्यवस्था

विश्वविद्यालय ने सूचना में स्पष्ट किया है कि BBA (IEVD) कार्यक्रम में प्रवेश CUET के माध्यम से नहीं होगा। इस पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया एवं पात्रता संबंधी विस्तृत जानकारी Admission Brochure में उपलब्ध है।


📄 आवेदन से पहले रखें ये दस्तावेज

  • CUET (UG)-2026 स्कोर कार्ड
  • कक्षा 10वीं एवं 12वीं की अंकतालिका
  • पासपोर्ट आकार का फोटो
  • हस्ताक्षर
  • पहचान पत्र
  • आरक्षण प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)

🌐 आवेदन कहाँ करें?

सभी इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट https://aud.delhi.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर प्रवेश पुस्तिका (Admission Brochure), पात्रता, विषय संयोजन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं।


📌 मुख्य बिंदु (Highlights)

  • विश्वविद्यालय: डॉ. बी.आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली
  • सत्र: 2026–27
  • आवेदन प्रारंभ: 14 जुलाई 2026
  • कुल पाठ्यक्रम: 23 चार वर्षीय UG Programmes
  • प्रवेश का आधार: CUET (UG)-2026 (अधिकांश पाठ्यक्रम)
  • BA-B.Ed.: NCET के माध्यम से प्रवेश
  • BBA (IEVD): CUET से अलग प्रवेश प्रक्रिया
  • आधिकारिक वेबसाइट: www.aud.delhi.gov.in

अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि, काउंसलिंग कार्यक्रम तथा अन्य अपडेट के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नज़र बनाए रखें।






नीट यूजी का परिणाम जारी, सफल होने वालों में 58 फीसदी छात्राएं

पेपर लीक के बाद अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच आयोजित नीट यूजी 2026 का परिणाम गुरुवार रात को घोषित कर दिया गया। इसमें पंजाब के आर्यन और हरियाणा के पांशुल ने टॉप किया। इन दोनों ने 720 में से 715 अंक हासिल किए। क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों में 58 प्रतिशत छात्राएं हैं। https://neet.nta.nic.in/ पर जाकर उम्मीदवार अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं।

नीट यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक होने के कारण दोबारा कराई गई थी। 21 जून को दोबारा हुई परीक्षा में देश और विदेश के करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी।

मुख्य बिंदु

19 उम्मीदवारों ने 700 से अधिक अंक हासिल किए।

20 लाख अभ्यर्थी दोबारा हुई प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे।

  • पंजाब और हरियाणा के दो छात्र संयुक्त रूप से टॉपर बने।
  • प्रश्नपत्र लीक होने के कारण कड़ी सुरक्षा में दोबारा हुई थी परीक्षा।

इस प्रवेश परीक्षा में 11.21 लाख उम्मीदवार एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबद्ध मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए चयनित हुए हैं।

138 उम्मीदवारों को 690 अंक

एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के अनुसार, 138 उम्मीदवारों ने 720 में से 690 या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं। इनमें से 93 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थी पहली बार नीट परीक्षा में शामिल हुए थे। 99 प्रतिशत टॉपर्स की उम्र 17 से 19 वर्ष के बीच है। देशभर में 19 उम्मीदवारों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए।

डेढ़ हजार को 650 या अधिक अंक

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अनुसार, 1492 उम्मीदवारों ने 650 या उससे अधिक, 10,160 उम्मीदवारों ने 600 या उससे अधिक, और 90,780 उम्मीदवारों ने 500 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए। प्रवेश परीक्षा के परिणाम समय पर जारी होने से मेडिकल कॉलेजों में दाखिले और काउंसलिंग की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू हो सकेगी।






डीयू में 93 हजार छात्रों को सीट आवंटित स्नातक में प्रवेश के लिए पहले चरण की सीटें आवंटित, 18 जुलाई की रात 12 बजे से पहले सीट स्वीकार करने की सलाह

दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रवेश के पहले चरण में 93 हजार से ज्यादा छात्रों को सीटें आवंटित की हैं। इन छात्रों को 18 जुलाई की रात 12 बजे से पहले अपनी सीट स्वीकार करने और निर्धारित शुल्क जमा करने की सलाह डीयू की ओर से दी गई है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश प्रक्रिया अब तेज हो गई है। विश्वविद्यालय ने 67 कॉलेजों के 221 स्नातक कार्यक्रमों के लिए कुल 1,393 कार्यक्रम-कॉलेज संयोजनों में 93,033 अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की हैं।

डीयू के अनुसार इस वर्ष कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के तहत 2,18,284 अभ्यर्थियों ने सफलतापूर्वक पंजीकरण कराया। जबकि 2,08,843 अभ्यर्थियों ने 13 जुलाई तक दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी की। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कुल 1.59 करोड़ से अधिक कॉलेज-कार्यक्रम प्राथमिकताओं (15,942,385 preferences) पर विचार किया गया।

विश्वविद्यालय के मुताबिक पहले चरण में सीट आवंटन की दर (Allocation Rate) लगभग 86.1 प्रतिशत रही। चयनित छात्रों में 42,019 छात्र और 51,014 छात्राएं शामिल हैं।

इसके अलावा:

  • एकल बालिका (Single Girl Child) श्रेणी के 1,243 छात्रों को सीटें मिलीं।
  • अनाथ श्रेणी के 242 छात्रों को भी सीटें आवंटित की गईं।
  • इनमें 109 छात्र और 133 छात्राएं शामिल हैं।

श्रेणीवार आंकड़ों के अनुसार:

  • अनारक्षित (UR) वर्ग: 99.9%
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 96%
  • अनुसूचित जाति (SC): 95.2%
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 92.7%
  • अनुसूचित जनजाति (ST): 67.3%
  • दिव्यांग (PwBD): 23%

महत्वपूर्ण तिथियां

18 जुलाई

  • पहले शुल्क जमा कर सीट स्वीकार करने की अंतिम सलाह।

28 जुलाई

  • शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षाएं डीयू में शुरू होंगी।

छात्रों को मिलेगा फ्रीज या अपग्रेड का विकल्प

विश्वविद्यालय ने कहा है कि सीट स्वीकार करने के बाद छात्र शुल्क जमा करेंगे। इसके बाद उन्हें फ्रीज या अपग्रेड का विकल्प मिलेगा। अपग्रेड चुनने वाले अभ्यर्थी 21 जुलाई रात 11:59 बजे तक अपनी उच्च प्राथमिकताओं का क्रम बदल सकेंगे। विश्वविद्यालय ने छात्रों से प्रवेश संबंधी अपडेट के लिए नियमित रूप से प्रवेश पोर्टल देखने की अपील की है।


पीजी पाठ्यक्रमों में दस हजार छात्रों ने लिया प्रवेश

डीयू ने अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया की भी जानकारी साझा की है। विश्वविद्यालय ने बताया कि पीजी कार्यक्रमों में अब तक लगभग 10,240 छात्रों ने प्रवेश ले लिया है। इनमें लगभग 6,240 छात्रों ने अपनी सीट फ्रीज की और 2,153 ने अपग्रेड का विकल्प चुना है।


एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम

दिल्ली विश्वविद्यालय में दो वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के साथ-साथ एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम में भी छात्रों ने रुचि दिखाई है। इस बार एक वर्षीय पीजी के लिए 12 हजार से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है।


28 जुलाई से नए सत्र की पढ़ाई होगी शुरू

पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम के दूसरे स्पॉट राउंड की शुरुआत 17 जुलाई से होगी। बीटेक पाठ्यक्रमों के अगले चरण की सीट आवंटन और प्रवेश प्रक्रिया 19 जुलाई से शुरू होगी। विश्वविद्यालय ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षाएं 28 जुलाई 2026 से प्रारंभ होंगी।



Wednesday, July 15, 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) ने अकादमी सत्र 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) पाठ्यक्रमों में दाखिले शुरू कर दिए हैं

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) ने अकादमी सत्र 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) पाठ्यक्रमों में दाखिले शुरू कर दिए हैं। 14 जुलाई रात 11 बजे से ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बार छात्रों के लिए दो नए प्रोफेशनल कोर्स MBA हेल्थकेयर और BSc कंप्यूटटर साइंस भी लॉन्च किए गए हैं। इसके अलावा एडमिशन प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान और डिजिटल बनाया गया है ताकि छात्रों को आवेदन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

शुरू हो गया एडमिशन

DU SOL में नए सत्र के लिए यूजी और PG कोर्सों में दाखिले शुरू हो गए हैं। इच्छुक छात्र आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस बार एडमिशन प्रक्रिया को टेक्नीक के तरीके और आरामदायक बनाया गया है ताकि छात्र घर बैठे आसानी से आवेदन पूरा कर सकें। पायल मागो ने बताया कि इस सत्र से छात्रों के लिए दो नए कोर्स शुरू किए गए हैं। इनमें एमबीए (हेल्थकेयर) और बीएससी कंप्यूटर साइंस शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक उद्योगों की इकाइयों के अनुसार शिक्षा देना और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। विश्वविद्यालय का गठन है कि इन नए कोर्सों से छात्रों को भविष्य की नौकरियों के लिए बेहतर कौशल मिलेंगे।



सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक लगाने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या अंग्रेजी को भारत की स्वदेशी (मूल) भाषा माना जा सकता है। साथ ही इसे लागू करने में आने वाली चुनौतियों को लेकर सरकार और सीबीएसई से 10 दिन में जवाब मांगा है। अब 14 दिन बाद 29 जुलाई को इस मामले में सुनवाई होगी।

दरअसल, थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी मौजूदा 2026-27 सेशन से लागू कर दी गई है। नई पॉलिसी के मुताबिक स्टूडेंट्स को 2 भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। ऐसे में उन्हें वे भाषाएं छोड़नी पड़ेंगी, जिन्हें वे क्लास 5 से लगातार पढ़ रहे हैं।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने तैयारी के बिना तीन-भाषा नीति लागू कर दी है। स्कूलों में पर्याप्त टीचर, किताबें और जरूरी एकेडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है, जिससे स्टूडेंट-टीचर को परेशानी हो रही है।

थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े सवाल-जवाब, जो आपको जानना जरूरी है

1. मामला क्या है? जवाब: सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर 6 जून को यूटर्न लिया और नई गाइडलाइन जारी की थी। इसके मुताबिक, इस साल 10वीं में पढ़ रहे छात्रों को तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं देनी होगी।

7वीं, 8वीं और 9वीं के वे छात्र, जिन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, वे अपनी वही भाषाएं जारी रख सकेंगे। हालांकि, उन्हें इसके साथ एक भारतीय भाषा भी पढ़नी होगी। पूरी खबर पढ़ें

2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? जवाब: पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच, जर्मन) पढ़ते थे। अब नियम कहता है कि तीन में से कम-से-कम दो भाषाएं भारतीय होनी चाहिए। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही ली जा सकेगी।

3. याचिकाएं किसकी तरफ से लगाई गई थीं? जवाब: याचिकाएं छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी ने दायर की थीं। याचिकाकर्ताओं की तरफ से सीनियर एडवोकेट आनंद ग्रोवर, सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने सुनवाई की।

4. याचिकाकर्ताओं की आपत्ति क्या है? जवाब: नियम अचानक लागू कर दिया गया। कई भाषाओं की किताबें अभी उपलब्ध नहीं हैं। स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक नहीं हैं। इससे छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

5. कोर्ट में किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? जवाब: सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने पर रोक लगनी चाहिए। सीनियर एडवोकेट आनंद ग्रोवर, सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से अभी केवल 3 भाषाओं की किताबें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं में पढ़ाई कैसे शुरू होगी?

6. शिक्षकों को लेकर क्या समस्या बताई गई? जवाब: वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि अगर किसी स्कूल में नई भारतीय भाषा पढ़ानी होगी, तो उसके लिए प्रशिक्षित शिक्षक चाहिए। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इतने कम समय में शिक्षक और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

7. क्या विदेशी भाषा पूरी तरह बंद हो जाएगी? जवाब: नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन पहले उन्हें दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी।

8. तीसरी भाषा (R3) का बोर्ड एग्जाम होगा? जवाब: नहीं। CBSE ने कहा है कि कक्षा 10 के बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

9. अभी आगे क्या होगा? जवाब: केंद्र, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि इस नीति पर आगे क्या आदेश देना है।



Saturday, July 11, 2026

DTU (डीटीयू) में तीन नए बीटेक कोर्सों की शुरुआत हुई, सत्र 2026-27 से कंप्यूटर साइंस में एआई, मैकेनिकल व ऑटोमेशन, और क्वांटम टेक्नोलॉजी में बीटेक कोर्स शुरू होंगे। प्रत्येक में 60 सीटें होंगी और दाखिले जेईई मेन्स के स्कोर पर होंगे।

दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DTU) अब देश की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ छात्रों को भविष्य की तकनीक से लैस करने जा रहा है।

विश्वविद्यालय ने भारतीय सेना के साथ एमओयू किया है, जिसके तहत स्वदेशी रिसर्च और उन्नत सेंसर के जरिए सेना के पुराने हथियारों को आधुनिक बनाया जाएगा। कुलपति प्रो. प्रतीक शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि इसके साथ ही नए अकादमिक सत्र 2026-27 से कई बड़े बदलाव और नए कोर्स शुरू होने जा रहे हैं।

नए कोर्स और दाखिला प्रक्रिया
सत्र 2026-27 से कंप्यूटर साइंस में एआई, मैकेनिकल व ऑटोमेशन, और क्वांटम टेक्नोलॉजी में बीटेक कोर्स शुरू होंगे। प्रत्येक में 60 सीटें होंगी और दाखिले जेईई मेन्स के स्कोर पर होंगे।

अत्याधुनिक विकल्प
इसी सत्र से डेटा साइंस व एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में दो इंटीग्रेटेड बीएससी-एमएससी कोर्स शुरू हुए हैं। साथ ही, ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी के साथ पांच वर्षीय संयुक्त बीटेक-एमएस कोर्स और बीटेक के साथ इकोनॉमिक्स में ‘डबल मेजर ट्रैक’ (मशीन लर्निंग फॉर इकोनॉमिक्स, गेम थ्योरी आदि) का विकल्प भी मिलेगा। साथ ही, चुनिंदा यूजी और पीजी कोर्सों में एकल छात्राओं के लिए विशेष कोटा शुरू किया गया है।

9वीं के लिए सर्टिफिकेट कोर्स
कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए एप्लाइड एआई, डेटा एनालिटिक्स व एंटरप्रेन्योरशिप में 6 सप्ताह का कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिससे उन्हें 3 अकादमिक क्रेडिट मिलेंगे।

#bharatadmissionportal

दिल्ली विश्वविद्यालय ने विभिन्न पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया के लिए आवेदन की आज अंतिम तिथि है

विश्वविद्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्नातक दाखिले के लिए अब तक 1,90,645 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 1,64,098 अभ्यर्थियों ने सीएसएएस के दूसरे चरण को पूरा कर लिया है। विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपनी वरीयताएं भरने में देर न करें। 
वरीयता भरने की अंतिम तिथि 11 जुलाई 2026 को रात 11:59 बजे है।

दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए तीसरी सूची भी जारी कर दी गई है। एमएफए, बीपीएड, एमपीएड और संगीत जैसे प्रदर्शन आधारित कार्यक्रमों के लिए आवंटन जारी किए गए हैं



#bharatadmissionportal

Friday, July 10, 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉन-कॉलेजिएट विमेन्स एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक प्रवेश का कार्यक्रम जारी कर दिया है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 8 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगी

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉन-कॉलेजिएट विमेन्स एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक प्रवेश का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जारी शेड्यूल के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 8 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगी। यह व्यवस्था उन छात्राओं के लिए है जो किसी कारणवश नियमित कॉलेज में पढ़ाई नहीं कर पाती हैं। NCWEB वर्ष 1944 से सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) में कक्षाएं संचालित कर महिलाओं को उच्च शिक्षा का अवसर प्रदान कर रहा है।

NCWEB में केवल दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) की पात्र महिला अभ्यर्थियां ही आवेदन कर सकती हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। अभ्यर्थियों को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन पत्र जमा करने से पहले सभी जानकारियों का सावधानीपूर्वक सत्यापन करने की सलाह दी गई है।

विश्वविद्यालय के प्रवेश कार्यक्रम के अनुसार पहली कट-ऑफ सूची 27 जुलाई 2026 (सोमवार) को जारी की जाएगी। पहली कट-ऑफ के तहत पात्र अभ्यर्थी 28 जुलाई सुबह 10 बजे से 30 जुलाई 2026 रात 11:59 बजे तक प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। कॉलेजों द्वारा आवेदन का सत्यापन और स्वीकृति 31 जुलाई 2026 शाम 5 बजे तक की जाएगी, जबकि चयनित छात्राओं को प्रवेश शुल्क 1 अगस्त 2026 शाम 5 बजे तक जमा करना होगा।

इसके बाद दूसरी कट-ऑफ सूची 3 अगस्त 2026 (सोमवार) को जारी होगी। दूसरी कट-ऑफ के लिए आवेदन 4 अगस्त सुबह 10 बजे से 6 अगस्त 2026 रात 11:59 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। कॉलेज 7 अगस्त 2026 शाम 5 बजे तक आवेदनों का सत्यापन करेंगे और अभ्यर्थियों को 8 अगस्त 2026 शाम 5 बजे तक प्रवेश शुल्क जमा करना होगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी। कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और उसी के अनुसार सीटों का आवंटन किया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन पत्र में सही शैक्षणिक जानकारी भरने और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी गई है।








#bharatadmissionportal

Monday, July 6, 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUP) पूरा कर चुके छात्रों के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है।

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUP) पूरा कर चुके छात्रों के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस पाठ्यक्रम में केवल वही छात्र प्रवेश के पात्र होंगे जिन्होंने विश्वविद्यालय की स्नातक रूपरेखा (UGCF-2022) तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा किया है। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

पिछले सत्र में 58 इंजीनियरिंग व तकनीकी कॉलेजों पर लगा ताला, 950 से अधिक कोर्स भी बंद

देश में इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान देशभर के 58 इंजीनियरिंग एवं तकनीकी कॉलेजों को "प्रोग्रेसिव क्लोजर" के तहत बंद करने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही 950 से अधिक इंजीनियरिंग और तकनीकी पाठ्यक्रम भी समाप्त कर दिए गए हैं। AICTE का कहना है कि यह फैसला तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

AICTE के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इन संस्थानों में लगातार घट रही छात्र संख्या, योग्य शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव तथा परिषद के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मानकों का पालन नहीं किए जाने जैसी कई वजहें सामने आईं। इन कारणों से संबंधित संस्थानों को नए छात्रों के प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

क्या होता है 'प्रोग्रेसिव क्लोजर'?

AICTE ने स्पष्ट किया है कि "प्रोग्रेसिव क्लोजर" का अर्थ कॉलेज को तत्काल बंद करना नहीं है। इसके तहत संबंधित संस्थान प्रथम वर्ष में नए छात्रों का प्रवेश नहीं ले सकेंगे, लेकिन पहले से अध्ययनरत विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। वर्तमान छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से संस्थान का संचालन समाप्त हो जाएगा।

किन राज्यों में सबसे अधिक कॉलेज बंद हुए

AICTE के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 12-12 इंजीनियरिंग एवं तकनीकी कॉलेज उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बंद किए गए हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश में 8, तेलंगाना और पंजाब में 4-4, आंध्र प्रदेश तथा राजस्थान में 3-3 संस्थान बंद हुए हैं।

इसके अलावा गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में 2-2 कॉलेजों को बंद करने की अनुमति दी गई है। हरियाणा, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल तथा पुडुचेरी में एक-एक संस्थान प्रभावित हुआ है। कुल 58 संस्थानों में से केवल तीन सरकारी सहायता प्राप्त (Government Aided) हैं, जबकि शेष निजी संस्थान हैं।

950 से अधिक पाठ्यक्रम भी समाप्त

केवल कॉलेज ही नहीं, बल्कि देशभर के इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों में संचालित 950 से अधिक पाठ्यक्रम भी बंद किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कई पारंपरिक शाखाओं में लगातार घटती मांग, उद्योगों की बदलती जरूरतें तथा छात्रों का नए तकनीकी क्षेत्रों की ओर रुझान इसके प्रमुख कारण हैं।

विशेषज्ञों की राय

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले एक दशक में देश में बड़ी संख्या में निजी इंजीनियरिंग कॉलेज खुले, लेकिन रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों की संख्या में गिरावट के कारण अनेक संस्थान संकट में आ गए। अब AICTE ऐसे संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से बंद कर तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में काम कर रहा है।

कॉलेजों के नाम

AICTE ने अभी तक बंद किए गए सभी 58 कॉलेजों की विस्तृत सूची सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की है। फिलहाल केवल राज्यवार आंकड़े उपलब्ध कराए गए हैं। पूरी सूची जारी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन-किन संस्थानों को प्रोग्रेसिव क्लोजर के तहत शामिल किया गया है।


#bharatadmissionportal

Saturday, July 4, 2026

हिंदू सम्राट पूज्य बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री जी को उनके जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ।

॥ जय श्री राम ॥
हिंदू सम्राट पूज्य बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री जी को उनके जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ।
प्रभु श्रीराम और बालाजी महाराज की असीम कृपा आप पर सदैव बनी रहे। आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, यश, ऊर्जा और अखंड शक्ति प्राप्त हो, ताकि आप सनातन धर्म, राष्ट्र, संस्कृति और मानव सेवा के अपने पावन संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाते रहें।
आपके प्रेरणादायी विचार, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और धर्म-जागरण का अभियान निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त करे तथा समस्त भारतवर्ष में सद्भाव, धर्म और संस्कारों का प्रकाश फैलता रहे।
जन्मदिवस की अनंत शुभकामनाएँ!
जय श्री राम! 🚩

स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि एवं शत्-शत् नमन।

"उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।"
युगद्रष्टा, महान संन्यासी, अद्वैत वेदांत के प्रखर प्रवक्ता एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
स्वामी जी ने अपने विचारों, ज्ञान, राष्ट्रप्रेम और मानव सेवा के संदेश से भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को नई दिशा दी। उनका जीवन हमें आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण, निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
आइए, उनकी पुण्यतिथि पर हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा एक सशक्त, जागरूक और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लें।
स्वामी विवेकानंद जी को विनम्र श्रद्धांजलि।
शत्-शत् नमन। 🙏🕉️

Friday, July 3, 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रवेश के लिए कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम का दूसरा चरण शुरू किया, छात्र आज से कॉलेज-कोर्स चुन सकेंगे

दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रवेश के लिए कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। छात्र आज से अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स का चयन कर सकेंगे।
इस वर्ष 73 स्नातक पाठ्यक्रमों और 150 से अधिक कार्यक्रम संयोजनों में प्रवेश दिया जाएगा। दूसरे चरण में आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 जुलाई है।
विषयों का मिलान (Subject Mapping) आवश्यक
डीयू में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को कक्षा 12 में पढ़े गए विषयों के अनुरूप CUET-UG के विषयों का मिलान (Subject Mapping) करना होगा। इसके बाद अभ्यर्थी अपनी पात्रता के अनुसार जितने चाहें उतने पाठ्यक्रम और कॉलेज चुन सकेंगे।
विश्वविद्यालय ने बताया कि सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थियों को अपग्रेड और फ्रीज का विकल्प भी मिलेगा।
डीयू का संशोधित कार्यक्रम जारी
डीयू ने पीजी प्रवेश प्रक्रिया का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है।

तीसरी सीट आवंटन सूची जारी होगी।
प्रदर्शन आधारित पाठ्यक्रमों के प्रथम चरण का आवंटन होगा।
एनसीसी, खेल और वार्ड कोटा की सूची भी जारी की जाएगी।
चयनित अभ्यर्थी 9 से 11 जुलाई तक अपनी सीट स्वीकार कर सकेंगे।
3 से 5 जुलाई तक मिड-एंट्री और करेक्शन विंडो भी खुली रहेगी।
जितने चाहें उतने पाठ्यक्रम में कर सकते हैं आवेदन
प्रो. बिजयलक्ष्मी नंदा (मिरांडा हाउस की प्रिंसिपल) के अनुसार:

प्रश्न: यदि किसी छात्र के CUET-UG में कम अंक हैं और 12वीं में 99% अंक हैं, तो क्या वह सभी पाठ्यक्रमों के लिए पात्र होगा?
उत्तर: डीयू में प्रवेश केवल CUET-UG के नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर होगा। 12वीं के प्रतिशत के आधार पर प्रवेश नहीं मिलेगा।

प्रश्न: क्या एक से अधिक कोर्स के लिए आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, छात्र अपनी पात्रता के अनुसार जितने चाहें उतने पाठ्यक्रम और कॉलेजों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

प्रश्न: क्या आवेदन जमा करने के बाद बदलाव किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, करेक्शन विंडो खुलने पर आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।

प्रश्न: क्या 12वीं के अंक मेरिट बनाने में जोड़े जाएंगे?
उत्तर: नहीं। मेरिट सूची केवल CUET-UG के अंकों के आधार पर बनेगी। यदि दो अभ्यर्थियों के अंक समान होते हैं, तो ऐसी स्थिति में 12वीं के अंकों का उपयोग टाई-ब्रेकर के रूप में किया जा सकता है।

#bharatadmissionportal

Wednesday, July 1, 2026

विंटर वेकेशन के बाद स्कूल खुलने पर विद्यार्थियों के लिए शुभकामना संदेश 🌸📚

        📚🌸 विंटर वेकेशन के बाद स्कूल खुलने पर        
                  विद्यार्थियों के लिए शुभकामना संदेश 🌸📚

✨ नया दिन, नई शुरुआत, नए सपने और नई उड़ान! ✨

प्रिय विद्यार्थियों,
विंटर वेकेशन के बाद आज से विद्यालय पुनः खुल रहे हैं। आशा है कि आपने छुट्टियों का भरपूर आनंद लिया होगा और अब नई ऊर्जा, उत्साह तथा सकारात्मक सोच के साथ अपनी पढ़ाई शुरू करेंगे।
🎒 नियमित रूप से विद्यालय आएँ।
📖 मन लगाकर पढ़ाई करें।
🌱 अनुशासन, मेहनत और अच्छे संस्कारों को अपनाएँ।
🏆 हर दिन कुछ नया सीखें और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ें।
आप सभी को नए शैक्षणिक सत्र की हार्दिक शुभकामनाएँ!
ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, सफलता और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करे।
🌟 "सीखते रहिए, बढ़ते रहिए, क्योंकि शिक्षा ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है।"
📌 महत्वपूर्ण शिक्षा एवं प्रवेश संबंधी अपडेट के लिए देखें:

देशभर के अनेक राज्यों में अवकाश के बाद जुलाई के प्रारंभ में विद्यालय पुनः खुल रहे हैं और विद्यार्थी नए उत्साह के साथ कक्षाओं में लौट रहे हैं। 

दिल्ली विश्वविद्यालय ने NCWEB की पहली कट-ऑफ सूची जारी, 28 जुलाई से शुरू होगी ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नॉन-कॉलेजिएट विमेन एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) के अंतर्गत संचालित बी.ए. (प्रोग्राम) ...

Popular Posts

(Gateway of Admission) : "Bharat Admission Portal एक विश्वसनीय शैक्षणिक ब्लॉग है जहाँ आपको भारत भर के स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित एडमिशन नोटिफिकेशन, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, महत्वपूर्ण तिथियाँ, मेरिट लिस्ट, रिजल्ट और काउंसलिंग जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है। हमारा उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों को सही, ताज़ा और प्रमाणिक जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रदान करना है, ताकि वे अपने शैक्षणिक भविष्य से जुड़े सही निर्णय ले सकें।"

Latest News दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉन-कॉलेजिएट विमेन्स एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक प्रवेश का कार्यक्रम जारी कर दिया है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 8 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगी...