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Bharat Admission Portal (भारत एडमिशन पोर्टल) एक शैक्षणिक ब्लॉग (educational blog) है, जहाँ भारत भर के स्कूलों, कॉलेजों, यूनिवर्सिटी और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी जानकारियाँ सरल भाषा में साझा की जाती हैं। हमारा उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों को सही, ताज़ा और प्रमाणिक जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने शैक्षणिक भविष्य से जुड़े सही निर्णय ले सकें।

इस पोर्टल पर मुख्य रूप से निम्नलिखित जानकारियाँ उपलब्ध कराई जाती हैं:

  • एडमिशन नोटिफिकेशन: स्कूल और कॉलेज में प्रवेश से जुड़ी नई सूचनाएँ।
  • आवेदन प्रक्रिया व पात्रता: फॉर्म कैसे भरें और कौन आवेदन कर सकता है।
  • महत्वपूर्ण तिथियाँ: परीक्षा और रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीखें।
  • परिणाम और मेरिट लिस्ट: परीक्षाओं के रिजल्ट और काउंसलिंग की जानकारी।
  • एजुकेशन न्यूज़: शिक्षा जगत से जुड़े नवीनतम अपडेट्स।

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Tuesday, September 29, 2026

DU SOL में दाखिले के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 है

दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (DU SOL) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिले की प्रक्रिया जारी है। विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में जिन विद्यार्थियों ने अभी तक दाखिले के लिए आवेदन नहीं किया है, उनके पास आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अब सीमित समय बचा है।

DU SOL के माध्यम से विद्यार्थी नियमित कॉलेज में उपस्थित हुए बिना अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकते हैं। यहां विभिन्न विषयों और पाठ्यक्रमों में अध्ययन के विकल्प उपलब्ध हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी DU SOL के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला लेते हैं।

अंतिम तिथि से पहले पूरा करें आवेदन

विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लें। आवेदन करते समय विद्यार्थियों को व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और अन्य आवश्यक विवरण सावधानीपूर्वक भरने होंगे। इसके साथ ही निर्धारित दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन शुल्क जमा करने की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।

आवेदन फॉर्म जमा करने से पहले विद्यार्थियों को अपने द्वारा दर्ज की गई सभी जानकारियों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। किसी प्रकार की गलत जानकारी या अधूरा आवेदन आगे की प्रवेश प्रक्रिया में परेशानी का कारण बन सकता है।

वेबसाइट पर मिलेगी प्रवेश से जुड़ी जानकारी

DU SOL में दाखिले से संबंधित पाठ्यक्रम, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, शुल्क और अन्य दिशा-निर्देशों की जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। विद्यार्थी आवेदन करने से पहले संबंधित पाठ्यक्रम की पात्रता और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ लें।

विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 सितंबर 2026 आवेदन की अंतिम तिथि है। विद्यार्थियों को अंतिम समय में तकनीकी समस्या या वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक जैसी परेशानियों से बचने के लिए समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जाती है।

दाखिले से जुड़ी किसी भी नई सूचना या बदलाव के लिए विद्यार्थियों को DU SOL की आधिकारिक वेबसाइट और विश्वविद्यालय द्वारा जारी नोटिस पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

अधिक जानकारी के लिए: DU SOL की आधिकारिक वेबसाइट https://sol.du.ac.in/ पर जाकर विद्यार्थी प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रम, पात्रता और अन्य जरूरी दिशा-निर्देशों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।




Monday, September 28, 2026

CBSE Sample Paper 2027: 10वीं-12वीं के सैंपल पेपर जारी, परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम ऐसे समझें

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए सैंपल क्वेश्चन पेपर जारी कर दिए हैं। बोर्ड परीक्षा 2027 में शामिल होने वाले छात्र इन सैंपल पेपर के जरिए प्रश्नपत्र के प्रारूप, प्रश्नों की प्रकृति और अंक विभाजन को समझ सकते हैं। सीबीएसई ने संबंधित विषयों के साथ मार्किंग स्कीम भी उपलब्ध कराई है।

सैंपल पेपर जारी होने के बाद विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी को परीक्षा के वास्तविक स्वरूप के अनुसार व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। छात्र पेपर को समय सीमा के भीतर हल करके अपनी तैयारी का आकलन भी कर सकते हैं।

CBSE Sample Paper 2027 क्यों है महत्वपूर्ण?

बोर्ड परीक्षा की तैयारी में केवल पाठ्यक्रम पूरा करना ही पर्याप्त नहीं होता। विद्यार्थियों के लिए यह समझना भी जरूरी है कि परीक्षा में प्रश्न किस प्रकार पूछे जा सकते हैं और उत्तर लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सीबीएसई के सैंपल पेपर से छात्रों को प्रश्नपत्र की संरचना को समझने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा पेपर हल करने से समय प्रबंधन और लिखित अभ्यास को बेहतर किया जा सकता है।

मार्किंग स्कीम से समझें कितने अंक मिल सकते हैं

सीबीएसई ने सैंपल पेपर के साथ संबंधित विषयों की मार्किंग स्कीम भी उपलब्ध कराई है। विद्यार्थी सैंपल पेपर हल करने के बाद मार्किंग स्कीम से अपने उत्तरों का मिलान कर सकते हैं।

इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किसी प्रश्न के उत्तर में किन प्रमुख बिंदुओं को शामिल करना आवश्यक है। लंबे उत्तर वाले प्रश्नों में यह अभ्यास विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है।

कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए सैंपल पेपर

कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों के सैंपल पेपर जारी किए गए हैं। इनमें गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी सहित अन्य विषय शामिल हैं।

छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने सभी प्रमुख विषयों के सैंपल पेपर का अभ्यास करें। केवल आसान प्रश्नों पर ध्यान देने के बजाय अलग-अलग प्रकार के प्रश्नों को हल करने का प्रयास करना चाहिए।

कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए भी जारी हुए पेपर

कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए भी विषयवार सैंपल पेपर उपलब्ध कराए गए हैं। विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी वर्ग के विद्यार्थी अपने विषयों के अनुसार इनका अभ्यास कर सकते हैं।

फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, गणित, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, इकोनॉमिक्स, इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान और अन्य विषयों के विद्यार्थियों के लिए संबंधित सामग्री परीक्षा की तैयारी में उपयोगी रहेगी।

सैंपल पेपर से ऐसे करें तैयारी

सैंपल पेपर का अधिक फायदा लेने के लिए विद्यार्थी इसे केवल पढ़ने के बजाय परीक्षा की तरह हल करें।

  1. पेपर को निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास करें।

  2. शुरुआत में किताब या नोट्स की सहायता न लें।

  3. पेपर पूरा होने के बाद मार्किंग स्कीम से उत्तर जांचें।

  4. गलत प्रश्नों के पीछे का कारण समझें।

  5. जिन अध्यायों में बार-बार गलती हो रही है, उनका दोबारा अध्ययन करें।

  6. उत्तर लिखने की गति और प्रस्तुति पर ध्यान दें।

  7. परीक्षा से पहले नियमित रूप से समयबद्ध पेपर हल करें।

केवल सैंपल पेपर पर निर्भर न रहें

विद्यार्थियों को ध्यान रखना चाहिए कि सैंपल पेपर अभ्यास और प्रश्नपत्र के डिजाइन को समझने के लिए जारी किया जाता है। इसे आगामी बोर्ड परीक्षा का वास्तविक प्रश्नपत्र नहीं माना जाना चाहिए।

इसलिए छात्रों को पूरे निर्धारित पाठ्यक्रम की तैयारी करनी चाहिए। सैंपल पेपर के साथ पाठ्यपुस्तकों, कक्षा नोट्स और उपलब्ध आधिकारिक अध्ययन सामग्री का भी नियमित अभ्यास करना उपयोगी रहेगा।

कहां से डाउनलोड करें CBSE Sample Paper?

विद्यार्थी कक्षा 10वीं और 12वीं के सैंपल क्वेश्चन पेपर तथा मार्किंग स्कीम सीबीएसई की आधिकारिक अकादमिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।

कक्षा 10वीं: सीबीएसई की वेबसाइट पर जाकर Sample Question Paper के सेक्शन में संबंधित विषय का चयन करें।

कक्षा 12वीं: इसी तरह कक्षा 12वीं के Sample Question Paper सेक्शन में जाकर अपने विषय का पेपर और उसकी Marking Scheme डाउनलोड की जा सकती है।

CBSE Sample Paper 2027: छात्रों को क्या करना चाहिए?

सैंपल पेपर जारी होने के बाद विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का एक व्यवस्थित शेड्यूल बनाना चाहिए। पहले पाठ्यक्रम के कमजोर हिस्सों को दोहराने के बाद सैंपल पेपर हल करें। इसके बाद मार्किंग स्कीम के आधार पर अपनी गलतियों का विश्लेषण करें।

इस प्रक्रिया को नियमित रूप से दोहराने से विद्यार्थियों को परीक्षा में समय के बेहतर इस्तेमाल और उत्तर लेखन का अभ्यास करने में मदद मिल सकती है।

FAQs

Q1. CBSE ने Sample Paper 2027 किस कक्षा के लिए जारी किए हैं?
CBSE ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं के विषयवार सैंपल पेपर उपलब्ध कराए हैं।

Q2. क्या सैंपल पेपर के साथ Marking Scheme भी मिलेगी?
हां, संबंधित विषयों के लिए सैंपल पेपर के साथ मार्किंग स्कीम भी उपलब्ध कराई गई है।

Q3. CBSE Sample Paper कहां से डाउनलोड करें?
विद्यार्थी सीबीएसई की आधिकारिक अकादमिक वेबसाइट से विषयवार सैंपल पेपर और मार्किंग स्कीम डाउनलोड कर सकते हैं।

Q4. क्या सैंपल पेपर ही बोर्ड परीक्षा का वास्तविक पेपर होगा?
नहीं। सैंपल पेपर विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र के प्रारूप और प्रश्नों की शैली से परिचित कराने के लिए जारी किया जाता है।

Q5. सैंपल पेपर हल करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
इसे वास्तविक परीक्षा की तरह निर्धारित समय में हल करना और बाद में आधिकारिक मार्किंग स्कीम के आधार पर उत्तरों का मूल्यांकन करना उपयोगी तरीका है।





एक 'अफवाह' से पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रातभर हंगामा हुआ, भड़के छात्र, कैंपस में रातभर तोड़फोड़-आगजनी, हाईवे भी जाम

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रातभर हंगामा हुआ है। यहां विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्रा से कथित दुष्कर्म के बाद छात्रों में जबरदस्त गुस्सा है। छात्रों ने रविवार शाम यूनिवर्सिटी परिसर में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-44 बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि हालात पूरी तरह काबू में हैं। इस बीच पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की खबरें भी सामने आई हैं।

इससे पहले अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम हिंसा एक बार फिर तब भड़क उठी जब प्रदर्शनकारी छात्रों ने मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया और उनके वाहनों पर हमला भी किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद एडीजीपी एमएफ फारूकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल बाद में एलपीयू परिसर में पहुंचा।

पुलिस ने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है। जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह, जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक नवीन सिंगला और कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा भी मौके पर पहुंचे थे। सिंगला ने बताया, ''स्थिति नियंत्रण में है। एनएच-44 पर यातायात जल्द ही बहाल कर दिया जाएगा।'' वहीं एडीजीपी फैयाज फारूकी ने कहा है कि पूरे कैंपस में रातभर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। फैयाज फारूकी ने पत्रकारों से कहा, "हम पूरी रात कैंपस में सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। यहां 2,000 से अधिक जवान तैनात हैं। कानून-व्यवस्था पूरी तरह बहाल कर दी गई है और स्थिति नियंत्रण में है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिन परिवारों की बेटियां यहां हॉस्टल में रह रही हैं, वे बिल्कुल चिंता न करें। सभी छात्राएं सुरक्षित हैं। कैंपस का माहौल पूरी तरह शांत है और विश्वविद्यालय के छात्र भी शांति बहाल करने में हमारा सहयोग कर रहे हैं।"

हॉस्टलों में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं- पुलिस कमिश्नर

इस बीच जालंधर पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह ने कहा कि हॉस्टलों में किसी तरह की गड़बड़ी की खबरें सिर्फ अफवाह थीं। उन्होंने कहा, "सबसे पहले यह साफ कर दूं कि हॉस्टलों में किसी भी तरह की अशांति की खबरें महज अफवाह थीं। सभी हॉस्टलों की जांच कर ली गई है और कहीं कोई समस्या नहीं मिली। राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात भी बहाल हो गया है और स्थिति सामान्य है। बाकी मुद्दों का समाधान छात्रों से बातचीत के जरिए किया जाएगा। कुल मिलाकर माहौल ठीक है और जो छोटी-मोटी समस्याएं हैं, उन्हें भी सुलझा लिया जाएगा।"

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में क्या हुआ?

रविवार शाम को पुलिस परिसर के बाहर सुबह आठ बजे से एनएच-44 को जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास कर रही थी, तभी कुछ छात्रों ने उन पर पानी की बोतलें फेंकी। छात्रों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्र परिसर की ओर भाग गए। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि परिसर में पहुंचने के बाद छात्रों ने पुलिस पर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया।

हंगामे के दौरान क्या-क्या हुआ

उन्होंने कहा कि पुलिस के दो वाहनों में भी आग लगा दी गई। पत्रकार और पुलिसकर्मी बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। जालंधर ग्रामीण के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि हिंसा में पुलिस के चार से पांच वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुलिस ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया।

क्लासेज सस्पेंड

हंगामे को देखते हुए लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोमवार से 10 दिन के लिए कक्षाएं निलंबित कर दी हैं। जबकि मिड सेम परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं। जानकारी के मुताबिक मध्यावधि परीक्षाओं को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

किस बात पर इतना भड़के छात्र?

LPU के छात्रों का दावा है कि यूनिवर्सिटी की गर्ल्स हॉस्टल नंबर 3 में रहने वाली एक छात्रा के साथ तीन दिन पहले परिसर के भीतर एक प्लंबर ने दुष्कर्म किया था। विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी हॉस्टल वार्डन को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद पीड़ित छात्रा अपने घर लौट गई। कार्रवाई ना होने से नाराज छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया।

विमान और टैंक पर चढ़े छात्र

हंगामे का बीच एलपीयू में दिनभर नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला। एक छात्र परिसर में रखे गए सेवा से हटाये गए मिग-23यूएम विमान के ऊपर चढ़ गया, जबकि कुछ अन्य छात्र सेना के एक टैंक पर चढ़ गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी छात्र परिसर में खिड़कियों के शीशे और गमले तोड़ते और कुछ वस्तुओं में आग लगाते दिखे। इस दौरान छात्र नारेबाजी भी कर रहे थे। यह घटना पटियाला स्थित चितकारा विश्वविद्यालय के छात्रों के एक दिन पहले हुए बड़े प्रदर्शन के बाद हुई है। यहां कथित तौर पर दो छात्राओं के आत्महत्या करने के दावों को लेकर छात्रों ने पुलिस वाहन में आग लगा दी थी।

एक 'अफवाह' से LPU में भड़के छात्र, कैंपस में रातभर तोड़फोड़-आगजनी; हाईवे भी जाम, शिकायत दर्ज

पुलिस ने बताया है कि फिलहाल छात्रों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है और जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई है। डीआईजी ने बताया कि छात्रों के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है और छात्रों के प्रतिनिधियों को शामिल कर जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, "निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हम फोरेंसिक नमूनों, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड आदि का विश्लेषण करेंगे।" डीआईजी ने बताया कि छात्राएं मांग कर रही हैं कि पूरे हॉस्टल स्टाफ में केवल महिलाएं हों। उन्होंने कहा, "प्रबंधन इन मांगों पर ध्यान देगा।”

क्या कह रहा है विश्वविद्यालय प्रशासन?

हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में दुष्कर्म की घटना से इनकार करते हुए इसे अफवाह बताया है। छात्रों के दुष्कर्म के दावे पर एलपीयू के कुलपति जसपाल सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय को ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है और प्रशासन जांच में सहयोग करेगा। एलपीयू प्रशासन ने दावा किया कि कुछ असामाजिक तत्व विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने के लिए छात्रों के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने बयान में कहा कि यह विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और उसकी छवि खराब करने का जानबूझकर और सुनियोजित कोशिश लगती है। बयान में छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से ऐसी अफवाहों पर विश्वास ना करने, उन्हें साझा या प्रचारित नहीं करने और विश्वविद्यालय के आधिकारिक माध्यमों से दी गई जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई।






Friday, September 25, 2026

CLAT 2027 Registration: लॉ में करियर बनाने का मौका, 31 अक्टूबर तक आवेदन; 6 दिसंबर को परीक्षा

देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLUs) में दाखिले का सपना देख रहे छात्रों के लिए अहम खबर है। कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। Consortium of National Law Universities (CNLU) ने CLAT 2027 का आवेदन कार्यक्रम जारी कर दिया है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 31 अक्टूबर 2026 की रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं, CLAT 2027 की प्रवेश परीक्षा 6 दिसंबर 2026, रविवार को आयोजित की जाएगी।

CLAT देश की सबसे महत्वपूर्ण लॉ प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। इस परीक्षा के स्कोर के आधार पर देश के विभिन्न राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट लॉ पाठ्यक्रमों में दाखिला मिलता है। ऐसे में कानून की पढ़ाई के जरिए अपने करियर की शुरुआत करने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।

3 अगस्त से शुरू है रजिस्ट्रेशन

CLAT 2027 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार Consortium की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करने होंगे। इसके बाद निर्धारित आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा।

उम्मीदवारों को आवेदन फॉर्म भरने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई पात्रता शर्तों और आवेदन संबंधी निर्देशों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। आवेदन में किसी तरह की गलती से बचने के लिए अंतिम सबमिशन से पहले दर्ज की गई सभी जानकारियों की अच्छी तरह जांच कर लेना जरूरी है।

31 अक्टूबर तक ही मिलेगा आवेदन का मौका

CLAT 2027 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है। आवेदन विंडो रात 11:59 बजे बंद हो जाएगी। ऐसे में उम्मीदवारों को अंतिम दिन तक आवेदन टालने के बजाय पहले ही अपना फॉर्म जमा कर देना चाहिए।

अक्सर अंतिम समय में वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक, भुगतान में देरी या तकनीकी समस्या जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। इसलिए अभ्यर्थियों के लिए बेहतर होगा कि वे समय रहते रजिस्ट्रेशन और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर लें।

6 दिसंबर को होगा CLAT 2027 का एग्जाम

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद CLAT 2027 की परीक्षा 6 दिसंबर 2026 को आयोजित होगी। परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। परीक्षा ऑफलाइन यानी पेन-पेपर मोड में होगी।

PwD श्रेणी के पात्र उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा। उनके लिए परीक्षा का निर्धारित समय दोपहर 2 बजे से शाम 4:40 बजे तक रहेगा।

परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा से संबंधित अन्य जरूरी निर्देश एडमिट कार्ड में उपलब्ध होंगे। इसलिए उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उसमें दी गई प्रत्येक जानकारी को ध्यान से पढ़ना चाहिए।

किन कोर्स में दाखिले के लिए है CLAT?

CLAT 2027 के जरिए मुख्य रूप से दो स्तरों पर लॉ पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। पहला है अंडरग्रेजुएट यानी UG स्तर, जिसमें पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड LL.B. कार्यक्रमों में दाखिला मिलता है। दूसरा है पोस्टग्रेजुएट यानी PG स्तर, जिसके माध्यम से उम्मीदवार LL.M. कार्यक्रमों में प्रवेश लेते हैं।

CLAT 2027 के जरिए होने वाले दाखिले शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए होंगे। अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए पात्रता मानदंड अलग हो सकते हैं, इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले संबंधित आधिकारिक निर्देशों को जरूर देखना चाहिए।

परीक्षा की तैयारी में अभी से जुट जाएं छात्र

CLAT में सफलता के लिए केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं है। उम्मीदवारों को अब अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने पर ध्यान देना चाहिए। परीक्षा की तैयारी के दौरान विषयवार रणनीति बनाना और नियमित अभ्यास करना महत्वपूर्ण है।

CLAT UG की तैयारी में English Language, Current Affairs including General Knowledge, Legal Reasoning, Logical Reasoning और Quantitative Techniques जैसे हिस्सों पर विशेष ध्यान देना होता है। अभ्यर्थियों को प्रत्येक सेक्शन के लिए अलग समय निर्धारित करके तैयारी करनी चाहिए।

करेंट अफेयर्स की तैयारी कर रहे छात्रों को देश-दुनिया की प्रमुख घटनाओं के साथ-साथ कानून, संविधान, न्यायपालिका, महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर नजर रखनी चाहिए। वहीं, लॉजिकल और लीगल रीजनिंग में सवालों को समझकर सही निष्कर्ष तक पहुंचने की क्षमता विकसित करना जरूरी है।

मॉक टेस्ट और पिछले पेपर होंगे उपयोगी

CLAT की तैयारी के दौरान मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास उम्मीदवारों के लिए उपयोगी हो सकता है। इससे प्रश्नों के पैटर्न को समझने के साथ-साथ परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन का अभ्यास भी किया जा सकता है।

उम्मीदवारों को मॉक टेस्ट देने के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण करना चाहिए। जिस विषय या टॉपिक में बार-बार गलतियां हो रही हों, उस पर दोबारा काम करना तैयारी को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

ऑनलाइन फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को अपने नाम, जन्मतिथि, शैक्षणिक योग्यता और अन्य व्यक्तिगत विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए। आवेदन में इस्तेमाल किए जाने वाले दस्तावेज निर्धारित प्रारूप और आकार में तैयार रखने चाहिए।

आवेदन शुल्क का भुगतान करने के बाद उसकी रसीद या ट्रांजेक्शन डिटेल सुरक्षित रखना भी जरूरी है। साथ ही, सफलतापूर्वक आवेदन जमा होने के बाद फॉर्म की कॉपी भविष्य के लिए डाउनलोड करके रख लेना चाहिए।

उम्मीदवारों को CLAT से जुड़ी किसी भी महत्वपूर्ण सूचना के लिए अनधिकृत वेबसाइटों या सोशल मीडिया पोस्ट पर निर्भर रहने के बजाय Consortium of National Law Universities की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिस को प्राथमिकता देनी चाहिए।

CLAT 2027 की प्रमुख तारीखें एक नजर में

कार्यक्रमतारीख
रजिस्ट्रेशन शुरू3 अगस्त 2026
आवेदन की अंतिम तारीख31 अक्टूबर 2026
परीक्षा की तारीख6 दिसंबर 2026
परीक्षा का समयदोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक
PwD उम्मीदवारों के लिए समयदोपहर 2 बजे से शाम 4:40 बजे तक
परीक्षा का माध्यमऑफलाइन, पेन-पेपर
दाखिले का शैक्षणिक सत्र2027-28

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

CLAT 2027 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के पास अब परीक्षा तक सीमित समय है। इसलिए उन्हें आवेदन प्रक्रिया के साथ-साथ अपनी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए। पहले आवेदन पूरा करें, उसके बाद परीक्षा के लिए विषयवार टाइम टेबल बनाकर नियमित अभ्यास करें।

31 अक्टूबर आवेदन की आखिरी तारीख है, जबकि 6 दिसंबर को परीक्षा होगी। ऐसे में उम्मीदवारों के लिए यह समय आवेदन प्रक्रिया पूरी करने और अपनी तैयारी को मजबूत करने, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। CLAT 2027 में बेहतर प्रदर्शन के लिए नियमित पढ़ाई, प्रश्नों का अभ्यास, करेंट अफेयर्स की तैयारी और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना उपयोगी रहेगा।





Wednesday, September 23, 2026

IIT में पांच साल में 53 छात्रों की मौत, 45 मामले आत्महत्या के 2020-21 से 2024-25 के बीच सामने आया आंकड़ा; पिछले दो वर्षों में बढ़ी घटनाएं, SC-ST-OBC वर्गों के 29 छात्र भी शामिल

देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों यानी IITs में पिछले पांच वर्षों के दौरान 53 छात्रों की मौत दर्ज की गई है। इनमें 45 मामले आत्महत्या के हैं, जबकि आठ मौतें अन्य अप्राकृतिक कारणों की श्रेणी में दर्ज की गईं। यह आंकड़ा ऐसे समय सामने आया है जब देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक दबाव और छात्र कल्याण व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2020-21 में पांच, 2021-22 में छह, 2022-23 में छह, 2023-24 में 17 और 2024-25 में 19 छात्रों की मौत दर्ज की गई। यानी पांच साल की अवधि में शुरुआती तीन वर्षों की तुलना में अंतिम दो वर्षों में मौतों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई।

45 आत्महत्याओं ने बढ़ाई चिंता

कुल 53 मौतों में 45 को आत्महत्या के रूप में दर्ज किया गया है। यह संख्या IIT परिसरों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और संकट की स्थिति में उन्हें मिलने वाली सहायता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि, किसी भी छात्र की आत्महत्या के पीछे केवल पढ़ाई या परीक्षा के दबाव को कारण मानना उचित नहीं होगा। प्रत्येक घटना के पीछे व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक और अन्य परिस्थितियां हो सकती हैं।

SC, ST और OBC वर्ग के 29 छात्र

आंकड़ों का एक महत्वपूर्ण पहलू सामाजिक वर्ग से भी जुड़ा है। पांच वर्षों में हुई 53 मौतों में 29 छात्र SC, ST और OBC वर्गों से संबंधित थे। वहीं, आत्महत्या के 45 मामलों में 28 छात्र इन तीन सामाजिक वर्गों से थे।

इन आंकड़ों के बाद IIT परिसरों में छात्रों के लिए उपलब्ध सहायता व्यवस्था, काउंसलिंग और शिकायत निवारण प्रणाली को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। हालांकि, आंकड़े यह अपने आप साबित नहीं करते कि इन छात्रों की मौत का कारण उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि थी।

तीन IIT में सात-सात मौतें

संस्थानवार आंकड़ों में IIT खड़गपुर, IIT दिल्ली और IIT हैदराबाद में पांच वर्षों की अवधि के दौरान सात-सात छात्रों की मौत दर्ज की गई। अन्य IIT परिसरों में भी छात्रों की मौत के मामले सामने आए हैं।

बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच छात्र कल्याण चुनौती

IIT में प्रवेश के लिए छात्रों को देश की सबसे कठिन प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक से गुजरना पड़ता है। प्रवेश के बाद भी अकादमिक प्रदर्शन, परीक्षाओं, प्रोजेक्ट, शोध, इंटर्नशिप और भविष्य के करियर को लेकर अपेक्षाएं बनी रहती हैं। हालांकि, इन परिस्थितियों को आत्महत्या की घटनाओं का एकमात्र कारण बताना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा।

छात्र कल्याण विशेषज्ञों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मानसिक स्वास्थ्य सहायता केवल संकट की स्थिति में उपलब्ध न हो, बल्कि उसे संस्थान की नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए। समय पर काउंसलिंग, प्रशिक्षित विशेषज्ञों तक आसान पहुंच, शिक्षकों के साथ संवाद और छात्रों के लिए सुरक्षित शिकायत तंत्र इस दिशा में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

सरकार ने जारी किए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश

उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने दिशा-निर्देश और संसाधन उपलब्ध कराए हैं। इनका उद्देश्य संस्थानों में छात्रों के लिए अधिक सहयोगी और सुरक्षित वातावरण तैयार करना है।

इसके साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र आत्महत्या के मामलों को रोकने के लिए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और छात्रों की समस्याओं की समय रहते पहचान करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

आंकड़ों से आगे समाधान की जरूरत

पांच वर्षों में 53 छात्रों की मौत और इनमें 45 आत्महत्याओं का आंकड़ा निश्चित रूप से गंभीर है। लेकिन इस आंकड़े को केवल संख्या के रूप में देखने के बजाय यह समझना भी जरूरी है कि प्रत्येक मामले के पीछे एक अलग मानवीय परिस्थिति रही होगी।

IIT जैसे संस्थानों में छात्रों की सफलता केवल अच्छे अंक, डिग्री या प्लेसमेंट तक सीमित नहीं हो सकती। छात्रों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और उन्हें आवश्यकता के समय सहायता मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ऐसे में इन घटनाओं के कारणों की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ संस्थानों में प्रभावी मानसिक स्वास्थ्य और छात्र सहायता प्रणाली को लगातार मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा।



Tuesday, September 22, 2026

आईआईटी के प्रोफेसर को डीन पद से निलंबित किया

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे ने संस्थान के प्रोफेसर सूर्यनारायण उला को तत्काल प्रभाव से डीन (प्रशासनिक मामले) पद से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तीन दिन पहले बीटेक छात्र साहिल रवींद्र वोकाडे की खुदकुशी के मामले में की गई है। आरोप है कि साहिल को संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ रहा था।

आईआईटी अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदार ने ई-मेल जारी कर कहा कि प्रोफेसर उला को डीन पद से निलंबित कर दिया गया है।

प्रोफेसर उला इससे पहले डीन (छात्र मामले) के तौर पर भी काम कर चुके थे। बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल शुक्रवार शाम पवई कैंपस स्थित हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटके पाए गए थे। इससे कुछ घंटे पहले परीक्षा के दौरान प्रोफेसर उला ने कथित रूप से साहिल को मोबाइल का उपयोग करते पकड़ा था।




निजी विश्वविद्यालय मुनाफे के लिए नहीं बने : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों को मुनाफा कमाने वाली संस्थाओं के तौर पर काम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए देशभर के निजी विश्वविद्यालयों को अपने पिछले 5 सालों के ऑडिटेड वित्तीय रिकॉर्ड की जानकारी देने का आदेश देते हुए यह टिप्पणी की है।

शीर्ष अदालत ने इसके अतिरिक्त निजी विश्वविद्यालयों को इस अवधि में धन के इस्तेमाल, फीस के ढांचे, सरप्लस इन्वेस्टमेंट और उन लोगों को किए गए भुगतान की जानकारी भी देने को कहा है जो सीधे तौर पर शैक्षणिक कार्यों से जुड़े नहीं हैं।

न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे संबंधित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से यह जानकारी लेकर अपने मुख्य सचिव के जरिए दाखिल करें। पीठ ने इसके लिए 6 सप्ताह का समय दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (17 सितंबर को) पारित अपने आदेश में कहा कि हम यह स्पष्ट करते हैं कि किसी भी निजी विश्वविद्यालय को मुनाफा कमाने वाली संस्था के तौर पर संचालन की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसका एक मकसद होना चाहिए और साथ ही कुछ सुरक्षित फंड भी होना चाहिए, ताकि संस्थान के सुचारू कामकाज के लिए इसके धन/संसाधनों का जिम्मेदारी से प्रबंधन किया जा सके और शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को उचित वेतन-भत्ते मिल सकें।

पीठ ने कहा, निजी विश्वविद्यालय जिम्मेदार प्रबंधन और सुचारू कामकाज के लिए उचित वित्तीय सुरक्षा कोष रख सकते हैं, लेकिन उनके संसाधनों को शिक्षा से असंबंधित कामों में नहीं लगाया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी नोएडा स्थित एक यूनिवर्सिटी के खिलाफ आयशा जैन की याचिका पर शुरू हुई कार्यवाही के दौरान की है।
अब यह देशभर के लिए हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि व्यापक जनहित में देशभर में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना, नियमन और उन्हें मिलने वाले लाभों की जांच करना जरूरी है।



Monday, September 21, 2026

DUSU Election Result 2026: तीन पद ABVP के नाम, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शोकीन विजयी

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के परिणाम घोषित हो गए हैं। चार केंद्रीय पदों के लिए हुई मतगणना में ABVP के उम्मीदवारों ने तीन पदों पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन विजयी रहे। मतगणना पूरी होने के बाद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद के परिणाम सामने आए।

अध्यक्ष पद: यश डबास ने 2,053 वोट से दर्ज की जीत

अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास को 24,576 वोट मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी NSUI के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट प्राप्त हुए।

दोनों के बीच 2,053 वोटों का अंतर रहा। इस तरह यश डबास ने अध्यक्ष पद अपने नाम किया।

अध्यक्ष पद पर अन्य उम्मीदवारों में अनन्या रतूड़ी को 5,377, अश्मित कुमार को 1,388, समीर कुमार को 1,115, एजाज मंसूरी को 837 और समर्थ बेनीवाल को 819 वोट मिले।

उपाध्यक्ष पद: दीपांशु शोकीन को 30,615 वोट

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने 30,615 वोट हासिल किए। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी ABVP के इशु मौर्य को 16,910 वोट मिले।

शोकीन ने इशु मौर्य को 13,705 वोटों के अंतर से पीछे छोड़ा। NSUI के वीर छत्रथ को 4,313 वोट मिले। अक्षत शिखर को 2,383 और अरण्य सिंह राठौर को 2,274 वोट प्राप्त हुए।

उपाध्यक्ष पद पर विजेता और निकटतम प्रतिद्वंद्वी के बीच वोटों का अंतर चारों केंद्रीय पदों में सबसे अधिक रहा।

सचिव पद: रिया छावड़ी को 21,650 वोट

सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी विजयी रहीं। उन्हें 21,650 वोट प्राप्त हुए। उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी NSUI की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले।

रिया छावड़ी ने 6,781 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस पद पर स्टांजिन डेस्क्यॉन्ग को 8,734 और पंकज कुमार को 7,639 वोट मिले।

संयुक्त सचिव: लक्ष्य राज सिंह ने 837 वोट से जीता चुनाव

संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह को 16,615 वोट मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी विशेष यादव को 15,778 वोट मिले।

दोनों के बीच महज 837 वोटों का अंतर रहा। NSUI के गोपाल चौधरी को 15,206 वोट मिले, जबकि बी. परिजात को 5,837 वोट प्राप्त हुए।

DUSU के चारों पदों का वोट विवरण

पदविजेताविजेता के वोटनिकटतम प्रतिद्वंद्वीप्रतिद्वंद्वी के वोटजीत का अंतर
अध्यक्षयश डबास (ABVP)24,576विजय शंकर मीणा (NSUI)22,5232,053
उपाध्यक्षदीपांशु शोकीन (निर्दलीय)30,615इशु मौर्य (ABVP)16,91013,705
सचिवरिया छावड़ी (ABVP)21,650नम्रता चौधरी (NSUI)14,8696,781
संयुक्त सचिवलक्ष्य राज सिंह (ABVP)16,615विशेष यादव15,778837

परिणाम की मुख्य बातें

चार केंद्रीय पदों में से तीन पद ABVP के उम्मीदवारों ने जीते। अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शोकीन ने जीत दर्ज की।

वोटों के लिहाज से सबसे बड़ा अंतर उपाध्यक्ष पद पर रहा, जहां दीपांशु शोकीन ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 13,705 वोट अधिक हासिल किए। वहीं सबसे करीबी मुकाबला संयुक्त सचिव पद पर रहा, जहां जीत का अंतर केवल 837 वोट था।

अध्यक्ष पद पर भी मुकाबला नजदीकी रहा और यश डबास ने विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों से पीछे छोड़ा। सचिव पद पर रिया छावड़ी की जीत का अंतर 6,781 वोट रहा।

इस परिणाम के साथ DUSU के नए केंद्रीय पदाधिकारियों का पैनल सामने आ गया है। अब निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल शुरू होगा और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।





Wednesday, September 16, 2026

10 हजार छात्रों के लिए बनेंगे हॉस्टल, सुरक्षित और किफायती आवास पर सरकार का फोकस: वाई-फाई, सीसीटीवी, लाइब्रेरी, स्टडी रूम और मेस जैसी सुविधाओं से लैस होंगे प्रस्तावित हॉस्टल; बाहर से आने वाले छात्रों को मिलेगी राहत

दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए आवास की समस्या दूर करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने बड़ी पहल की है। सरकार करीब 10 हजार छात्रों की क्षमता वाले हॉस्टल विकसित करने की योजना बना रही है। इन हॉस्टलों में छात्रों को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल देने पर जोर रहेगा। प्रस्तावित हॉस्टलों में वाई-फाई, सीसीटीवी कैमरे, लाइब्रेरी, अध्ययन कक्ष और मेस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना प्राथमिकता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि दिल्ली में पढ़ने के लिए आने वाले छात्रों को रहने के लिए सुरक्षित और सहयोगी वातावरण मिले। उनका कहना है कि छात्रों को आवास की चिंता से मुक्त होकर अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री का बयान:
“हमारा उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें और अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।”

दिल्ली सरकार की यह पहल खासतौर पर उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है जो दिल्ली से बाहर के राज्यों और शहरों से उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए राजधानी आते हैं। ऐसे छात्रों को अक्सर निजी पीजी, किराए के कमरों या अन्य निजी आवासीय विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता है। सीमित सीटों और बढ़ते किराए के कारण उनके सामने रहने की समस्या बनी रहती है।

DU समेत उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों को फायदा

दिल्ली विश्वविद्यालय और राजधानी के अन्य कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में हर साल बड़ी संख्या में छात्र दाखिला लेते हैं। इनमें काफी संख्या ऐसे विद्यार्थियों की होती है जो दिल्ली के बाहर से आते हैं। विश्वविद्यालय और कॉलेजों में उपलब्ध हॉस्टल सीटें सभी जरूरतमंद छात्रों के लिए पर्याप्त नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी निजी आवास का रुख करते हैं।

नई योजना लागू होने पर दिल्ली में पढ़ने वाले करीब 10 हजार छात्रों के लिए अतिरिक्त आवासीय क्षमता तैयार हो सकती है। हालांकि, किन संस्थानों के छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी और हॉस्टल में प्रवेश के लिए क्या नियम होंगे, इसकी विस्तृत जानकारी योजना के अंतिम स्वरूप के बाद सामने आएगी।

सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर

प्रस्तावित हॉस्टलों को केवल रहने की जगह के तौर पर विकसित करने के बजाय छात्रों की शैक्षणिक और रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार करने की योजना है। हॉस्टलों में 24 घंटे अध्ययन की सुविधा, लाइब्रेरी, इंटरनेट कनेक्टिविटी और मेस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी समेत अन्य इंतजाम किए जाने की योजना है।

इससे छात्रों को एक ही परिसर में रहने, पढ़ने और अन्य जरूरी सुविधाएं मिलने की संभावना है। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए अध्ययन कक्ष और इंटरनेट सुविधा उपयोगी हो सकती है।

महंगे पीजी से मिलेगी राहत

दिल्ली में पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक उचित और किफायती आवास की व्यवस्था करना है। निजी पीजी और किराए के कमरों में रहने पर छात्रों को हर महीने आवास के अलावा बिजली, इंटरनेट, भोजन और अन्य खर्च भी वहन करने पड़ते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्रों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन सकता है।

सरकारी हॉस्टल उपलब्ध होने से ऐसे छात्रों को अपेक्षाकृत किफायती आवास मिलने की उम्मीद है। साथ ही, अभिभावकों के लिए भी बच्चों के सुरक्षित आवास को लेकर चिंता कम हो सकती है।

निर्माण और क्रियान्वयन पर नजर

सरकार की योजना को लागू करने के लिए जमीन, बजट, निर्माण एजेंसी, हॉस्टल की क्षमता और प्रवेश प्रक्रिया जैसे कई पहलुओं पर निर्णय लिया जाना बाकी है। हॉस्टल कब तक तैयार होंगे और अलग-अलग स्थानों पर कितनी क्षमता विकसित की जाएगी, इसकी जानकारी योजना के अगले चरण में स्पष्ट होगी।

दिल्ली सरकार की ओर से छात्रों के आवास को लेकर यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब राजधानी में उच्च शिक्षा के लिए आने वाले विद्यार्थियों की संख्या और उनकी आवासीय जरूरत लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। 10 हजार छात्रों के लिए हॉस्टल तैयार होने की योजना के अमल में आने के बाद दिल्ली में छात्र आवास के विकल्पों का विस्तार हो सकता है और बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को रहने की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।







Wednesday, September 9, 2026

IGDTUW में MBA दाखिले के लिए स्पेशल स्पॉट राउंड 14 सितंबर को

इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय फॉर वुमेन (IGDTUW) के डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट ने MBA 2026-27 में प्रवेश के लिए स्पेशल स्पॉट राउंड की घोषणा की है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार स्पेशल स्पॉट राउंड 14 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।

इस राउंड के लिए नए पंजीकरण आमंत्रित किए गए हैं। MBA कार्यक्रम में प्रवेश के इच्छुक पात्र महिला स्नातक अभ्यर्थी इसमें भाग ले सकती हैं। सामान्य श्रेणी की छात्राओं के लिए स्नातक में 60 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। वहीं OBC-NCL और CW वर्ग के लिए 55 प्रतिशत, जबकि SC/ST और PwD वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 50 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को MBA Admission Brochure 2026-27 में निर्धारित न्यूनतम पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। स्पॉट राउंड के दौरान काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।

प्रवेश से संबंधित पंजीकरण, विस्तृत कार्यक्रम और अन्य जानकारी के लिए अभ्यर्थी IGDTUW की वेबसाइट https://www.igdtuw.ac.in/
 तथा https://www.cmacadmissions.com/ पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

स्थान: IGDTUW, कश्मीरी गेट, दिल्ली
स्पेशल स्पॉट राउंड: 14 सितंबर 2026
कार्यक्रम: MBA 2026-27
आयोजक: डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट, IGDTUW



Monday, September 7, 2026

11 सितंबर को दिल्ली में स्कूलों की छुट्टी, BRICS सम्मेलन के कारण लिया गया फैसला

राजधानी में 11 सितंबर 2026 को विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रहेंगे। दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को देखते हुए शिक्षा विभाग ने 11 सितंबर को अवकाश रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य सम्मेलन के दौरान शहर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करना है।

BRICS सम्मेलन के चलते दिल्ली में कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। विदेशी प्रतिनिधियों और अन्य विशिष्ट मेहमानों की आवाजाही के कारण राजधानी की प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में स्कूलों के संचालन से होने वाली अतिरिक्त आवाजाही को कम करने के लिए छुट्टी का फैसला किया गया है।

विद्यार्थियों को मिलेगा लगातार तीन दिन का अवकाश

11 सितंबर शुक्रवार को स्कूल बंद रहने के बाद 12 सितंबर शनिवार और 13 सितंबर रविवार है। इस वजह से स्कूली बच्चों को लगातार तीन दिन घर पर रहने का मौका मिलेगा। स्कूलों में नियमित कक्षाएं अगले कार्यदिवस से अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होंगी।

किन स्कूलों पर लागू होगा फैसला?

छुट्टी का आदेश दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के दायरे में आने वाले स्कूलों के लिए जारी किया गया है। इसमें सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल शामिल हैं। अभिभावकों और विद्यार्थियों को अपने स्कूल की ओर से जारी किसी विशेष सूचना पर भी नजर रखने की सलाह दी गई है।

कॉलेजों के लिए अलग आदेश की जरूरत

स्कूलों के अलावा कॉलेजों को लेकर स्थिति अलग है। 11 सितंबर को दिल्ली के सभी कॉलेजों के बंद रहने की पुष्टि एक समान आदेश से नहीं हुई है। इसलिए कॉलेज विद्यार्थियों को अपने संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना देखकर ही छुट्टी की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

सम्मेलन को लेकर राजधानी में विशेष इंतजाम

BRICS सम्मेलन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन विशेष व्यवस्था में जुटे हैं। महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात को नियंत्रित करने और आवश्यकतानुसार रूट में बदलाव की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हों और आम लोगों को भी कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

स्कूलों में एक दिन की छुट्टी इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा है। विद्यार्थियों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे स्कूल खुलने के अगले दिन की कक्षाओं, परीक्षा या अन्य गतिविधियों से संबंधित सूचना अपने संस्थान से जरूर प्राप्त कर लें।

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में पांच मंजिला छात्र हॉस्टल ढहा, 6 लोगों की मौत

दिल्ली के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला PG हॉस्टल इमारत के अचानक गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में छह लोगों की मौत की सूचना है। इमारत के धराशायी होने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।

घटना के बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। मलबे के नीचे लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव दल ने सावधानीपूर्वक मलबा हटाने का काम शुरू किया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और दमकल विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान के दौरान मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की गई और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

छात्रों के बीच दहशत का माहौल

सत्य निकेतन साउथ कैंपस के नजदीक होने के कारण छात्रों के बीच PG और हॉस्टल के लिए जाना-पहचाना इलाका है। यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी किराये के कमरों और PG में रहते हैं। ऐसे में हॉस्टल की इमारत गिरने की खबर सामने आने के बाद इलाके में रहने वाले छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई।

हादसे की जानकारी मिलते ही कई लोग अपने परिचितों और दोस्तों की स्थिति जानने के लिए घटनास्थल के आसपास पहुंचे। प्रशासन और बचाव एजेंसियों की ओर से राहत कार्य के साथ-साथ यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि हादसे के समय इमारत के अंदर कितने लोग मौजूद थे।

इमारत की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने निजी PG और हॉस्टल भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों के रहने वाली ऐसी इमारतों में भवन की मजबूती, सुरक्षा मानकों और नियमित निरीक्षण को लेकर प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पांच मंजिला इमारत किस वजह से गिरी और क्या भवन में किसी तरह की निर्माण या मरम्मत संबंधी गतिविधि चल रही थी। इसके अलावा इमारत की संरचनात्मक स्थिति और आवश्यक सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच की जा सकती है।

जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह

प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इमारत गिरने की वास्तविक वजह क्या थी। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश, घायलों को सहायता पहुंचाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की है।

सत्य निकेतन में हुए इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि छात्रों के लिए संचालित PG और हॉस्टल भवनों की सुरक्षा जांच कितनी नियमित और प्रभावी है। छह लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और अब लोगों की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे हादसे के कारणों और जिम्मेदारी की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।




Thursday, September 3, 2026

प्रो. डॉ. उपेंद्र बक्सी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित करेगा एनएलयू (NLU) दिल्ली

देश के प्रमुख विधि शिक्षाविदों में शुमार प्रो. डॉ. उपेंद्र बक्सी को उनके दीर्घकालीन अकादमिक योगदान और भारतीय न्यायशास्त्र के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया जाएगा। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली (NLU Delhi) यह सम्मान GALTER के सहयोग से आयोजित समारोह में प्रदान करेगा।

सम्मान समारोह 5 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे से नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली परिसर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से प्रो. बक्सी के लंबे शैक्षणिक सफर, उनके विधिक चिंतन और आधुनिक भारतीय न्यायशास्त्र में उनके योगदान को सम्मानित किया जाएगा।

प्रो. डॉ. उपेंद्र बक्सी ने कानून और न्याय से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर लंबे समय तक अध्यापन एवं शोध किया है। संवैधानिक कानून, मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और न्यायिक चिंतन जैसे क्षेत्रों में उनके विचारों ने भारतीय कानूनी अकादमिक विमर्श को व्यापक रूप से प्रभावित किया है।

न और विधि के क्षेत्र में उनके योगदान के प्रति संस्थागत सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। प्रो. बक्सी की विद्वत्ता और लेखन ने कानून को केवल संस्थागत व्यवस्था के रूप में देखने के बजाय उसे समाज और न्याय के व्यापक संदर्भों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

  1. कार्यक्रम की प्रमुख जानकारी
    सम्मान: लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
    सम्मानित: प्रो. डॉ. उपेंद्र बक्सी
    तारीख: 5 सितंबर 2026
    समय: सुबह 10 बजे से
    स्थान: नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली



🚩🌹 दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🌹🚩विजयादशमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, साहस और धर्म की शक्ति का प्रतीक है।

जब-जब अहंकार ने मर्यादा को चुनौती दी है, जब-जब अधर्म ने सत्य को दबाने का प्रयास किया है, तब-तब समय ने यह सिद्ध किया है कि अन्याय का अंत और ध...

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Latest News दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉन-कॉलेजिएट विमेन्स एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक प्रवेश का कार्यक्रम जारी कर दिया है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 8 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगी...