दिल्ली में मेडिकल शिक्षा की क्षमता बढ़ाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी में चरणबद्ध तरीके से 300 नई MBBS सीटें जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा पोस्टग्रेजुएट और DNB स्तर पर भी सीटों में बढ़ोतरी की योजना है।
प्रस्ताव के तहत द्वारका स्थित निर्माणाधीन इंदिरा गांधी अस्पताल और गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल से जुड़े नए मेडिकल कॉलेजों में 150-150 MBBS सीटें शुरू करने की योजना है। इससे दोनों संस्थानों से कुल 300 नई स्नातक मेडिकल सीटें उपलब्ध हो सकती हैं।
इसके साथ ही डॉ. बी.एस. अंबेडकर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में MBBS सीटों की संख्या 125 से बढ़ाकर 200 करने का प्रस्ताव है। वहीं मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज में BDS की सीटें 50 से बढ़ाकर 70 करने की योजना है।
पोस्टग्रेजुएट शिक्षा को भी विस्तार देने की तैयारी है। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में PG सीटें 260 से बढ़ाकर 295 करने का प्रस्ताव है। विभिन्न सरकारी चिकित्सा संस्थानों में अतिरिक्त PG और DNB सीटें भी जोड़े जाने की योजना है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी मेडिकल सीटों में इस साल बड़ी वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के 2026-27 के सीट मैट्रिक्स के अनुसार देश में MBBS की कुल 1,36,939 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें 9,911 सीटें नई जोड़ी गई हैं। हालांकि दिल्ली के लिए NMC के मौजूदा 2026-27 सीट मैट्रिक्स में अभी अतिरिक्त MBBS सीटों की वृद्धि दर्ज नहीं है; इसलिए दिल्ली सरकार की नई सीटें प्रस्ताव/विस्तार योजना के रूप में देखी जानी चाहिए, अंतिम प्रवेश सीटें संबंधित मंजूरियों के बाद स्पष्ट होंगी।
सरकार का कहना है कि मेडिकल शिक्षा का विस्तार राजधानी में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने तथा सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद करेगा।
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