पुस्तक प्रेमियों को इस बार विश्व पुस्तक मेले में फ्री एंट्री मिलेगी। भारत मंडपम में दुनिया के सबसे बड़े वी2बी किताबों के मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 10 जनवरी से 18 जनवरी तक चलेगा। मेला हर दिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। इस बार के मेले में 1000 से अधिक प्रकाशक हिस्सा लेंगे और प्रकाशन एक ही जगह उपलब्ध रहेंगे। मेले में पाठकों, लेखकों और प्रकाशकों को एक साझा मंच मिलेगा। इस साल विश्व पुस्तक मेले में 600 से ज्यादा गतिविधियां आयोजित होने वाली हैं।
किताबों से प्यार करने वालों के लिए इस साल एक बड़ी राहत और खुशखबरी है। विश्व पुस्तक मेला 2026 में पहली बार दर्शकों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क होगा। अब पाठकों को मेले में प्रवेश के लिए टिकट खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 10 जनवरी से राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू होने जा रहा यह आयोजन नौ दिनों तक चलेगा. इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को किताबों से जोड़ना और पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना है। बड़े स्तर पर हो रहे इस मेले में देश-विदेश के प्रकाशक, लेखक और पाठक एक साथ नजर आएंगे। विश्व पुस्तक मेले को लेकर इस बार पाठकों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है।
10 जनवरी से भारत मंडपम में शुरू होगा
यह भव्य पुस्तक मेला 10 जनवरी से भारत मंडपम में शुरू होगा और कुल नौ दिनों तक चलेगा. बताते चलें, आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार मेला पहले से कहीं ज्यादा बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। करीब एक हजार प्रकाशक इसमें हिस्सा लेंगे और लगभग तीन हजार स्टॉल लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि अलग-अलग भारतीय भाषाओं में प्रकाशित किताबों को भी खास जगह दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, मेले का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। उन्हें आमंत्रित करने के लिए एनबीटी और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस बार मेले की थीम सेना के इतिहास पर रखी गई है, इसलिए थल सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुखों के भी शामिल होने की उम्मीद है।
इस साल 30 देश इसमें भाग ले रहे हैं
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मेले की पहचान मजबूत होती दिख रही है। इस साल 30 देश इसमें भाग ले रहे हैं। कतर को गेस्ट ऑफ ऑनर बनाया गया है, जबकि स्पेन को फोकस कंट्री का दर्जा मिला है। रूस, यूएई, ईरान, जापान, पोलैंड, अर्जेंटीना और लिथुआनिया जैसे देश भी इस मेले का हिस्सा होंगे। इसके अलावा 11 देशों से विश्व पुस्तक मेलों के निदेशक भी दिल्ली पहुंचेंगे। बच्चों के लिए ‘किड्स एक्सप्रेस’ नाम से एक खास बाल मंडप बनाया जा रहा है, जो 750 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला होगा। यहां बच्चों के लिए किताबों के साथ-साथ कई रचनात्मक गतिविधियां होंगी। राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय के जरिए 6,000 से ज्यादा किताबें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश-विदेश की प्रस्तुतियों के साथ सेना, नेवी और एयरफोर्स के बैंड भी प्रस्तुति देंगे।
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