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Friday, July 17, 2026

नीट यूजी का परिणाम जारी, सफल होने वालों में 58 फीसदी छात्राएं

पेपर लीक के बाद अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच आयोजित नीट यूजी 2026 का परिणाम गुरुवार रात को घोषित कर दिया गया। इसमें पंजाब के आर्यन और हरियाणा के पांशुल ने टॉप किया। इन दोनों ने 720 में से 715 अंक हासिल किए। क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों में 58 प्रतिशत छात्राएं हैं। https://neet.nta.nic.in/ पर जाकर उम्मीदवार अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं।

नीट यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक होने के कारण दोबारा कराई गई थी। 21 जून को दोबारा हुई परीक्षा में देश और विदेश के करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी।

मुख्य बिंदु

19 उम्मीदवारों ने 700 से अधिक अंक हासिल किए।

20 लाख अभ्यर्थी दोबारा हुई प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे।

  • पंजाब और हरियाणा के दो छात्र संयुक्त रूप से टॉपर बने।
  • प्रश्नपत्र लीक होने के कारण कड़ी सुरक्षा में दोबारा हुई थी परीक्षा।

इस प्रवेश परीक्षा में 11.21 लाख उम्मीदवार एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबद्ध मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए चयनित हुए हैं।

138 उम्मीदवारों को 690 अंक

एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के अनुसार, 138 उम्मीदवारों ने 720 में से 690 या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं। इनमें से 93 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थी पहली बार नीट परीक्षा में शामिल हुए थे। 99 प्रतिशत टॉपर्स की उम्र 17 से 19 वर्ष के बीच है। देशभर में 19 उम्मीदवारों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए।

डेढ़ हजार को 650 या अधिक अंक

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अनुसार, 1492 उम्मीदवारों ने 650 या उससे अधिक, 10,160 उम्मीदवारों ने 600 या उससे अधिक, और 90,780 उम्मीदवारों ने 500 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए। प्रवेश परीक्षा के परिणाम समय पर जारी होने से मेडिकल कॉलेजों में दाखिले और काउंसलिंग की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू हो सकेगी।






डीयू में 93 हजार छात्रों को सीट आवंटित स्नातक में प्रवेश के लिए पहले चरण की सीटें आवंटित, 18 जुलाई की रात 12 बजे से पहले सीट स्वीकार करने की सलाह

दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रवेश के पहले चरण में 93 हजार से ज्यादा छात्रों को सीटें आवंटित की हैं। इन छात्रों को 18 जुलाई की रात 12 बजे से पहले अपनी सीट स्वीकार करने और निर्धारित शुल्क जमा करने की सलाह डीयू की ओर से दी गई है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश प्रक्रिया अब तेज हो गई है। विश्वविद्यालय ने 67 कॉलेजों के 221 स्नातक कार्यक्रमों के लिए कुल 1,393 कार्यक्रम-कॉलेज संयोजनों में 93,033 अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की हैं।

डीयू के अनुसार इस वर्ष कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के तहत 2,18,284 अभ्यर्थियों ने सफलतापूर्वक पंजीकरण कराया। जबकि 2,08,843 अभ्यर्थियों ने 13 जुलाई तक दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी की। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कुल 1.59 करोड़ से अधिक कॉलेज-कार्यक्रम प्राथमिकताओं (15,942,385 preferences) पर विचार किया गया।

विश्वविद्यालय के मुताबिक पहले चरण में सीट आवंटन की दर (Allocation Rate) लगभग 86.1 प्रतिशत रही। चयनित छात्रों में 42,019 छात्र और 51,014 छात्राएं शामिल हैं।

इसके अलावा:

  • एकल बालिका (Single Girl Child) श्रेणी के 1,243 छात्रों को सीटें मिलीं।
  • अनाथ श्रेणी के 242 छात्रों को भी सीटें आवंटित की गईं।
  • इनमें 109 छात्र और 133 छात्राएं शामिल हैं।

श्रेणीवार आंकड़ों के अनुसार:

  • अनारक्षित (UR) वर्ग: 99.9%
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 96%
  • अनुसूचित जाति (SC): 95.2%
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 92.7%
  • अनुसूचित जनजाति (ST): 67.3%
  • दिव्यांग (PwBD): 23%

महत्वपूर्ण तिथियां

18 जुलाई

  • पहले शुल्क जमा कर सीट स्वीकार करने की अंतिम सलाह।

28 जुलाई

  • शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षाएं डीयू में शुरू होंगी।

छात्रों को मिलेगा फ्रीज या अपग्रेड का विकल्प

विश्वविद्यालय ने कहा है कि सीट स्वीकार करने के बाद छात्र शुल्क जमा करेंगे। इसके बाद उन्हें फ्रीज या अपग्रेड का विकल्प मिलेगा। अपग्रेड चुनने वाले अभ्यर्थी 21 जुलाई रात 11:59 बजे तक अपनी उच्च प्राथमिकताओं का क्रम बदल सकेंगे। विश्वविद्यालय ने छात्रों से प्रवेश संबंधी अपडेट के लिए नियमित रूप से प्रवेश पोर्टल देखने की अपील की है।


पीजी पाठ्यक्रमों में दस हजार छात्रों ने लिया प्रवेश

डीयू ने अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया की भी जानकारी साझा की है। विश्वविद्यालय ने बताया कि पीजी कार्यक्रमों में अब तक लगभग 10,240 छात्रों ने प्रवेश ले लिया है। इनमें लगभग 6,240 छात्रों ने अपनी सीट फ्रीज की और 2,153 ने अपग्रेड का विकल्प चुना है।


एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम

दिल्ली विश्वविद्यालय में दो वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के साथ-साथ एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम में भी छात्रों ने रुचि दिखाई है। इस बार एक वर्षीय पीजी के लिए 12 हजार से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है।


28 जुलाई से नए सत्र की पढ़ाई होगी शुरू

पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम के दूसरे स्पॉट राउंड की शुरुआत 17 जुलाई से होगी। बीटेक पाठ्यक्रमों के अगले चरण की सीट आवंटन और प्रवेश प्रक्रिया 19 जुलाई से शुरू होगी। विश्वविद्यालय ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षाएं 28 जुलाई 2026 से प्रारंभ होंगी।



Wednesday, July 15, 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) ने अकादमी सत्र 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) पाठ्यक्रमों में दाखिले शुरू कर दिए हैं

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) ने अकादमी सत्र 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) पाठ्यक्रमों में दाखिले शुरू कर दिए हैं। 14 जुलाई रात 11 बजे से ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बार छात्रों के लिए दो नए प्रोफेशनल कोर्स MBA हेल्थकेयर और BSc कंप्यूटटर साइंस भी लॉन्च किए गए हैं। इसके अलावा एडमिशन प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान और डिजिटल बनाया गया है ताकि छात्रों को आवेदन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

शुरू हो गया एडमिशन

DU SOL में नए सत्र के लिए यूजी और PG कोर्सों में दाखिले शुरू हो गए हैं। इच्छुक छात्र आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस बार एडमिशन प्रक्रिया को टेक्नीक के तरीके और आरामदायक बनाया गया है ताकि छात्र घर बैठे आसानी से आवेदन पूरा कर सकें। पायल मागो ने बताया कि इस सत्र से छात्रों के लिए दो नए कोर्स शुरू किए गए हैं। इनमें एमबीए (हेल्थकेयर) और बीएससी कंप्यूटर साइंस शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक उद्योगों की इकाइयों के अनुसार शिक्षा देना और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। विश्वविद्यालय का गठन है कि इन नए कोर्सों से छात्रों को भविष्य की नौकरियों के लिए बेहतर कौशल मिलेंगे।



सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक लगाने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या अंग्रेजी को भारत की स्वदेशी (मूल) भाषा माना जा सकता है। साथ ही इसे लागू करने में आने वाली चुनौतियों को लेकर सरकार और सीबीएसई से 10 दिन में जवाब मांगा है। अब 14 दिन बाद 29 जुलाई को इस मामले में सुनवाई होगी।

दरअसल, थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी मौजूदा 2026-27 सेशन से लागू कर दी गई है। नई पॉलिसी के मुताबिक स्टूडेंट्स को 2 भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। ऐसे में उन्हें वे भाषाएं छोड़नी पड़ेंगी, जिन्हें वे क्लास 5 से लगातार पढ़ रहे हैं।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने तैयारी के बिना तीन-भाषा नीति लागू कर दी है। स्कूलों में पर्याप्त टीचर, किताबें और जरूरी एकेडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है, जिससे स्टूडेंट-टीचर को परेशानी हो रही है।

थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े सवाल-जवाब, जो आपको जानना जरूरी है

1. मामला क्या है? जवाब: सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर 6 जून को यूटर्न लिया और नई गाइडलाइन जारी की थी। इसके मुताबिक, इस साल 10वीं में पढ़ रहे छात्रों को तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं देनी होगी।

7वीं, 8वीं और 9वीं के वे छात्र, जिन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, वे अपनी वही भाषाएं जारी रख सकेंगे। हालांकि, उन्हें इसके साथ एक भारतीय भाषा भी पढ़नी होगी। पूरी खबर पढ़ें

2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? जवाब: पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच, जर्मन) पढ़ते थे। अब नियम कहता है कि तीन में से कम-से-कम दो भाषाएं भारतीय होनी चाहिए। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही ली जा सकेगी।

3. याचिकाएं किसकी तरफ से लगाई गई थीं? जवाब: याचिकाएं छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी ने दायर की थीं। याचिकाकर्ताओं की तरफ से सीनियर एडवोकेट आनंद ग्रोवर, सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने सुनवाई की।

4. याचिकाकर्ताओं की आपत्ति क्या है? जवाब: नियम अचानक लागू कर दिया गया। कई भाषाओं की किताबें अभी उपलब्ध नहीं हैं। स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक नहीं हैं। इससे छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

5. कोर्ट में किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? जवाब: सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने पर रोक लगनी चाहिए। सीनियर एडवोकेट आनंद ग्रोवर, सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से अभी केवल 3 भाषाओं की किताबें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं में पढ़ाई कैसे शुरू होगी?

6. शिक्षकों को लेकर क्या समस्या बताई गई? जवाब: वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि अगर किसी स्कूल में नई भारतीय भाषा पढ़ानी होगी, तो उसके लिए प्रशिक्षित शिक्षक चाहिए। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इतने कम समय में शिक्षक और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

7. क्या विदेशी भाषा पूरी तरह बंद हो जाएगी? जवाब: नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन पहले उन्हें दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी।

8. तीसरी भाषा (R3) का बोर्ड एग्जाम होगा? जवाब: नहीं। CBSE ने कहा है कि कक्षा 10 के बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

9. अभी आगे क्या होगा? जवाब: केंद्र, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि इस नीति पर आगे क्या आदेश देना है।



Saturday, July 11, 2026

DTU (डीटीयू) में तीन नए बीटेक कोर्सों की शुरुआत हुई, सत्र 2026-27 से कंप्यूटर साइंस में एआई, मैकेनिकल व ऑटोमेशन, और क्वांटम टेक्नोलॉजी में बीटेक कोर्स शुरू होंगे। प्रत्येक में 60 सीटें होंगी और दाखिले जेईई मेन्स के स्कोर पर होंगे।

दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DTU) अब देश की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ छात्रों को भविष्य की तकनीक से लैस करने जा रहा है।

विश्वविद्यालय ने भारतीय सेना के साथ एमओयू किया है, जिसके तहत स्वदेशी रिसर्च और उन्नत सेंसर के जरिए सेना के पुराने हथियारों को आधुनिक बनाया जाएगा। कुलपति प्रो. प्रतीक शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि इसके साथ ही नए अकादमिक सत्र 2026-27 से कई बड़े बदलाव और नए कोर्स शुरू होने जा रहे हैं।

नए कोर्स और दाखिला प्रक्रिया
सत्र 2026-27 से कंप्यूटर साइंस में एआई, मैकेनिकल व ऑटोमेशन, और क्वांटम टेक्नोलॉजी में बीटेक कोर्स शुरू होंगे। प्रत्येक में 60 सीटें होंगी और दाखिले जेईई मेन्स के स्कोर पर होंगे।

अत्याधुनिक विकल्प
इसी सत्र से डेटा साइंस व एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में दो इंटीग्रेटेड बीएससी-एमएससी कोर्स शुरू हुए हैं। साथ ही, ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी के साथ पांच वर्षीय संयुक्त बीटेक-एमएस कोर्स और बीटेक के साथ इकोनॉमिक्स में ‘डबल मेजर ट्रैक’ (मशीन लर्निंग फॉर इकोनॉमिक्स, गेम थ्योरी आदि) का विकल्प भी मिलेगा। साथ ही, चुनिंदा यूजी और पीजी कोर्सों में एकल छात्राओं के लिए विशेष कोटा शुरू किया गया है।

9वीं के लिए सर्टिफिकेट कोर्स
कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए एप्लाइड एआई, डेटा एनालिटिक्स व एंटरप्रेन्योरशिप में 6 सप्ताह का कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिससे उन्हें 3 अकादमिक क्रेडिट मिलेंगे।

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दिल्ली विश्वविद्यालय ने विभिन्न पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया के लिए आवेदन की आज अंतिम तिथि है

विश्वविद्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्नातक दाखिले के लिए अब तक 1,90,645 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 1,64,098 अभ्यर्थियों ने सीएसएएस के दूसरे चरण को पूरा कर लिया है। विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपनी वरीयताएं भरने में देर न करें। 
वरीयता भरने की अंतिम तिथि 11 जुलाई 2026 को रात 11:59 बजे है।

दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए तीसरी सूची भी जारी कर दी गई है। एमएफए, बीपीएड, एमपीएड और संगीत जैसे प्रदर्शन आधारित कार्यक्रमों के लिए आवंटन जारी किए गए हैं



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Friday, July 10, 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉन-कॉलेजिएट विमेन्स एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक प्रवेश का कार्यक्रम जारी कर दिया है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 8 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगी

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉन-कॉलेजिएट विमेन्स एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक प्रवेश का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जारी शेड्यूल के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 8 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगी। यह व्यवस्था उन छात्राओं के लिए है जो किसी कारणवश नियमित कॉलेज में पढ़ाई नहीं कर पाती हैं। NCWEB वर्ष 1944 से सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) में कक्षाएं संचालित कर महिलाओं को उच्च शिक्षा का अवसर प्रदान कर रहा है।

NCWEB में केवल दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) की पात्र महिला अभ्यर्थियां ही आवेदन कर सकती हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। अभ्यर्थियों को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन पत्र जमा करने से पहले सभी जानकारियों का सावधानीपूर्वक सत्यापन करने की सलाह दी गई है।

विश्वविद्यालय के प्रवेश कार्यक्रम के अनुसार पहली कट-ऑफ सूची 27 जुलाई 2026 (सोमवार) को जारी की जाएगी। पहली कट-ऑफ के तहत पात्र अभ्यर्थी 28 जुलाई सुबह 10 बजे से 30 जुलाई 2026 रात 11:59 बजे तक प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। कॉलेजों द्वारा आवेदन का सत्यापन और स्वीकृति 31 जुलाई 2026 शाम 5 बजे तक की जाएगी, जबकि चयनित छात्राओं को प्रवेश शुल्क 1 अगस्त 2026 शाम 5 बजे तक जमा करना होगा।

इसके बाद दूसरी कट-ऑफ सूची 3 अगस्त 2026 (सोमवार) को जारी होगी। दूसरी कट-ऑफ के लिए आवेदन 4 अगस्त सुबह 10 बजे से 6 अगस्त 2026 रात 11:59 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। कॉलेज 7 अगस्त 2026 शाम 5 बजे तक आवेदनों का सत्यापन करेंगे और अभ्यर्थियों को 8 अगस्त 2026 शाम 5 बजे तक प्रवेश शुल्क जमा करना होगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी। कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और उसी के अनुसार सीटों का आवंटन किया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन पत्र में सही शैक्षणिक जानकारी भरने और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी गई है।








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Monday, July 6, 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUP) पूरा कर चुके छात्रों के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है।

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUP) पूरा कर चुके छात्रों के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस पाठ्यक्रम में केवल वही छात्र प्रवेश के पात्र होंगे जिन्होंने विश्वविद्यालय की स्नातक रूपरेखा (UGCF-2022) तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा किया है। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

पिछले सत्र में 58 इंजीनियरिंग व तकनीकी कॉलेजों पर लगा ताला, 950 से अधिक कोर्स भी बंद

देश में इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान देशभर के 58 इंजीनियरिंग एवं तकनीकी कॉलेजों को "प्रोग्रेसिव क्लोजर" के तहत बंद करने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही 950 से अधिक इंजीनियरिंग और तकनीकी पाठ्यक्रम भी समाप्त कर दिए गए हैं। AICTE का कहना है कि यह फैसला तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

AICTE के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इन संस्थानों में लगातार घट रही छात्र संख्या, योग्य शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव तथा परिषद के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मानकों का पालन नहीं किए जाने जैसी कई वजहें सामने आईं। इन कारणों से संबंधित संस्थानों को नए छात्रों के प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

क्या होता है 'प्रोग्रेसिव क्लोजर'?

AICTE ने स्पष्ट किया है कि "प्रोग्रेसिव क्लोजर" का अर्थ कॉलेज को तत्काल बंद करना नहीं है। इसके तहत संबंधित संस्थान प्रथम वर्ष में नए छात्रों का प्रवेश नहीं ले सकेंगे, लेकिन पहले से अध्ययनरत विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। वर्तमान छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से संस्थान का संचालन समाप्त हो जाएगा।

किन राज्यों में सबसे अधिक कॉलेज बंद हुए

AICTE के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 12-12 इंजीनियरिंग एवं तकनीकी कॉलेज उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बंद किए गए हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश में 8, तेलंगाना और पंजाब में 4-4, आंध्र प्रदेश तथा राजस्थान में 3-3 संस्थान बंद हुए हैं।

इसके अलावा गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में 2-2 कॉलेजों को बंद करने की अनुमति दी गई है। हरियाणा, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल तथा पुडुचेरी में एक-एक संस्थान प्रभावित हुआ है। कुल 58 संस्थानों में से केवल तीन सरकारी सहायता प्राप्त (Government Aided) हैं, जबकि शेष निजी संस्थान हैं।

950 से अधिक पाठ्यक्रम भी समाप्त

केवल कॉलेज ही नहीं, बल्कि देशभर के इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों में संचालित 950 से अधिक पाठ्यक्रम भी बंद किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कई पारंपरिक शाखाओं में लगातार घटती मांग, उद्योगों की बदलती जरूरतें तथा छात्रों का नए तकनीकी क्षेत्रों की ओर रुझान इसके प्रमुख कारण हैं।

विशेषज्ञों की राय

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले एक दशक में देश में बड़ी संख्या में निजी इंजीनियरिंग कॉलेज खुले, लेकिन रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों की संख्या में गिरावट के कारण अनेक संस्थान संकट में आ गए। अब AICTE ऐसे संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से बंद कर तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में काम कर रहा है।

कॉलेजों के नाम

AICTE ने अभी तक बंद किए गए सभी 58 कॉलेजों की विस्तृत सूची सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की है। फिलहाल केवल राज्यवार आंकड़े उपलब्ध कराए गए हैं। पूरी सूची जारी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन-किन संस्थानों को प्रोग्रेसिव क्लोजर के तहत शामिल किया गया है।


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Saturday, July 4, 2026

हिंदू सम्राट पूज्य बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री जी को उनके जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ।

॥ जय श्री राम ॥
हिंदू सम्राट पूज्य बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री जी को उनके जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ।
प्रभु श्रीराम और बालाजी महाराज की असीम कृपा आप पर सदैव बनी रहे। आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, यश, ऊर्जा और अखंड शक्ति प्राप्त हो, ताकि आप सनातन धर्म, राष्ट्र, संस्कृति और मानव सेवा के अपने पावन संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाते रहें।
आपके प्रेरणादायी विचार, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और धर्म-जागरण का अभियान निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त करे तथा समस्त भारतवर्ष में सद्भाव, धर्म और संस्कारों का प्रकाश फैलता रहे।
जन्मदिवस की अनंत शुभकामनाएँ!
जय श्री राम! 🚩

स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि एवं शत्-शत् नमन।

"उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।"
युगद्रष्टा, महान संन्यासी, अद्वैत वेदांत के प्रखर प्रवक्ता एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
स्वामी जी ने अपने विचारों, ज्ञान, राष्ट्रप्रेम और मानव सेवा के संदेश से भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को नई दिशा दी। उनका जीवन हमें आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण, निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
आइए, उनकी पुण्यतिथि पर हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा एक सशक्त, जागरूक और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लें।
स्वामी विवेकानंद जी को विनम्र श्रद्धांजलि।
शत्-शत् नमन। 🙏🕉️

Friday, July 3, 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रवेश के लिए कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम का दूसरा चरण शुरू किया, छात्र आज से कॉलेज-कोर्स चुन सकेंगे

दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रवेश के लिए कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। छात्र आज से अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स का चयन कर सकेंगे।
इस वर्ष 73 स्नातक पाठ्यक्रमों और 150 से अधिक कार्यक्रम संयोजनों में प्रवेश दिया जाएगा। दूसरे चरण में आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 जुलाई है।
विषयों का मिलान (Subject Mapping) आवश्यक
डीयू में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को कक्षा 12 में पढ़े गए विषयों के अनुरूप CUET-UG के विषयों का मिलान (Subject Mapping) करना होगा। इसके बाद अभ्यर्थी अपनी पात्रता के अनुसार जितने चाहें उतने पाठ्यक्रम और कॉलेज चुन सकेंगे।
विश्वविद्यालय ने बताया कि सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थियों को अपग्रेड और फ्रीज का विकल्प भी मिलेगा।
डीयू का संशोधित कार्यक्रम जारी
डीयू ने पीजी प्रवेश प्रक्रिया का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है।

तीसरी सीट आवंटन सूची जारी होगी।
प्रदर्शन आधारित पाठ्यक्रमों के प्रथम चरण का आवंटन होगा।
एनसीसी, खेल और वार्ड कोटा की सूची भी जारी की जाएगी।
चयनित अभ्यर्थी 9 से 11 जुलाई तक अपनी सीट स्वीकार कर सकेंगे।
3 से 5 जुलाई तक मिड-एंट्री और करेक्शन विंडो भी खुली रहेगी।
जितने चाहें उतने पाठ्यक्रम में कर सकते हैं आवेदन
प्रो. बिजयलक्ष्मी नंदा (मिरांडा हाउस की प्रिंसिपल) के अनुसार:

प्रश्न: यदि किसी छात्र के CUET-UG में कम अंक हैं और 12वीं में 99% अंक हैं, तो क्या वह सभी पाठ्यक्रमों के लिए पात्र होगा?
उत्तर: डीयू में प्रवेश केवल CUET-UG के नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर होगा। 12वीं के प्रतिशत के आधार पर प्रवेश नहीं मिलेगा।

प्रश्न: क्या एक से अधिक कोर्स के लिए आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, छात्र अपनी पात्रता के अनुसार जितने चाहें उतने पाठ्यक्रम और कॉलेजों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

प्रश्न: क्या आवेदन जमा करने के बाद बदलाव किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, करेक्शन विंडो खुलने पर आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।

प्रश्न: क्या 12वीं के अंक मेरिट बनाने में जोड़े जाएंगे?
उत्तर: नहीं। मेरिट सूची केवल CUET-UG के अंकों के आधार पर बनेगी। यदि दो अभ्यर्थियों के अंक समान होते हैं, तो ऐसी स्थिति में 12वीं के अंकों का उपयोग टाई-ब्रेकर के रूप में किया जा सकता है।

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Wednesday, July 1, 2026

विंटर वेकेशन के बाद स्कूल खुलने पर विद्यार्थियों के लिए शुभकामना संदेश 🌸📚

        📚🌸 विंटर वेकेशन के बाद स्कूल खुलने पर        
                  विद्यार्थियों के लिए शुभकामना संदेश 🌸📚

✨ नया दिन, नई शुरुआत, नए सपने और नई उड़ान! ✨

प्रिय विद्यार्थियों,
विंटर वेकेशन के बाद आज से विद्यालय पुनः खुल रहे हैं। आशा है कि आपने छुट्टियों का भरपूर आनंद लिया होगा और अब नई ऊर्जा, उत्साह तथा सकारात्मक सोच के साथ अपनी पढ़ाई शुरू करेंगे।
🎒 नियमित रूप से विद्यालय आएँ।
📖 मन लगाकर पढ़ाई करें।
🌱 अनुशासन, मेहनत और अच्छे संस्कारों को अपनाएँ।
🏆 हर दिन कुछ नया सीखें और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ें।
आप सभी को नए शैक्षणिक सत्र की हार्दिक शुभकामनाएँ!
ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, सफलता और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करे।
🌟 "सीखते रहिए, बढ़ते रहिए, क्योंकि शिक्षा ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है।"
📌 महत्वपूर्ण शिक्षा एवं प्रवेश संबंधी अपडेट के लिए देखें:

देशभर के अनेक राज्यों में अवकाश के बाद जुलाई के प्रारंभ में विद्यालय पुनः खुल रहे हैं और विद्यार्थी नए उत्साह के साथ कक्षाओं में लौट रहे हैं। 

Tuesday, June 30, 2026

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) में स्नातक के 25 पाठ्यक्रमों में प्रवेश सीयूईटी-यूजी स्कोर के आधार पर हो रहा है। अन्य पाठ्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय अपनी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित कर चुका है और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) में स्नातक के 25 पाठ्यक्रमों में प्रवेश सीयूईटी-यूजी स्कोर के आधार पर हो रहा है। अन्य पाठ्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय अपनी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित कर चुका है और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस वर्ष स्नातक, स्नातकोत्तर, पीजी डिप्लोमा, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रवेश परीक्षाएं देश के 16 शहरों में आयोजित की गईं। बीटेक में जेईई (मेन), बीआर्क में नाटा और इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी-बीएड) में एनसीईटी मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जा रहा है।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. एहतेशामुल हक ने बताया कि समय पर परिणाम, ग्रेड शीट और प्रोविजनल डिग्री जारी होने से छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया में मल्टीपल एंट्री जैसी व्यवस्थाओं को भी शामिल किया है

दसवीं के मौजूदा सत्र पर त्रिभाषा नीति लागू नहीं होगी: CBSE

दसवीं कक्षा के मौजूदा सत्र के छात्रों पर त्रिभाषा नीति लागू नहीं होगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि वे छात्र पहले की तरह दो ही भाषाएं पढ़ सकते हैं। अगले सत्र से नौवीं कक्षा के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी। इन तीन भाषाओं में से कम से कम एक भारतीय भाषा अनिवार्य होगी।
सीबीएसई के अनुसार, सत्र 2026-27 में वर्तमान सत्र से यदि कोई छात्र पहले से दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहा है, तो उसे एक भारतीय भाषा अतिरिक्त रूप से जोड़नी होगी। बोर्ड ने वर्तमान कक्षा सात और आठ के विद्यार्थियों को भी राहत दी है। यदि उन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, तो उन्हें केवल एक भारतीय भाषा अतिरिक्त पढ़नी होगी। इन दोनों बैचों के लिए भी कक्षा 10 तक केंद्रीय स्तर की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।
2026-27 से कक्षा नौ में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी
ऐसे छात्रों को अगले सत्र से तीन भाषाओं में से दो भारतीय और एक विदेशी भाषा चुननी होगी।
10 तक केंद्रीय स्तर की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी
बोर्ड ने कहा, नई व्यवस्था के तहत सत्र 2026-27 से कक्षा छह से एक विदेशी भाषा और इसके बाद अपने सभी बैचों पर त्रिभाषा नीति पूरी तरह लागू होगी। जब वे विद्यार्थी कक्षा 10 में पहुंचेंगे, तब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं ली जाएगी। इसके लिए एनसीईआरटी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध करा रही है।
तीसरी भाषा का आंतरिक मूल्यांकन ही होगा
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए तीसरी भाषा का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन होगा। 2027-28 में जब ये छात्र दसवीं कक्षा में होंगे, तब भी सीबीएसई इसकी बोर्ड परीक्षा नहीं कराएगा।
इन छात्रों को छूट
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि दिव्यांग विद्यार्थी, भारत से बाहर स्थित सीबीएसई विद्यालयों के विद्यार्थी और विदेश से लौटने वाले विद्यार्थियों को तीसरी भारतीय भाषा की अनिवार्यता में छूट मिलेगी। यदि किसी छात्र के अभिभावक दूसरे राज्य में स्थानांतरित हो जाते हैं, तो वह पढ़ने में चुनी गई भाषा जारी रख सकेगा।

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Wednesday, June 24, 2026

CUET में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर टॉपर बनने पर देवेना गहलोत को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ

                     🌟 हार्दिक बधाई! 🌟
CUET में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर टॉपर बनने पर देवेना गहलोत को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
आपकी अथक मेहनत, समर्पण, अनुशासन और दृढ़ संकल्प ने यह शानदार सफलता दिलाई है। आपकी यह उपलब्धि न केवल आपके परिवार और शिक्षकों के लिए, बल्कि सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आप भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त करें और अपने सपनों को साकार करें।
आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएँ!
💐 Congratulations Devena Gahlot! 💐 Keep Shining, Keep Achieving!

CUET UG 2026 परिणाम घोषित: उच्च शिक्षा की नई राह, लाखों विद्यार्थियों के सपनों को मिले पंख

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। देशभर के लाखों विद्यार्थियों का लंबे समय से प्रतीक्षित इंतजार समाप्त हो गया है। परिणाम जारी होने के साथ ही केंद्रीय, राज्य, डीम्ड और निजी विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रवेश की प्रक्रिया तेज हो गई है। अभ्यर्थी अब अपना स्कोरकार्ड आधिकारिक पोर्टल पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं और विभिन्न विश्वविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। 

आधिकारिक वेबसाइट:

CUET: उच्च शिक्षा में एक बड़ा बदलाव
पिछले कुछ वर्षों में CUET ने भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। पहले विभिन्न विश्वविद्यालय अपनी-अपनी प्रवेश परीक्षाएँ आयोजित करते थे या केवल बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर प्रवेश देते थे। इससे अलग-अलग बोर्डों और राज्यों के विद्यार्थियों के बीच तुलना करना कठिन हो जाता था।

CUET ने इस व्यवस्था को बदलते हुए देशभर के विद्यार्थियों के लिए एक समान मंच उपलब्ध कराया है। अब छात्र एक ही परीक्षा के माध्यम से अनेक विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए पात्र बन सकते हैं। इस व्यवस्था ने पारदर्शिता और समान अवसर को बढ़ावा दिया है। 

2026 में रिकॉर्ड भागीदारी
इस वर्ष CUET-UG 2026 में अभूतपूर्व संख्या में विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लगभग 15.68 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जबकि 11.64 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। यह पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है और बताता है कि CUET की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। 
विशेषज्ञों का मानना है कि CUET अब देश की सबसे महत्वपूर्ण स्नातक प्रवेश परीक्षाओं में शामिल हो चुका है। इसका प्रभाव केवल केंद्रीय विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्य और निजी विश्वविद्यालय भी इस स्कोर को स्वीकार कर रहे हैं।

परीक्षा का आयोजन
CUET-UG 2026 का आयोजन मई और जून 2026 के दौरान कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में किया गया। विद्यार्थियों ने भाषा, डोमेन विषयों तथा सामान्य योग्यता परीक्षण में भाग लिया। परीक्षा देशभर के अनेक शहरों और परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। 

इस वर्ष उम्मीदवारों को अधिकतम पाँच विषय चुनने की अनुमति दी गई थी। विभिन्न विषय संयोजनों के कारण हजारों प्रकार के विषय समूह बने, जिससे परीक्षा संचालन एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती थी। इसके बावजूद परीक्षा प्रक्रिया अपेक्षाकृत सुचारु रूप से संपन्न हुई। 

अंतिम उत्तर कुंजी और परिणाम
परिणाम जारी करने से पहले NTA ने अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की। विशेषज्ञ समिति द्वारा प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद सात प्रश्नों को हटाया गया। अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर ही परिणाम तैयार किया गया। 

उत्तर कुंजी जारी होने के बाद विद्यार्थियों को परिणाम का बेसब्री से इंतजार था। अंततः 23 जून 2026 को NTA ने परिणाम घोषित कर दिया और स्कोरकार्ड डाउनलोड लिंक सक्रिय कर दिया। 

स्कोरकार्ड में क्या है?
CUET स्कोरकार्ड में उम्मीदवार को निम्न जानकारी उपलब्ध कराई जाती है:
उम्मीदवार का नाम
आवेदन संख्या
रोल नंबर
विषयवार अंक
पर्सेंटाइल स्कोर
श्रेणी विवरण
परीक्षा संबंधी जानकारी
NTA स्कोर
विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के बाद उसमें दर्ज सभी विवरणों का सावधानीपूर्वक मिलान करें। 

देश की टॉपर बनीं देविना गहलोत
CUET UG 2026 में इस वर्ष सबसे अधिक चर्चा देविना गहलोत की रही, जिन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय NCERT पुस्तकों के गहन अध्ययन, अवधारणाओं की स्पष्ट समझ तथा संतुलित अध्ययन पद्धति को दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर पढ़ाई के साथ-साथ उचित विश्राम भी सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। 

उनकी सफलता लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि अवधारणात्मक समझ और नियमित तैयारी आज भी सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है।

लड़कियों का शानदार प्रदर्शन
इस वर्ष के परिणामों में छात्राओं का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। कई राज्यों में छात्राओं ने उच्च पर्सेंटाइल प्राप्त किए और टॉप स्कोरर्स की सूची में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया। शिक्षा विशेषज्ञ इसे उच्च शिक्षा में बढ़ती महिला भागीदारी का सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। 

NTA जारी नहीं करता कटऑफ
अक्सर विद्यार्थी यह समझते हैं कि परिणाम के साथ कटऑफ भी जारी की जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है। NTA केवल परीक्षा आयोजित करता है और परिणाम जारी करता है। कटऑफ, मेरिट सूची और सीट आवंटन का निर्णय संबंधित विश्वविद्यालय स्वयं करते हैं। 

इसलिए विद्यार्थियों को केवल परिणाम देखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि उन विश्वविद्यालयों की आधिकारिक वेबसाइटों पर भी नियमित रूप से नजर रखनी चाहिए जहाँ वे प्रवेश लेना चाहते हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) देश के सबसे लोकप्रिय विश्वविद्यालयों में से एक है। हर वर्ष लाखों विद्यार्थी यहां प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। CUET स्कोर लागू होने के बाद DU में प्रवेश पूरी तरह स्कोर आधारित प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार निम्न पाठ्यक्रमों में प्रतिस्पर्धा सबसे अधिक रहने की संभावना है:
बी.कॉम (ऑनर्स)
इकोनॉमिक्स (ऑनर्स)
इंग्लिश (ऑनर्स)
पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स)
साइकोलॉजी (ऑनर्स)
कंप्यूटर साइंस
इन पाठ्यक्रमों के लिए उच्च पर्सेंटाइल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।

BHU, JNU और अन्य विश्वविद्यालय
CUET स्कोर के आधार पर देश के अनेक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय प्रवेश प्रदान करते हैं। इनमें प्रमुख हैं:
Banaras Hindu University
Jawaharlal Nehru University
Jamia Millia Islamia
University of Delhi
University of Allahabad
इन संस्थानों द्वारा अलग-अलग प्रवेश प्रक्रिया और काउंसलिंग कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

परिणाम के बाद क्या करें?
परिणाम घोषित होने के बाद विद्यार्थियों को निम्न कदम उठाने चाहिए:
1. स्कोरकार्ड डाउनलोड करें
सबसे पहले परिणाम की PDF सुरक्षित रखें।
2. विश्वविद्यालयों में पंजीकरण करें
केवल CUET स्कोर प्राप्त कर लेना पर्याप्त नहीं है। संबंधित विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अलग से आवेदन करना आवश्यक है।
3. दस्तावेज तैयार रखें
कक्षा 10 की अंकतालिका
कक्षा 12 की अंकतालिका
आधार कार्ड
पासपोर्ट आकार फोटो
हस्ताक्षर
आरक्षण प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
4. प्राथमिकताएँ सोच-समझकर भरें
कई विश्वविद्यालय छात्रों को कॉलेज और पाठ्यक्रम की प्राथमिकताएँ भरने का अवसर देते हैं। इन विकल्पों का चयन भविष्य के प्रवेश पर सीधा प्रभाव डालता है।
5. समय-सीमा का ध्यान रखें

प्रवेश प्रक्रिया में छोटी सी चूक भी सीट गंवाने का कारण बन सकती है।

नॉर्मलाइजेशन की भूमिका
CUET परीक्षा अनेक शिफ्टों में आयोजित होती है। सभी शिफ्टों का कठिनाई स्तर समान नहीं हो सकता। इसलिए NTA नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का उपयोग करता है ताकि विभिन्न शिफ्टों के विद्यार्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
इसी कारण कई बार वास्तविक अंक और अंतिम NTA स्कोर में अंतर दिखाई देता है। यह पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया पर आधारित होता है।

उच्च शिक्षा के लिए नई संभावनाएँ
CUET ने छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बड़े विश्वविद्यालयों तक पहुंचने का अवसर दिया है। पहले जहां कई छात्रों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए यात्रा करनी पड़ती थी, अब एक ही परीक्षा के माध्यम से अनेक संस्थानों में आवेदन संभव हो गया है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिला है और उच्च शिक्षा अधिक समावेशी बनी है।

विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञ सलाह

केवल सोशल मीडिया पर चल रही कटऑफ अफवाहों पर भरोसा न करें।
आधिकारिक वेबसाइटों से ही जानकारी प्राप्त करें।
एक से अधिक विश्वविद्यालयों में आवेदन करें।
बैकअप विकल्प अवश्य रखें।
दस्तावेजों की डिजिटल और प्रिंट कॉपी तैयार रखें।
प्रवेश प्रक्रिया की प्रत्येक तिथि नोट करें।

CUET UG 2026 का परिणाम केवल अंकों की घोषणा नहीं है, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के जीवन के अगले अध्याय की शुरुआत है। यह परीक्षा आज भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है। रिकॉर्ड संख्या में पंजीकरण, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और देशभर के विश्वविद्यालयों की भागीदारी यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में CUET का महत्व और अधिक बढ़ने वाला है।

अब विद्यार्थियों के सामने सबसे महत्वपूर्ण कार्य सही विश्वविद्यालय और उपयुक्त पाठ्यक्रम का चयन है। जिन छात्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया है उनके लिए यह उपलब्धि नए अवसरों के द्वार खोलेगी, जबकि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी अनेक विश्वविद्यालयों और पाठ्यक्रमों के विकल्प उपलब्ध हैं। मेहनत, सही योजना और समय पर कार्रवाई के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी अपने उच्च शिक्षा के लक्ष्य की ओर सफलतापूर्वक आगे बढ़ सकता है। 


DU: 69 कॉलेजों में 72 हजार सीटों पर जल्द शुरू होंगे दाखिले

सीयूईटी-यूजी के रिजल्ट के बाद अब दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) समेत अन्य विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्सों के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। डीयू एक हफ्ते के अंदर यानी इसी महीने अपनी रजिस्ट्रेशन विंडो खोलेगा। यूनिवर्सिटी के 69 कॉलेजों में करीब 72 हजार यूजी सीटों पर सीयूईटी-यूजी स्कोर के आधार पर दाखिले होंगे।
एडमिशन ब्रांच ने छात्रों से कहा है कि वे कोर्स और कॉलेजों की शॉर्टलिस्टिंग शुरू कर दें। जिन छात्रों ने सीयूईटी-यूजी परीक्षा दी है, वे ही डीयू में दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे।

आने वाले हफ्ते में डीयू अपना कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल खोलेगा। इसके बाद एडमिशन ब्रांच एक वेबिनार भी आयोजित करेगी, जिसमें फॉर्म भरने से लेकर जरूरी दस्तावेज, विभिन्न कोटा और अन्य आवश्यक जानकारियां छात्रों व अभिभावकों को दी जाएंगी।

डीयू के डीन (एडमिशन) प्रो. हनीत गांधी ने बताया कि एक हफ्ते के भीतर दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पहले चरण में छात्र अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरेंगे। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के माध्यम से सीयूईटी-यूजी का डेटा स्वतः प्राप्त हो जाएगा। इसके बाद अगले चरण में छात्र कोर्स और कॉलेजों की अपनी पसंद तथा उनकी प्राथमिकता दर्ज कर सकेंगे।

छात्रों को सलाह दी गई है कि वे इंफॉर्मेशन बुलेटिन देखकर अपनी पात्रता के अनुसार पसंदीदा कोर्स और कॉलेजों की सूची तैयार करें तथा उन्हें प्राथमिकता क्रम में भरें। जितनी अधिक प्राथमिकताएं भरेंगे, दाखिला मिलने की संभावना उतनी अधिक होगी।

आएंगे कुछ नए बीए कॉम्बिनेशन
डीयू में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 72,230 दाखिले हुए थे, जबकि कुल सीटें 71,624 थीं। सुपरन्यूमेरेरी सीटें जोड़ने पर यह संख्या और बढ़ जाती है। कुछ कोर्सों में सीटें खाली रह गई थीं, जबकि कुछ कॉलेजों में ओवर-एडमिशन भी हुए थे।
डीयू प्रशासन ने सभी कॉलेजों से सुझाव मांगे थे कि सीटों का बेहतर उपयोग कैसे किया जाए ताकि शुरुआती राउंड में ही अधिकतम सीटें भर सकें। इसी क्रम में बीए प्रोग्राम के कुछ नए विषय संयोजन (कॉम्बिनेशन) लाने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि कुछ पुराने संयोजनों में छात्रों की रुचि कम देखी गई थी।

Sunday, June 21, 2026

NEET Re-Exam 2026 में सम्मिलित सभी परीक्षार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ!

🌟 NEET Re-Exam 2026 में सम्मिलित सभी परीक्षार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ! 🌟

प्रिय विद्यार्थियों,

आपने इस परीक्षा के लिए कठिन परिश्रम, धैर्य और समर्पण के साथ तैयारी की है। अब समय है आत्मविश्वास के साथ अपने ज्ञान और क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का।

परीक्षा कक्ष में शांत मन रखें, प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और समय का उचित प्रबंधन करें। याद रखें कि आपकी मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और हर प्रयास आपको सफलता के और निकट ले जाता है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, एकाग्रता और आत्मविश्वास प्रदान करें तथा आपके सभी सपनों को साकार करने का मार्ग प्रशस्त करें।

आप सभी के उज्ज्वल भविष्य एवं शानदार सफलता की मंगलकामनाएँ।

Tuesday, June 16, 2026

NEET UG री-एग्जाम 2026: 21 जून को परीक्षा, 14 जून को एडमिट कार्ड जारी,

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG री-एग्जाम की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। जिन उम्मीदवारों की दोबारा परीक्षा 21 जून को होने वाली है, उनके लिए एडमिट कार्ड 14 जून को आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया गया है।

उम्मीदवार अपना NEET UG Admit Card अपने एप्लीकेशन नंबर, जन्म तिथि और सिक्योरिटी पिन की मदद से आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।


📌 एडमिट कार्ड डाउनलोड करते समय NTA की जरूरी सलाह

NTA ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि एडमिट कार्ड डाउनलोड करने से पहले कुछ जरूरी बैंकिंग डिटेल्स पहले से तैयार रखें, ताकि पोर्टल पर अधिक लोड के कारण किसी तरह की परेशानी न हो।

उम्मीदवार अपने पास ये जानकारी पहले से रखें:

  • पूरा नाम (बैंक रिकॉर्ड के अनुसार)
  • बैंक अकाउंट नंबर
  • IFSC कोड
  • कैंसिल किए गए चेक की स्कैन कॉपी

NTA के अनुसार, इन दस्तावेजों को पहले से तैयार रखने से प्रक्रिया तेज और आसान हो जाएगी और किसी भी तरह की देरी से बचा जा सकेगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि फाइनल सबमिशन से पहले सभी जानकारी ध्यान से जांच लें।


🖥️ NEET UG री-एग्जाम एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें?

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: https://neet.nta.nic.in/
  2. होमपेज पर “NEET UG Admit Card” लिंक पर क्लिक करें
  3. एप्लीकेशन नंबर, जन्म तिथि और सिक्योरिटी पिन डालकर लॉगिन करें
  4. एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा
  5. उसे डाउनलोड करें और प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रखें


NEET UG री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एडमिट कार्ड जारी हो चुका है और परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय पर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर लें।



जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी), पीजी डिप्लोमा और एडवांस डिप्लोमा कोर्स में दाखिले को लेकर आवेदन की तारीख दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 17 जून तक ऑनलाइन https://jnuee.jnu.ac.in लिंक पर आवेदन कर सकेंगे।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी), पीजी डिप्लोमा और एडवांस डिप्लोमा कोर्स में दाखिले को लेकर आवेदन की तारीख दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 17 जून तक ऑनलाइन https://jnuee.jnu.ac.in लिंक पर आवेदन कर सकेंगे।

हालांकि, जो उम्मीदवार दाखिले के लिए पहले से आवेदन कर चुके हैं उन्हें आवेदन फॉर्म में सुधार का मौका सिर्फ एक बार दिया जाएगा। इसके लिए उम्मीदवारों को 17 जून रात 11:50 बजे तक का समय दिया गया है। उम्मीदवार नाम, माता-पिता का नाम और जन्म तिथि को छोड़कर सभी क्षेत्रों में सुधार कर सकेंगे। उसके बाद किसी भी संशोधन के अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा। जेएनयू ने अलग-अलग भाषाओं में एमए, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी और कंप्यूटेशनल बायोलॉजी और एमटेक प्रोग्राम में दाखिले को लेकर आवेदन मांगे हैं। इसमें एमए प्रोग्राम में दाखिले के लिए करीब 800 सीट विभिन्न स्कूलों में उपलब्ध है।




Sunday, June 14, 2026

दिल्ली सरकार की नई पहल: नौवीं कक्षा में बार-बार असफल होने वाले छात्रों को स्कूल छोड़ने से रोकने के लिए काउंसलिंग अभियान

दिल्ली में नौवीं कक्षा में लगातार असफल होने वाले छात्रों के बीच स्कूल छोड़ने (ड्रॉपआउट) की बढ़ती समस्या को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। शिक्षा निदेशालय (DoE) ने सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश जारी करते हुए ऐसे छात्रों और उनके अभिभावकों की विशेष काउंसलिंग करने को कहा है, ताकि उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया जा सके और उनकी शैक्षणिक चुनौतियों का समाधान निकाला जा सके।

शिक्षा विभाग के अनुसार, नौवीं कक्षा वह स्तर है जहां बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं। लगातार असफल होने के कारण उनमें आत्मविश्वास की कमी, पढ़ाई के प्रति रुचि में गिरावट और स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। कई मामलों में आर्थिक, पारिवारिक और सामाजिक कारण भी छात्रों के शिक्षा से दूर होने का कारण बनते हैं।

छात्रों और अभिभावकों की होगी विशेष काउंसलिंग

निदेशालय ने स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे छात्रों की पहचान करें जो नौवीं कक्षा में एक से अधिक बार असफल हो चुके हैं या जिनकी उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन चिंताजनक है। इन छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों की भी नियमित काउंसलिंग की जाएगी।
काउंसलिंग के दौरान शिक्षकों और परामर्शदाताओं द्वारा छात्रों को उनकी क्षमताओं के बारे में जागरूक किया जाएगा तथा यह समझाया जाएगा कि असफलता स्थायी नहीं होती। उन्हें दोबारा प्रयास करने और शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं अभिभावकों को भी बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाने और उनके मनोबल को बढ़ाने की सलाह दी जाएगी।

ड्रॉपआउट दर कम करने पर जोर

शिक्षा विभाग का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे छात्रों की समस्याओं की पहचान कर उचित मार्गदर्शन दिया जाए, तो उन्हें स्कूल छोड़ने से रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से स्कूलों को छात्रों की व्यक्तिगत, सामाजिक और शैक्षणिक परिस्थितियों का आकलन करने के लिए कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नौवीं कक्षा माध्यमिक शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण होती है। इस स्तर पर असफलता छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। इसलिए मनोवैज्ञानिक सहयोग, करियर मार्गदर्शन और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।

स्कूलों को दिए गए आवश्यक निर्देश

शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों से कहा है कि वे:
बार-बार असफल होने वाले छात्रों की सूची तैयार करें।
छात्रों और अभिभावकों के साथ व्यक्तिगत बैठकें आयोजित करें।

नियमित काउंसलिंग सत्र चलाएं।

छात्रों की उपस्थिति और प्रगति पर विशेष निगरानी रखें।
जरूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराएं।
स्कूल छोड़ चुके छात्रों से भी संपर्क कर उन्हें दोबारा शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास करें। 

शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित करने का प्रयास

दिल्ली सरकार का मानना है कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए और केवल परीक्षा में असफलता के कारण किसी छात्र का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। नई पहल का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें शिक्षा से जोड़कर रखना और ड्रॉपआउट दर को कम करना है।

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह अभियान प्रभावी ढंग से लागू होता है तो बड़ी संख्या में ऐसे छात्रों को लाभ मिल सकता है जो असफलता के कारण पढ़ाई छोड़ने का विचार कर रहे हैं। इससे न केवल छात्रों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी अधिक समावेशी और संवेदनशील बनाने में मदद मिलेगी।

Saturday, June 13, 2026

इग्नू पीएचडी एडमिशन 2026: आवेदन शुरू, 1 जुलाई तक मौका

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) ने जुलाई 2026 सत्र के लिए पीएचडी (PhD) एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने इस वर्ष कुल 36 डॉक्टोरल प्रोग्राम्स (PhD Courses) में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह प्रक्रिया देशभर के शोधार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

IGNOU ने स्पष्ट किया है कि आवेदन प्रक्रिया 10 जून 2026 से शुरू होकर 1 जुलाई 2026 तक चलेगी। उम्मीदवार विश्वविद्यालय के Samarth Admission Portal के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

🎓 किन-किन विषयों में PhD उपलब्ध है?

IGNOU में पीएचडी विभिन्न स्कूलों (Schools of Studies) के तहत दी जाती है। इस वर्ष जिन प्रमुख विषयों में PhD उपलब्ध है, वे इस प्रकार हैं:

🧠 सामाजिक विज्ञान (School of Social Sciences)

इस क्षेत्र में सबसे अधिक रिसर्च विकल्प उपलब्ध हैं:

Sociology (समाजशास्त्र)

Political Science (राजनीति विज्ञान)

Public Administration (लोक प्रशासन)

History (इतिहास)

Economics (अर्थशास्त्र)

Geography (भूगोल)

Anthropology (मानवशास्त्र)

Psychology (मनोविज्ञान)

यह क्षेत्र सामाजिक संरचना, राजनीति, अर्थव्यवस्था और मानव व्यवहार पर शोध के लिए जाना जाता है।

📚 मानविकी (Humanities & Languages)

भाषा और साहित्य से जुड़े विषय:

Hindi

English

Sanskrit

Urdu

French

Translation Studies

इन विषयों में भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक अध्ययन पर शोध किया जाता है।

🧪 विज्ञान (School of Sciences)

शुद्ध विज्ञान और तकनीकी शोध के क्षेत्र:

Physics (भौतिक विज्ञान)

Chemistry (रसायन विज्ञान)

Mathematics (गणित)

Statistics (सांख्यिकी)

Life Sciences / Biochemistry

Environmental Science

Geology (भूविज्ञान)

यह क्षेत्र प्रयोगात्मक और शोध आधारित अध्ययन के लिए उपयुक्त है।


💼 प्रबंधन और वाणिज्य (Management & Commerce)

व्यापार और आर्थिक क्षेत्र से जुड़े विषय:

Management (प्रबंधन)

Commerce (वाणिज्य)

Business Studies

Finance और Marketing आधारित शोध क्षेत्र

यह विषय कॉर्पोरेट और अकादमिक दोनों करियर के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

🎓 शिक्षा (Education)

शिक्षा क्षेत्र में शोध के अवसर:

Education (शिक्षा शास्त्र)

Teacher Education

Educational Technology

Distance Education

इसमें शिक्षा प्रणाली और शिक्षण तकनीकों पर रिसर्च किया जाता है।

🧑‍💻 अन्य प्रमुख विषय

IGNOU कई इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों में भी PhD प्रदान करता है:

Social Work

Development Studies

Gender Studies

Journalism & Mass Communication

Tourism and Hospitality

Fine Arts, Music, Dance, Theatre Arts

Home Science

Vocational Education


📌 चयन प्रक्रिया कैसी होगी?

IGNOU में PhD प्रवेश UGC नियमों के अनुसार होता है:

UGC NET/JRF स्कोर आधारित चयन

कुछ उम्मीदवारों के लिए Entrance Test

इसके बाद Interview / Viva-Voce अनिवार्य

NET/JRF उम्मीदवारों को कई मामलों में सीधे इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है।


🗓️ महत्वपूर्ण बातें

आवेदन शुरू: 10 जून 2026

अंतिम तिथि: 1 जुलाई 2026

कुल प्रोग्राम: लगभग 36 PhD कोर्स

आवेदन मोड: ऑनलाइन (Samarth Portal) https://ignou.samarth.edu.in/index.php/site/login

IGNOU का PhD एडमिशन 2026 उन छात्रों के लिए बड़ा अवसर है जो कम खर्च में और लचीली शिक्षा व्यवस्था के साथ रिसर्च करना चाहते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा 36 विषयों में उपलब्ध यह प्रोग्राम सामाजिक विज्ञान से लेकर विज्ञान, प्रबंधन, शिक्षा और मानविकी तक विस्तृत है।

उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन पूरा करें ताकि किसी तकनीकी या भीड़ की समस्या से बचा जा सके।


#https://bharatadmissionportal.blogspot.com/

Friday, June 5, 2026

डीयू के पीजी कोर्स में सात जून तक प्रवेश का मौका

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन करने की सलाह देते हुए स्पष्ट किया है कि सीएसएएस (पीजी)-2026 पोर्टल पर आवेदन की अंतिम तिथि 7 जून है।

यह प्रक्रिया नियमित पाठ्यक्रमों के साथ-साथ नॉन-कॉलेजिएट विमेन एजुकेशन बोर्ड (एनसीडब्ल्यूईबी) के लिए भी लागू होगी। विश्वविद्यालय ने बताया कि केवल सीयूईटी (पीजी) परीक्षा में शामिल होना दाखिले के लिए पर्याप्त नहीं है। सभी अभ्यर्थियों को कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसएएस)-पीजी पोर्टल पर अलग से आवेदन करना अनिवार्य होगा।

दाखिला प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजीलॉकर और एपीआई सेवाओं को जोड़ा गया है। दाखिले से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय ने हेल्पलाइन, चैटबॉट और ईमेल सहायता सुविधा उपलब्ध कराई है। विश्वविद्यालय का कहना है कि पूरी प्रवेश प्रक्रिया केवल ऑनलाइन माध्यम से संचालित होगी और किसी भी प्रकार के ऑफलाइन अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।

यहां करें आवेदन
अभ्यर्थी पीजी प्रवेश पोर्टल pgadmission.uod.ac.in से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के सभी विभागों, केंद्रों और संबद्ध कॉलेजों में पीजी दाखिले इसी पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे।

सीएसएएस (पीजी)-2026 आवेदन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी :
प्रोफाइल बनाना
पाठ्यक्रम एवं वरीयताएं भरना
शुल्क जमा करना

दिव्यांग अभ्यर्थियों को विशेष राहत
इस वर्ष विश्वविद्यालय ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को विशेष राहत दी है। डीयू ने घोषणा की है कि सीएसएएस (पीजी) के प्रवेश विंडो में पात्र अभ्यर्थियों को एक बार PwBD श्रेणी चुनने का अवसर दिया जाएगा।

यह सुविधा केवल उन छात्रों को मिलेगी जिनके पास 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता का वैध प्रमाणपत्र तथा यूनीक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) होगी। हालांकि, सीयूईटी (पीजी) में पहले से PwBD श्रेणी का लाभ ले चुके अभ्यर्थी अपनी श्रेणी नहीं बदल सकेंगे।

Monday, June 1, 2026

जेईई एडवांस्ड रिजल्ट में शुभम कुमार ने किया टॉप, लड़कियों में आरोही को मिली रैंक 1

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की (IIT Roorkee) द्वारा आज यानी 1 जून को जेईई एडवांस रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। परिणाम की घोषणा ऑनलाइन माध्यम से ऑफिशियल वेबसाइट jeeadv.ac.in पर की गई है। परीक्षा में भाग लेने वाले स्टूडेंट्स साइट पर जाकर या सीधे इस पेज पर दिए डायरेक्ट लिंक से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

जेईई एडवांस एग्जाम 2026 में आईआईटी दिल्ली जोन के शुभम कुमार ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करके टॉप किया है। उन्होंने 360 में से 330 अंक (CRL 1) हासिल कर यह मुकाम हासिल किया है।

जेईई एडवांस एग्जाम में कुल 56880 स्टूडेंट्स ने सफलता प्राप्त की है जिसमें से लड़कियों की संख्या 10107 है। इन सभी गर्ल्स में दिल्ली जोन से परीक्षा देने वाली आरोही देशपांडे ने देश में टॉप किया है। उन्होंने 360 में से 280 अंक (CRL 77) प्राप्त करके यह मुकाम हासिल किया। आपको बता दें कि जेईई एडवांस एग्जाम से पहले आरोही ने जेईई मेन में भी ऑल इंडिया रैंक (AIR) 99 हासिल की थी।

इस बार जेईई एडवांस के लिए कुल 187389 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। इसमें से 179694 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी जिसमें से 56880 स्टूडेंट्स ने एग्जाम क्वालीफाई किया है। इसमें से मेल स्टूडेंट्स की संख्या 46773 वहीं फीमेल स्टूडेंट्स की संख्या 10107 है।

जेईई एडवांस एवं फाइनल आंसर की ऑफिशियल वेबसाइट https://jeeadv.ac.in/ पर जारी हुआ है। आप सीधे साइट पर जाकर या नीचे दिए जा रहे डायरेक्ट लिंक से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं और साथ ही फाइनल उत्तर कुंजी भी प्राप्त कर सकते हैं।



दिल्ली विश्वविद्यालय ने NCWEB की पहली कट-ऑफ सूची जारी, 28 जुलाई से शुरू होगी ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नॉन-कॉलेजिएट विमेन एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) के अंतर्गत संचालित बी.ए. (प्रोग्राम) ...

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Latest News दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉन-कॉलेजिएट विमेन्स एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक प्रवेश का कार्यक्रम जारी कर दिया है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 8 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगी...